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Yamuna Nagar News: विज्ञान प्रदर्शनी में छाए सरकारी स्कूल के विद्यार्थी, निजी स्कूल पिछड़े
Thu, 17 Oct 2024 06:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 17 Oct 2024 06:01 AM IST
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जगाधरी। विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रूझान पैदा करने के लिए स्कूलों में शिक्षा विभाग की ओर से विभिन्न गतिविधियां करवाई जा रही हैं। इसके लिए स्कूलों में साइंस ड्रामा, प्रश्नोत्तरी, प्रदर्शनी, निबंध प्रतियोगिता सहित अन्य गतिविधियां करवाई जा रही हैं। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग की ओर से खंड स्तर पर विज्ञान प्रदर्शनी करवाई जा रही है। इसकी शुरुआत बुधवार से खंड बिलासपुर से की गई। इस दौरान बिलासपुर खंड के राजकीय सहित हरियाणा बोर्ड से संबंधित स्कूलों ने भाग लिया। इस दौरान राजकीय स्कूलों का प्रदर्शन बेहतरीन रहा।
खंड स्तरीय प्रदर्शनी प्रतियोगिता के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कुल सात विषय दिए गए थे। विद्यार्थियों को इन सात विषयों पर अपने मॉडल्स प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को भोजन स्वास्थ्य और स्वच्छता, परिवहन और संचार, प्राकृतिक खेती, आपदा प्रबंधन, गणितीय मॉडलिंग और कम्प्यूटेशनल सोच, कचरे का प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन विषय दिए गए थे। इस दौरान किसी स्कूल के विद्यार्थियों ने आपदा प्रबंधन विषय पर मॉडल प्रस्तुत नहीं किया। प्रदर्शनी में खंड के राजकीय एवं निजी कुल 30 स्कूलों ने भाग लिया। इस दौरान निजी स्कूल फिसड्डी साबित हुए और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अव्वल रहे। प्रतियोगिता में तरुण कुमार, आस्था श्रीवास्तव और सोनम रानी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। खंड स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता जिलास्तरीस्पिर्धा में भाग लेंगे।
प्रदर्शनी में यह बने विजेता
भोजन स्वास्थ्य और स्वच्छता विषय में राजकीय उच्च विद्यालय हैबतपुर के वंश ने पहला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर की ईशा ने दूसरा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंगलौर के गौरव ने तीसरा स्थान पाया। वहीं, परिवहन एवं संचार में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर महनूर ने पहला स्थान पाया। जबकि राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर की सीमा ने दूसरा और राजकीय उच्च विद्यालय हैबतपुर की ज्योति ने तीसरा स्थान पाया। प्राकृतिक खेती में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर की रिद्धिमा ने पहला, राजकीय उच्च विद्यालय रामपुर हदिया के ऋतिक ने दूसरा और राजकीय उच्च विद्यालय हैबतपुर के अभि सहगल ने तीसरा स्थान पाया। गणितीय मॉडलिंग और कम्प्यूटेशनल सोच विषय में राजकीय आर्दश वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बिलासपुर की चक्षुका प्रथम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर के हरप्रीत ने दूसरा और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर के अरुण ने तीसरा स्थान पाया। कचरा प्रबंधन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीटा की वंशिका प्रथम, राजकीय उच्च विद्यालय हैबतपुर की वैशाली द्वितीय रही। संसाधन प्रबंधन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर की साझी ने पहला स्थान पाया।
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पुरस्कार के लिए राशि पड़ी कम
विभाग के आदेशों पर खंड स्तरीय प्रदर्शनी प्रतियोगिता शुरू करवा दी गई है पर अभी तक अधिकारियों के पास इसके लिए पूरा फंड नहीं भेजा गया है। प्रदर्शनी के लिए 15000 रुपये का फंड निर्धारित है। जबकि विभाग की ओर से अभी तक मात्र सात हजार रुपये भेज गए हैं। इस दौरान सात विषयों के प्रत्येक प्रथम विजेताओं के लिए 500 रुपये, द्वितीय विजेता के लिए 400 रुपये और तृतीय विजेता के लिए 300 रुपये पुरस्कार दिया जाता है। बजट के 15000 रुपये में से 8400 रुपये इनाम राशि में दिए जाने थे लेकिन विभाग की ओर से मात्र 7000 रुपये ही जारी किए गए हैं। ऐसे में प्राचार्य व अध्यापकों को अपनी जेब से पुरस्कार देना पड़ा। इसके अलावा शेष राशि का प्रयोग रिफ्रेशमेंट के लिए किया जाना था। इसका प्रबंध भी अध्यापकों ने अपनी जेब से किया।
