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स्कूलों में मिले हिंदू धर्म की शिक्षा, संविधान में लगी रोक हटे : शंकराचार्य
Wed, 01 Mar 2023 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 01 Mar 2023 12:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भारत का संविधान देश में मुसलमानों को मदरसे और ईसाई को अपने स्कूलों में धर्म की शिक्षा देने की अनुमति देता है, परंतु हिंदुओं के मामले में ऐसा नहीं है। हिंदू बहुसंख्यक हैं, फिर भी वह स्कूलों में अपने बच्चों को हिंदू धर्म की शिक्षा नहीं दिला पाते। कारण कि संविधान इसकी इजाजत नहीं देता, इसलिए इस रोक को हटाया जाना चाहिए। यह बात ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने मंगलवार को बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
हरियाणा परिक्रमा के तहत बिलासपुर पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि देशभर में हिंदू राष्ट्र बनाए जाने को लेकर बहुत दिनों से बातें हो रही हैं, परंतु अभी तक किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति और संस्था ने हिंदू राष्ट्र बनाए जाने को लेकर किसी प्रकार का कोई प्रारूप सामने नहीं रखा है। जब तक प्रारूप नहीं होगा तब तक कुछ नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर भारत की ज्योतिष पीठ पर शंकराचार्य बनने के बाद वे क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को जान रहे हैं ताकि उनका निवारण हो सके। इस दौरान पूरे उत्तर भारत में उनके सामने सबसे पहला नाम हरियाणा का आया, क्योंकि हरियाणा के पहले दो अक्षर में हरि का नाम है। वहीं अंत में आना लगा हुआ है, इसलिए वे हरियाणा में आए हैं। उन्हें कहा कि प्रदेश में 22 जिले हैं, जबकि दो जिले और बनने प्रस्तावित हैं। दूसरी ओर भगवान के भी 24 अवतार हैं, इसलिए प्रयास किया जाएगा कि हरियाणा के प्रत्येक जिले में भगवान का एक स्वरूप स्थापित किया जाए। साथ ही उसका एक परिक्रमा पथ बना दिया जाए, जिससे लोग हरियाणा में भगवान के सभी स्वरूपों के दर्शन कर सके।
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कश्मीरी पंडितों को स्थापित करना जरूरी
अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि कश्मीर इतिहास है, यह कश्मीरी पंडितों का स्थान है। यहां से पंडितों को हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। उन्हें पुनः स्थापित किया जाना जरूरी है। प्रदेश में सड़कों पर लावारिस गायों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि गोरक्षा के लिए सरकार जो राशि दे रही है वह गाय की जरूरत के हिसाब से कम है। सरकार को गाय के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि में बढ़ोतरी करनी चाहिए।
सरस्वती नदी के धीरे कार्य पर जताई चिंता
अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि सरस्वती नदी को धरा पर लाने का कार्य निरंतर बनाए रखना जरूरी है। एक बार जोर-शोर से कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन कुछ समय के पश्चात ढील दे दी गई है जो कि सही नहीं है। उन्होंने गंगा की सफाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रतिदिन गंदे नालों से लाखों लीटर दूषित पान गंगा में गिराया जा रहा है।
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बिलासपुर। भारत का संविधान देश में मुसलमानों को मदरसे और ईसाई को अपने स्कूलों में धर्म की शिक्षा देने की अनुमति देता है, परंतु हिंदुओं के मामले में ऐसा नहीं है। हिंदू बहुसंख्यक हैं, फिर भी वह स्कूलों में अपने बच्चों को हिंदू धर्म की शिक्षा नहीं दिला पाते। कारण कि संविधान इसकी इजाजत नहीं देता, इसलिए इस रोक को हटाया जाना चाहिए। यह बात ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने मंगलवार को बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
हरियाणा परिक्रमा के तहत बिलासपुर पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि देशभर में हिंदू राष्ट्र बनाए जाने को लेकर बहुत दिनों से बातें हो रही हैं, परंतु अभी तक किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति और संस्था ने हिंदू राष्ट्र बनाए जाने को लेकर किसी प्रकार का कोई प्रारूप सामने नहीं रखा है। जब तक प्रारूप नहीं होगा तब तक कुछ नहीं होगा।
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उन्होंने कहा कि उत्तर भारत की ज्योतिष पीठ पर शंकराचार्य बनने के बाद वे क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को जान रहे हैं ताकि उनका निवारण हो सके। इस दौरान पूरे उत्तर भारत में उनके सामने सबसे पहला नाम हरियाणा का आया, क्योंकि हरियाणा के पहले दो अक्षर में हरि का नाम है। वहीं अंत में आना लगा हुआ है, इसलिए वे हरियाणा में आए हैं। उन्हें कहा कि प्रदेश में 22 जिले हैं, जबकि दो जिले और बनने प्रस्तावित हैं। दूसरी ओर भगवान के भी 24 अवतार हैं, इसलिए प्रयास किया जाएगा कि हरियाणा के प्रत्येक जिले में भगवान का एक स्वरूप स्थापित किया जाए। साथ ही उसका एक परिक्रमा पथ बना दिया जाए, जिससे लोग हरियाणा में भगवान के सभी स्वरूपों के दर्शन कर सके।
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कश्मीरी पंडितों को स्थापित करना जरूरी
अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि कश्मीर इतिहास है, यह कश्मीरी पंडितों का स्थान है। यहां से पंडितों को हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। उन्हें पुनः स्थापित किया जाना जरूरी है। प्रदेश में सड़कों पर लावारिस गायों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि गोरक्षा के लिए सरकार जो राशि दे रही है वह गाय की जरूरत के हिसाब से कम है। सरकार को गाय के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि में बढ़ोतरी करनी चाहिए।
सरस्वती नदी के धीरे कार्य पर जताई चिंता
अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि सरस्वती नदी को धरा पर लाने का कार्य निरंतर बनाए रखना जरूरी है। एक बार जोर-शोर से कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन कुछ समय के पश्चात ढील दे दी गई है जो कि सही नहीं है। उन्होंने गंगा की सफाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रतिदिन गंदे नालों से लाखों लीटर दूषित पान गंगा में गिराया जा रहा है।