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Yamuna Nagar News: सत्संग में श्रद्धालुओं को बताया जीवन में ज्ञान का महत्व

Mon, 01 Dec 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 01 Dec 2025 12:19 AM IST
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Importance of knowledge in life was told to the devotees in the satsang
 सत्संग के दौरान प्रवचन करतीं सा​ध्वी। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम हनुमान गेट में रविवार को साप्ताहिक सत्संग हुआ। सत्संग में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सरस्वती भारती ने जीवन में ज्ञान का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि जीवन में अज्ञानता के अंधकार का एहसास न होना जीवन में ज्ञान के न होने से अधिक भयावह है।
उन्होंने कहा कि आशुतोष महाराज कहते हैं कि मनुष्य के जीवन में ज्ञान जीवन के लिए प्राण की तरह आवश्यक है। चूंकि बिना प्राण के शरीर को कितना भी सुसज्जित क्यों न कर लिया जाए वह मृत देह दुर्गंध युक्त ही रहती है। इसी प्रकार बिना ज्ञान के मानव जीवन कभी संपूर्ण नहीं हो सकता है। ज्ञान वह प्रकाश है, जिसके आने से जीवन में भ्रम, दुविधा एवं स्वार्थ का अंधकार सदा के लिए समाप्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस ज्ञान के प्रकाश का स्रोत स्वयं गुरुदेव रूपी सूर्य हैं जो मनुष्य के जीवन में आते ही उसके जीवन से विकारों व संशय रूपी अंधेरे को नष्ट कर देते हैं। इस संसार में गुरु रूपी सूर्य संपूर्ण मानव जाति के कल्याण हेतु उदय होते हैं। किंतु दुर्भाग्यवश सभी उनके लिए अपने हृदय कपाट नहीं खोल पाते और अपने जीवन को अज्ञानता के अंधेरे में ही समाप्त कर देते हैं। यहां प्रश्न है कि ज्ञान किसे कहा जाता है।
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उन्होंने कहा कि ज्ञान की चर्चा करना अथवा वेद शास्त्रों में ज्ञान की स्तुति को पढ़ लेना पर्याप्त नहीं है, जब तक ज्ञान की अनुभूति अंतःकरण में न हो जाए। चूंकि ज्ञान की जानकारी से हम विद्वान अथवा अच्छे प्रवक्ता तो बन सकते हैं। ज्ञान की अनुभूति के बिना जीवन में परिवर्तन घटित नहीं हो सकता है। जब आत्मा अपने वास्तविक स्वरूप को पहचान लेती है उसी को वास्तविक ज्ञान कहा जाता है, चूंकि आत्म ज्ञान ही ब्रह्मज्ञान का आधार है। साध्वियों ने भजनों से गुरु व ईश्वर की महिमा का गुणगान किया।

 सत्संग के दौरान प्रवचन करतीं साध्वी। आयोजक

 सत्संग के दौरान प्रवचन करतीं साध्वी। आयोजक

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