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Yamuna Nagar News: खेत हो चुके हैं खाली, फिर भी अनाज मंडियों में आ रहा धान
Mon, 10 Nov 2025 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 10 Nov 2025 12:30 AM IST
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जगाधरी अनाज मंडी में सूखती धान की फसल। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खेतों में गेहूं की बिजाई हो रही है। इसके बावजूद मंडियों में अभी भी धान का आना जारी है। मंडियों में रोजाना धान की खरीद हो रही है। मंडियों में एक दिन पहले 129 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। अभी तक मंडियों में 6,72,114 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। किसान आरोप लगा रहे हैं कि मंडियों में दूसरे राज्यों से धान मंगवा कर बेचा जा रहा है। आरोप है कि इस काम में मंडियों के कर्मचारी से लेकर आढ़ती और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मिले हैं।
यही वजह है कि मंडियों में पिछले साल से बहुत ज्यादा धान अभी तक खरीदा जा चुका है। वह भी तब जब बाढ़ की वजह से धान की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ और पैदावार भी कम हुआ। इससे धान की खरीद शक पैदा कर रही है। आठ नवंबर को मंडियों में 129 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। इसमें से खारवन मंडी में 38 एमटी व प्रतापनगर में 92 एमटी धान खरीदा गया।
सात नवंबर को रादौर मंडी में 783 एमटी धान खरीदा गया। छह नवंबर को 3179 एमटी धान खरीदा गया जिसमें से प्रतापनगर में 3152 एमटी व साढौरा मंडी में 27 एमटी धान खरीदा गया। पांच नवंबर को खरीदे गए 2365 एमटी में से व्यासपुर मंडी में 567 एमटी, छछरौली में 1452 एमटी, साढौरा में 346 एमटी धान खरीदा गया। तीन नवंबर को रसूलपुर मंडी में 10 एमटी व साढौरा में 40 एमटी धान की खरीद हुई। एक नवंबर को कुल 692 एमटी धान की खरीद हुई, जिसमें से व्यासपुर मंडी में 596 एमटी, गुमथला राव में 20 एमटी व रादौर मंडी में 76 एमटी धान खरीदा गया।
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अब तक मंडियों में खरीदा गया धान : जिले की सभी 13 मंडियों में 6,72,115 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। इसमें से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 310650 मीट्रिक टन, हैफेड ने 236407 मीट्रिक टन, हरियाणा भंडारण निगम ने 125058 मीट्रिक टन धान की खरीदा है।
व्यासपुर अनाज मंडी में 66266 मीट्रिक टन, छछरौली अनाज मंडी में 83362 मीट्रिक टन, गुमथला राव अनाज मंडी में 9376 मीट्रिक टन, जगाधरी अनाज मंडी में 91020 मीट्रिक टन, जठलाना अनाज मंडी में 3540 मीट्रिक टन, खारवन अनाज मंडी में 5709 मीट्रिक टन, प्रतापनगर अनाज मंडी में 126049 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर अनाज मंडी में 118270 मीट्रिक टन, रादौर अनाज मंडी में 64611 मीट्रिक टन, रणजीतपुर अनाज मंडी में 52189 मीट्रिक टन, रसूलपुर मंडी में 14,471 मीट्रिक टन, साढौरा अनाज मंडी में 36751 मीट्रिक टन, यमुनानगर अनाज मंडी में 501 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है।
धान खरीद की होनी चाहिए जांच : भाकियू
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, निदेशक मंदीप सिंह रोड छप्पर का कहना है कि छछरौली, जगाधरी, छछरौली व प्रतापनगर की मंडियों में ही यूपी व अन्य राज्यों का धान सबसे ज्यादा आता है। अब जो धान आ रहा है, वह भी इन्हीं मंडियों में सबसे ज्यादा बिक रहा है। जिले के खेतों में कहीं भी धान नहीं है। जांच होनी चाहिए कि इन मंडियों में अब धान कहां से आ रहा है।
