फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Due to lack of sports coaches, private coaching centres are losing money

Yamuna Nagar News: खेलों के कोचों की कमी से निजी कोचिंग सेंटरों में ढीली हो रही जेब

Tue, 06 May 2025 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 06 May 2025 12:25 AM IST
विज्ञापन
Due to lack of sports coaches, private coaching centres are losing money
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। सरकारी स्तर पर खेल कोचों की कमी खिलाड़ियों को खल रही है। ज्यादातर खेलों के लिए खिलाड़ियों को जिले के निजी खेल संस्थानों या दूसरे जिलों का रुख करना पड़ रहा है। इसमें खिलाड़ियों व उनके अभिभावकों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ी चाहकर भी प्रतिभा नहीं निखार पा रहे हैं।
जिले में सरकारी स्तर पर 11 खेलों के कोच हैं। इनमें कुश्ती, फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, कबड्डी, बॉक्सिंग, जूडो, भारोत्तोलन, तलवारबाजी, लॉन टेनिस व खो-खो शामिल हैं। इसके अलावा तेजली खेल परिसर में ही खेलो इंडिया का लघु शूटिंग केंद्र भी है, जहां शूटिंग स्पर्धा की कोचिंग मिल रही है।
विज्ञापन

अब सरकारी, निजी व पंचायत स्तर पर 30 खेल नर्सरियां भी शुरू हुई हैं। इन नर्सरियों में निशुल्क प्रशिक्षण व डाइट सुविधा लेने के लिए खिलाड़ियों की संख्या व आयु वर्ग निर्धारित है। ऐसे में जिन खेलों के कोच नहीं है और सरकारी नर्सरियों में चयनित न होने वालों सहित अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ी जिले के निजी खेल संस्थानों में प्रशिक्षण लेने पर मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकारी कोचों की कमी में शहर से लेकर गांवों में एक के बाद एक निजी खेल संस्थान फलफूल रहे हैं। एक अनुमान मुताबिक जिले में करीब 60 निजी खेल संस्थान हैं, जिनमें करीब 3000 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। ज्यादा परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को आ रही है, जो चाहकर भी निजी कोचिंग नहीं ले पा रहे।

खिलाड़ी शुभम, अभिषेक, रवीन ने बताया कि किशोर व युवा वर्ग में क्रिकेट व वॉलीबॉल का क्रेज है। दोनों खेलों के सरकारी स्तर पर कोच नहीं है। इन खेलों के कोच मिले तो निजी खेल संस्थानों में खिलाड़ियों को फीस न देनी पड़े। साथ ही सरकारी स्तर पर निशुल्क प्रशिक्षण व डाइट खर्च मिल सकता है। सरकार व विभाग को ऐसे खेलों के कोच देने चाहिए, जिनमें किशोर व युवा वर्ग का रुझान अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed