रादौर में एक युवक को यूरोप भेजने के नाम पर एक ट्रेवल एजेंट ने 2 लाख, 60 हजार रुपये ऐठ लिये। रुपये लेने के बावजूद युवक को युरोप नहीं भेजा गया। प्रभावित युवक के पिता ने ट्रैवल एजेंट से अपने रुपये वापस मांगे। लेकिन आरोपी ने रुपये देने से मना कर दिया। बाद में दबाव पडने पर आरोपी ने युवक के पिता को फर्जी चैक थमा दिये। चैक बाउंस होने पर ट्रेवल एजेंट से प्रभावित युवक के पिता ने अपनी राशि वापस मांगी तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
गांव रपड़ी निवासी महेंद्रपाल ने सीएम विंडो में दी शिकायत में बताया कि वह गांव रपड़ी में खेतीबाड़ी का काम करता है। उसका बेटा अक्षय कुमार (30) बारहवीं पास है और उसने इलेक्ट्रिकल का डिप्लोमा किया है। अच्छे रोजगार के लिए वह अपने बेटे को यूरोप भेजना चाहता था। मेरे रिश्तेदार मनोज ने मामले को लेकर उसकी रादौर निवासी राहुल से मुलाकात करवाई। राहुल ने उन्हे यूरोप भेजने के नाम पर 5 लाख रुपये देने को कहा। जिसके बाद उन्होंने 2 लाख, 60 हजार रुपये नगद उसे दे दिये। बाकी राशि वीजा लगने के बाद देने का करार हुआ। उसके बेटे अक्षय कुमार को यूरोप भेजने के नाम पर सभी कागजात लिये गये। लेकिन कई मही ने बीतने पर भी अक्षय को ट्रैवल एजेंट ने यूरोप नहीं भेजा। जिसके बाद उन्होंने ट्रेवल एजेंट से अपनी लाखों रुपये की राशि वापस मांगी। लेकिन राशि वापस नहीं की गई। दबाव पड़ने पर ट्रेवल एजेंट ने उन्हें एक अपने नाम का 70 हजार रुपये का ओबीसी बैंक लाडवा का चेक दिया। वहीं दूसरा चेक 1 लाख, 90 हजार रुपये का फैडरल बैंक ब्रांच कुरुक्षेत्र का किसी ओर के नाम से दिया गया। बाद में दोनो चेक बाउंस हो गए। जिनमें से एक चेक किसी और के नाम का दिया गया था, जिस पर राहुल ने अपने हस्ताक्षर किए थे। इस प्रकार ट्रेवल एजेंट ने उनके बेटे अक्षय कुमार को यूरोप भेजने के नाम पर उनकी 2 लाख, 60 हजार रूपये की राशि हड़प ली। प्रभावित महेंद्रपाल ने बताया कि वह मामले को लेकर जल्द प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज से भी मिलेंगे ।