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वर्जन
विभाग की ओर से खंडस्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए 15000 रुपये फंड दिया जाता है। अभी सात हजार रुपये जारी किए गए हैं। शेष राशि भी जल्द आ जाएगी। ऐसे खर्च स्कूल अपने स्तर पर ग्रांट से प्रबंध कर सकते हैं। जो बाद में समायोजित कर दिए जाते हैं।
विशाल सिंद्यल, जिला गणित विशेषज्ञ।
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खंड स्तरीय प्रदर्शनी प्रतियोगिता के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कुल सात विषय दिए गए थे। विद्यार्थियों को इन सात विषयों पर अपने मॉडल्स प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को भोजन स्वास्थ्य और स्वच्छता, परिवहन और संचार, प्राकृतिक खेती, आपदा प्रबंधन, गणितीय मॉडलिंग और कम्प्यूटेशनल सोच, कचरे का प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन विषय दिए गए थे। इस दौरान किसी स्कूल के विद्यार्थियों ने आपदा प्रबंधन विषय पर मॉडल प्रस्तुत नहीं किया। प्रदर्शनी में खंड के राजकीय एवं निजी कुल 30 स्कूलों ने भाग लिया। इस दौरान निजी स्कूल फिसड्डी साबित हुए और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अव्वल रहे। प्रतियोगिता में तरुण कुमार, आस्था श्रीवास्तव और सोनम रानी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। खंड स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता जिलास्तरीस्पिर्धा में भाग लेंगे।
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प्रदर्शनी में यह बने विजेता
भोजन स्वास्थ्य और स्वच्छता विषय में राजकीय उच्च विद्यालय हैबतपुर के वंश ने पहला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर की ईशा ने दूसरा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंगलौर के गौरव ने तीसरा स्थान पाया। वहीं, परिवहन एवं संचार में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर महनूर ने पहला स्थान पाया। जबकि राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर की सीमा ने दूसरा और राजकीय उच्च विद्यालय हैबतपुर की ज्योति ने तीसरा स्थान पाया। प्राकृतिक खेती में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर की रिद्धिमा ने पहला, राजकीय उच्च विद्यालय रामपुर हदिया के ऋतिक ने दूसरा और राजकीय उच्च विद्यालय हैबतपुर के अभि सहगल ने तीसरा स्थान पाया। गणितीय मॉडलिंग और कम्प्यूटेशनल सोच विषय में राजकीय आर्दश वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बिलासपुर की चक्षुका प्रथम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर के हरप्रीत ने दूसरा और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर के अरुण ने तीसरा स्थान पाया। कचरा प्रबंधन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीटा की वंशिका प्रथम, राजकीय उच्च विद्यालय हैबतपुर की वैशाली द्वितीय रही। संसाधन प्रबंधन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर की साझी ने पहला स्थान पाया।
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पुरस्कार के लिए राशि पड़ी कम
विभाग के आदेशों पर खंड स्तरीय प्रदर्शनी प्रतियोगिता शुरू करवा दी गई है पर अभी तक अधिकारियों के पास इसके लिए पूरा फंड नहीं भेजा गया है। प्रदर्शनी के लिए 15000 रुपये का फंड निर्धारित है। जबकि विभाग की ओर से अभी तक मात्र सात हजार रुपये भेज गए हैं। इस दौरान सात विषयों के प्रत्येक प्रथम विजेताओं के लिए 500 रुपये, द्वितीय विजेता के लिए 400 रुपये और तृतीय विजेता के लिए 300 रुपये पुरस्कार दिया जाता है। बजट के 15000 रुपये में से 8400 रुपये इनाम राशि में दिए जाने थे लेकिन विभाग की ओर से मात्र 7000 रुपये ही जारी किए गए हैं। ऐसे में प्राचार्य व अध्यापकों को अपनी जेब से पुरस्कार देना पड़ा। इसके अलावा शेष राशि का प्रयोग रिफ्रेशमेंट के लिए किया जाना था। इसका प्रबंध भी अध्यापकों ने अपनी जेब से किया।
वर्जन
विभाग की ओर से खंडस्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए 15000 रुपये फंड दिया जाता है। अभी सात हजार रुपये जारी किए गए हैं। शेष राशि भी जल्द आ जाएगी। ऐसे खर्च स्कूल अपने स्तर पर ग्रांट से प्रबंध कर सकते हैं। जो बाद में समायोजित कर दिए जाते हैं।
विशाल सिंद्यल, जिला गणित विशेषज्ञ।