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ढोल नगाड़ों के साथ टोल प्लाजा से घर वापस जाएंगे किसान
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यमुनानगर। एक साल 13 दिन के बाद किसानों का आंदोलन स्थगित हुआ है। ऐसे में 11 दिसंबर को किसान दिल्ली के अलावा व सभी टोल प्लाजा पर जारी धरने स्थगित कर देंगे। मिल्क टोल प्लाजा से ढोल नगाड़ों के साथ किसान अपने घर वापस जाएंगे। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने सयुंक्त किसान मोर्चा के हवाले से बताया कि किसानों की सभी मांगों को केंद्र सरकार ने मान लिया है। यमुनानगर में मिल्क माजरा टोल बेरियर पर किसानों का धरना जारी था। यहां हर दिन किसान धरने पर बैठ रहे थे। लंगर की व्यवस्था भी धरना स्थल पर ही की हुई थी। मौके पर प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सुढ़ल व अन्य उपस्थित रहे।
लंबे संघर्ष के बाद मिली जीत
आंदोलन स्थगित किए जाने के संबंध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि लंबे त्याग, तपस्या और संघर्ष के बाद यह जीत मिली है। सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लिया है। पूरे देश के किसान-मजदूर की एकता की सामूहिक जीत है। हमें विश्वास था एक दिन किसानों का संघर्ष रंग लाएगा। 26 नवंबर को जिस प्रकार देश का किसान हताश और परेशान होकर दिल्ली चला था, उस दिन से लेकर आज तक का दिन अनेकों प्रकार की बाधाओं का सामना किया। लेकिन हर बार अन्नदाता ने अपनी सच्चाई की लड़ाई को ईमानदारी से लड़ी। यही कारण रहा कि आखिर में सरकार को किसानों की मांग के सामने झुकना पड़ा। गुर्जर ने कहा कि इस पवित्र संघर्ष के आंदोलन में जिला यमुनानगर के सभी इलाकों से हर जाति-धर्म तथा वर्ग व्यवसाय के लोगों ने आगे बढ़कर सहयोग किया है। 11 दिसंबर को किसान एवं समिति के लोग वापस आएंगे।
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लंबे संघर्ष के बाद मिली जीत
आंदोलन स्थगित किए जाने के संबंध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि लंबे त्याग, तपस्या और संघर्ष के बाद यह जीत मिली है। सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लिया है। पूरे देश के किसान-मजदूर की एकता की सामूहिक जीत है। हमें विश्वास था एक दिन किसानों का संघर्ष रंग लाएगा। 26 नवंबर को जिस प्रकार देश का किसान हताश और परेशान होकर दिल्ली चला था, उस दिन से लेकर आज तक का दिन अनेकों प्रकार की बाधाओं का सामना किया। लेकिन हर बार अन्नदाता ने अपनी सच्चाई की लड़ाई को ईमानदारी से लड़ी। यही कारण रहा कि आखिर में सरकार को किसानों की मांग के सामने झुकना पड़ा। गुर्जर ने कहा कि इस पवित्र संघर्ष के आंदोलन में जिला यमुनानगर के सभी इलाकों से हर जाति-धर्म तथा वर्ग व्यवसाय के लोगों ने आगे बढ़कर सहयोग किया है। 11 दिसंबर को किसान एवं समिति के लोग वापस आएंगे।
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