फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Elderly people are ahead in voting, youth are busy with their mobile phones

Yamuna Nagar News: बुजुर्ग मतदान में आगे, युवा मोबाइल में व्यस्त

Sun, 06 Oct 2024 03:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 06 Oct 2024 03:18 AM IST
विज्ञापन
Elderly people are ahead in voting, youth are busy with their mobile phones
राजेश कुमार
विज्ञापन

यमुनानगर।
विधानसभा चुनाव में बूथों पर सबसे ज्यादा मायूस करने वाली तस्वीर थी युवाओं की कम अनुपस्थिति। युवा मतदाताओं ने अपना सारा दिन मोबाइल में रील, वीडियो देखने व चैटिंग में तो बीता दिया और वोट डालने के लिए मतदान केंद्र तक नहीं पहुंचे। इसके विपरीत बुजुर्ग मतदाताओं में एक बार फिर चुनाव को लेकर खासा उत्साह देखा गया। बुजुर्गों ने युवाओं को यह संदेश दिया कि चुनाव का उनके लिए कितना महत्व है। बूथों पर बुजुर्ग मतदाताओं की संख्या ज्यादा रही।
मतदान केंद्रों पर युवा मतदाताओं की संख्या का कम होना इसलिए भी हैरान कर देने वाला है कि क्योंकि प्रशासन व सरकार द्वारा मतदाता जागरूकता के लिए 70 प्रतिशत कार्यक्रम स्कूल, कॉलेजों में ही करवाए जाते हैं। क्योंकि इनमें ज्यादातर वह वोटर होते हैं जिन्होंने 18 साल की उम्र में कदम रखते हुए वोट बनवाया होता है।
विज्ञापन

उनके हाथों में बैनर देकर रैलियां तक निकलवाई जाती हैं ताकि वह अपने गांव, मोहल्ला, कस्बा या वार्ड में लोगों को वोट डालने के लिए जागरूक कर सके। इन रैलियों का असर दूसरों पर तो हो रहा है, लेकिन युवा मतदाताओं पर खुद नहीं हो रहा है। बीमार, उम्र के आखिरी पड़ाव में चलने में असमर्थ होने के बावजूद वोट डालने के लिए बूथ पर गए। कुछ बुजुर्ग दंपति तो ऐसे थे जो एक-दूसरे को सहारा देते हुए बूथों की तरफ वोट डालने के लिए जा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मलिकपुर बांगर गांव की 83 वर्षीय सुलोचना गुप्ता अपने पति के साथ वोट डालने के लिए नाहन से गांव में पहुंची। सुलाेचना अब ठीक से चल नहीं पाती। इसलिए बेटी सीमा का सहारा लेते हुए वोट डालने पहुंची। सुलोचना गुप्ता के पति सरकारी पद पर हिमाचल के नाहन में कार्यरत थे। सेवानिवृति के बाद वहीं रहने लगी, लेकिन वोट डालने आज भी गांव में ही आते हैं।
इसी तरह 75 वर्षीय शकुंतला को काफी समय पहले अदरंग हो गया था। जिस कारण ठीक से खड़ी भी नहीं हो पाती। इसके बावजूद वह अपने पति रामेश्वर के साथ बूथ नंबर 118 पर वोट डालने पहुंची। उन्हें कुर्सी पर बिठाकर पुलिसकर्मी व एक युवक बूथ के अंदर लेकर गए। यह सब शकुंतला के जज्बे को दर्शाने के लिए काफी है।

खनपुरी गांव की नैबो देवी कई माह से बीमार हैं। चलने के लिए किसी न किसी का सहारा लेना पड़ता है। बीमार होने के बावजूद नैबो देवी पति जगीर सिंह का सहारा लेकर तारूवाला गांव में बने बूथ नंबर 88 पर वोट डालने पहुंचीं। बिलासपुर में 92 साल की सावनी देवी इस उम्र में अब ठीक से चलना तो दूर ठीक से बैठ भी नहीं सकती। इसके बावजूद उनके पुत्र एवं बिलासपुर के पूर्व सरपंच चंद्रमोहन कटारिया उन्हें गोद में उठाकर बूथ पर लेकर गए और वोट डलवाया। कुछ बुजुर्ग ऐसे भी थे जो थक कर बूथ पर ही सुस्ताने के लिए बैठ गए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed