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पशु डेयरियों की बजाय नालियों व सड़कों से उठाया गोबर, चार माह में बनाया 85 लाख का बिल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Mar 2022 02:03 AM IST
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Instead of animal dairies, cow dung was raised from drains and roads, a bill of 85 lakhs made in four months
यमुनानगर। दड़वा, रायपुर, औरंगाबाद व कैल डेयरी कांप्लेक्स से चार माह (मई से अगस्त 2021) में गोबर उठाने का 85 लाख रुपये बिल ठेकेदार ने नगर निगम को भेज दिया। 85 लाख रुपये की अदायगी के लिए प्रस्ताव 24 मार्च को होने वाली नगर निगम हाउस की बैठक में आएगा। डेयरी संचालकों का कहना है कि ठेकेदार के कर्मचारियों ने गोबर केवल डेयरी कांप्लेक्स की नालियों व सड़कों से ही उठाया। पशु डेयरियों के अंदर से गोबर उठाने की जहमत नहीं उठाई गई। इसलिए लोग भी डेयरियों से गोबर निकाल कर नालियों व सड़कों पर बहाते रहे। वहीं हाउस की बैठक में डेयरी कांप्लेक्स में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव भी लाया जा रहा है। एसटीपी लगाने पर एक करोड़ 82 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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डेयरी कांप्लेक्स से गोबर उठाने के लिए नगर निगम की तरफ से 75 पैसे वर्ग फुट की दर से पशु डेयरी पर चार्ज लगाया गया था। हालांकि अब तक निगम ने डेयरी संचालकों से यह चार्ज नहीं लिया है। ठेकेदार को ठेकेदार को टेंडर देते समय अनुमान लगाया था कि चारों डेयरी कांप्लेक्स से 600 टन गोबर सालाना निकलता है। ठेकेदार को 525 रुपये प्रति टन की दर से ठेका दिया गया। अब हाउस में जो पेमेंट जारी करने को लेकर जो प्रस्ताव आ रहा है उसमें कहा गया है कि चारों चारों डेयरी कांप्लेक्स से सालाना केवल 110 टन ही गोबर निकलता है। निगम अधिकारी डेेयरी कांप्लेक्स से गोबर उठाने पर चार महीनों में ही लाखों रुपये भले ही खर्च कर चुके हैं परंतु हकीकत अब भी किसी से छिपी नहीं है। रविवार को भी दड़वा डेयरी कांप्लेक्स की सड़कों पर कई फुट गंदा पानी बह रहा था।
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ठेकेदार के काम पर कोई निगरानी नहीं
चारों डेयरी कांप्लेक्स से ठेकेदार के कर्मचारियों ने जब गोबर उठाया तो उसके काम पर किसी ने निगरानी नहीं की। डेयरी संचालकों के अनुसार जब गोबर को नालियों व सड़कों से उठाया जाता है तो उसमें पानी मिला होता है। इससे गोबर का वजन बढ़ जाता है। दूसरा दड़वा के पास ईंट भट्ठे हैं। मानसून सीजन में भट्ठों का सारा पानी डेयरी कांप्लेक्स से ही जाता है। इस तरह ईंट भट्ठों की मिट्टी भी डेयरी कांप्लेक्स में ही बहती है। गोबर के साथ कितने पानी व मिट्टी की तुुलाई की गई इसका कोई रिकार्ड नहीं है।
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2004 में काटे गए थे प्लॉट
शहर में चल रही पशु डेयरियों को कांप्लेक्स में शिफ्ट करने की कवायद 19 साल पहले शुरू हुई थी। वर्ष 2004 में औरंगाबाद, कैल, रायपुर व दड़वा कांप्लेक्स में डेयरियों के लिए प्लॉट काटे गए। वर्ष 2009-10 में डेयरी संचालकों को प्लाटों की अलाटमेंट हुई। लोगों ने प्लॉटों में निर्माण भी किया परंतु कई साल तक शहर में चल रही डेयरियां बाहर शिफ्ट नहीं हुई।
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चारों डेयरी कांप्लेक्स में डेयरी व पशुओं की संख्या:
कांप्लेक्स डेयरी एकड़ पशु
दड़वा 262 20 3200-3500
रायपुर 123 09 950-1000
औरंगाबाद 109 09 700-800
कैल 157 06 650-700
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