मंडियों में बाहर का धान नहीं खरीदा जा रहा है। अभी भी किसान धान लेकर मंडियों में आ रहे हैं। मंडियों में अब क्यूआर कोड सिस्टम शुरू कर दिया गया है। किसी तरह की हेराफेरी की संभावना नहीं है। - जतिन मित्तल, डीएफएससी, यमुनानगर।
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यमुनानगर। खेतों में गेहूं की बिजाई हो रही है। इसके बावजूद मंडियों में अभी भी धान का आना जारी है। मंडियों में रोजाना धान की खरीद हो रही है। मंडियों में एक दिन पहले 129 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। अभी तक मंडियों में 6,72,114 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। किसान आरोप लगा रहे हैं कि मंडियों में दूसरे राज्यों से धान मंगवा कर बेचा जा रहा है। आरोप है कि इस काम में मंडियों के कर्मचारी से लेकर आढ़ती और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मिले हैं।
यही वजह है कि मंडियों में पिछले साल से बहुत ज्यादा धान अभी तक खरीदा जा चुका है। वह भी तब जब बाढ़ की वजह से धान की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ और पैदावार भी कम हुआ। इससे धान की खरीद शक पैदा कर रही है। आठ नवंबर को मंडियों में 129 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। इसमें से खारवन मंडी में 38 एमटी व प्रतापनगर में 92 एमटी धान खरीदा गया।
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सात नवंबर को रादौर मंडी में 783 एमटी धान खरीदा गया। छह नवंबर को 3179 एमटी धान खरीदा गया जिसमें से प्रतापनगर में 3152 एमटी व साढौरा मंडी में 27 एमटी धान खरीदा गया। पांच नवंबर को खरीदे गए 2365 एमटी में से व्यासपुर मंडी में 567 एमटी, छछरौली में 1452 एमटी, साढौरा में 346 एमटी धान खरीदा गया। तीन नवंबर को रसूलपुर मंडी में 10 एमटी व साढौरा में 40 एमटी धान की खरीद हुई। एक नवंबर को कुल 692 एमटी धान की खरीद हुई, जिसमें से व्यासपुर मंडी में 596 एमटी, गुमथला राव में 20 एमटी व रादौर मंडी में 76 एमटी धान खरीदा गया।
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अब तक मंडियों में खरीदा गया धान : जिले की सभी 13 मंडियों में 6,72,115 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। इसमें से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 310650 मीट्रिक टन, हैफेड ने 236407 मीट्रिक टन, हरियाणा भंडारण निगम ने 125058 मीट्रिक टन धान की खरीदा है।
व्यासपुर अनाज मंडी में 66266 मीट्रिक टन, छछरौली अनाज मंडी में 83362 मीट्रिक टन, गुमथला राव अनाज मंडी में 9376 मीट्रिक टन, जगाधरी अनाज मंडी में 91020 मीट्रिक टन, जठलाना अनाज मंडी में 3540 मीट्रिक टन, खारवन अनाज मंडी में 5709 मीट्रिक टन, प्रतापनगर अनाज मंडी में 126049 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर अनाज मंडी में 118270 मीट्रिक टन, रादौर अनाज मंडी में 64611 मीट्रिक टन, रणजीतपुर अनाज मंडी में 52189 मीट्रिक टन, रसूलपुर मंडी में 14,471 मीट्रिक टन, साढौरा अनाज मंडी में 36751 मीट्रिक टन, यमुनानगर अनाज मंडी में 501 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है।
धान खरीद की होनी चाहिए जांच : भाकियू
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, निदेशक मंदीप सिंह रोड छप्पर का कहना है कि छछरौली, जगाधरी, छछरौली व प्रतापनगर की मंडियों में ही यूपी व अन्य राज्यों का धान सबसे ज्यादा आता है। अब जो धान आ रहा है, वह भी इन्हीं मंडियों में सबसे ज्यादा बिक रहा है। जिले के खेतों में कहीं भी धान नहीं है। जांच होनी चाहिए कि इन मंडियों में अब धान कहां से आ रहा है।
मंडियों में बाहर का धान नहीं खरीदा जा रहा है। अभी भी किसान धान लेकर मंडियों में आ रहे हैं। मंडियों में अब क्यूआर कोड सिस्टम शुरू कर दिया गया है। किसी तरह की हेराफेरी की संभावना नहीं है। - जतिन मित्तल, डीएफएससी, यमुनानगर।