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तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल पर असर हो तो पोटेशियम नाइट्रेट का करें छिड़काव : प्रीति
Tue, 10 Mar 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 10 Mar 2026 01:29 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीसी प्रीति ने विज्ञप्ति के माध्यम से किसानों को बढ़ते तापमान को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने के कारण गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अधिक तापमान के कारण दानों के भराव की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे दाने छोटे और हल्के रह जाते हैं और कुल उत्पादन में कमी आने की संभावना रहती है।
डीसी ने कहा कि यदि दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाए तो गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए किसान 2 प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव करें। इसके लिए दो किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट को 100 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ फसल पर छिड़काव किया जा सकता है। पछेती बोई गई गेहूं की फसल में 10 दिन के अंतराल पर दो बार इसका छिड़काव किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बढ़ते तापमान के प्रभाव को कम करने के लिए खेत में आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करते रहें, ताकि खेत में नमी बनी रहे। तेज हवा चलने के दौरान सिंचाई न करें, क्योंकि इससे फसल गिरने का खतरा बढ़ सकता है। जिन क्षेत्रों में स्प्रिंकलर से सिंचाई की जाती है, वहां दोपहर के समय फव्वारे चलाने से खेत का तापमान कम किया जा सकता है। फसल संबंधी अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि वैज्ञानिकों से 9416397736, 9813078155, 9466667212 और 9416320888 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
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यमुनानगर। डीसी प्रीति ने विज्ञप्ति के माध्यम से किसानों को बढ़ते तापमान को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने के कारण गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अधिक तापमान के कारण दानों के भराव की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे दाने छोटे और हल्के रह जाते हैं और कुल उत्पादन में कमी आने की संभावना रहती है।
डीसी ने कहा कि यदि दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाए तो गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए किसान 2 प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव करें। इसके लिए दो किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट को 100 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ फसल पर छिड़काव किया जा सकता है। पछेती बोई गई गेहूं की फसल में 10 दिन के अंतराल पर दो बार इसका छिड़काव किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बढ़ते तापमान के प्रभाव को कम करने के लिए खेत में आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करते रहें, ताकि खेत में नमी बनी रहे। तेज हवा चलने के दौरान सिंचाई न करें, क्योंकि इससे फसल गिरने का खतरा बढ़ सकता है। जिन क्षेत्रों में स्प्रिंकलर से सिंचाई की जाती है, वहां दोपहर के समय फव्वारे चलाने से खेत का तापमान कम किया जा सकता है। फसल संबंधी अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि वैज्ञानिकों से 9416397736, 9813078155, 9466667212 और 9416320888 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
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