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Yamuna Nagar News: दो साल पहले रेल ट्रैक रोकने पर भाकियू जिलाध्यक्ष पर प्राथमिकी
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जगाधरी। ट्रेन ठहराव की मांग के लिए करीब दो साल पहले रेल ट्रैक जाम करने के आरोप में भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना पर रेलवे सुरक्षा बल ने प्राथमिकी दर्ज की है। आरपीएफ की ओर से संजू गुंदियाना के घर के बाहर दीवार पर मामले का नोटिस चस्पा किया गया है। भाकियू की ओर से वर्ष 2024 में मुस्तफाबाद स्टेशन पर ट्रैक जाम किया था। इसके आरोप में आरपीएफ ने प्राथमिकी दर्ज की थी। दो वर्ष बाद आरपीएफ ने अब इसका नोटिस दिया है। संजू ने चेतावनी दी है कि यदि सभी केस रद्द न किए गए तो भाकियू एक बार फिर प्रदर्शन करेगी।
आरपीएफ की इस कार्रवाई से भाकियू के साथ किसानों में भारी रोष है। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने बताया कि मुस्तफाबाद स्टेशन पर पैसेंजर गाड़ियों के ठहराव की मांग को लेकर ग्रामीणों ने 22 फरवरी 2022 को शांति प्रिय तरीके से धरना दिया था। कोरोना संक्रमण के समय ट्रेनें बंद कर दी गई थी परंतु स्थिति सामान्य होने के बाद भी गाड़ियां नहीं चलाई गई थीं। इससे ग्रामीणों, किसानों सहित अन्य लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। इसे लेकर कई बार रेलवे अधिकारियों से बातचीत कर ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में किसानों व ग्रामीणों ने मजबूरन ट्रैक जाम कर रेल यातायात रोक दिया।
ट्रेनों का संचालन रुक जाने पर अंबाला से एडीआरएम हनुमान प्रसाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने ट्रेन के ठहराव का आश्वासन दिया। आश्वासन पर धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया, परंतु दो साल बाद रेलवे सुरक्षा बल को इस मामले की याद आई है। संजू गुंदियाना ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान बातचीत के लिए आए अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि किसी ग्रामीण, किसान व प्रदर्शनकारी पर केस दर्ज नहीं किया जाएगा। अधिकारी अपनी बात से मुकर गए हैं।
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संजू गुंदियाना ने बताया कि उन्हें 10 अप्रैल को बराड़ा आरपीएफ पोस्ट पर हाजिर होने के आदेश दिए गए हैं। वे इसका विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन केस न दर्ज करने की मांग पर समाप्त किया गया था, परंतु अधिकारी अब अपनी बात से मुकर रहे हैं। सूंज गुंदियाना ने कहा कि यदि जल्द ही यह मामला रद्द नहीं किया गया तो भाकियू आंदोलन करेगी।
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आरपीएफ की इस कार्रवाई से भाकियू के साथ किसानों में भारी रोष है। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने बताया कि मुस्तफाबाद स्टेशन पर पैसेंजर गाड़ियों के ठहराव की मांग को लेकर ग्रामीणों ने 22 फरवरी 2022 को शांति प्रिय तरीके से धरना दिया था। कोरोना संक्रमण के समय ट्रेनें बंद कर दी गई थी परंतु स्थिति सामान्य होने के बाद भी गाड़ियां नहीं चलाई गई थीं। इससे ग्रामीणों, किसानों सहित अन्य लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। इसे लेकर कई बार रेलवे अधिकारियों से बातचीत कर ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में किसानों व ग्रामीणों ने मजबूरन ट्रैक जाम कर रेल यातायात रोक दिया।
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ट्रेनों का संचालन रुक जाने पर अंबाला से एडीआरएम हनुमान प्रसाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने ट्रेन के ठहराव का आश्वासन दिया। आश्वासन पर धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया, परंतु दो साल बाद रेलवे सुरक्षा बल को इस मामले की याद आई है। संजू गुंदियाना ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान बातचीत के लिए आए अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि किसी ग्रामीण, किसान व प्रदर्शनकारी पर केस दर्ज नहीं किया जाएगा। अधिकारी अपनी बात से मुकर गए हैं।
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संजू गुंदियाना ने बताया कि उन्हें 10 अप्रैल को बराड़ा आरपीएफ पोस्ट पर हाजिर होने के आदेश दिए गए हैं। वे इसका विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन केस न दर्ज करने की मांग पर समाप्त किया गया था, परंतु अधिकारी अब अपनी बात से मुकर रहे हैं। सूंज गुंदियाना ने कहा कि यदि जल्द ही यह मामला रद्द नहीं किया गया तो भाकियू आंदोलन करेगी।