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इग्नू से पर्यावरण अध्ययन में करें एमए : डॉ. धर्मपाल
Sun, 02 Jun 2024 05:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 02 Jun 2024 05:36 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से इच्छुक विद्यार्थी पर्यावरण अध्ययन पाठ्यक्रम में एमए कर सकते हैं। यह जानकारी इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डाॅ. धर्म पाल ने दी। इग्नू के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले की अंतिम तिथि 30 जून है।
उन्होंने बताया कि पर्यावरणीय गिरावट और जलवायु परिवर्तन वैश्विक घटनाएं हैं जहां दुनिया के एक हिस्से में हुई क्रिया दुनिया भर में पारिस्थितिक तंत्र और आबादी को प्रभावित करती है। प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र का वर्तमान क्षरण पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी, जैव विविधता हानि, आदि के रूप में देखा जाता है। एमए (पर्यावरण अध्ययन) कार्यक्रम एक बहुआयामी और एक अंत: विषय दृष्टिकोण के साथ विभिन्न प्रकार की पर्यावरणीय चिंताओं पर जागरूकता पैदा करना है।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप, कार्यक्रम को मॉड्यूलर दृष्टिकोण के साथ पेश किया जा रहा है । अध्ययन के प्रथम वर्ष (पाठ्यक्रम) को पूरा करने के बाद शिक्षार्थी पर्यावरण अध्ययन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त करने के पात्र होंगे। कार्यक्रम पूरा करने के बाद, शिक्षार्थी भारत और दुनिया भर में पर्यावरण और वातावरण स्थिरता संबंधी चिंताओं को दूर करने में निर्णायक भूमिका निभाने में सक्षम होंगे।
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पर्यावरणीय गिरावट के वर्तमान संदर्भ और एसडीजी को पूरा करने के लिए भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं को देखते हुए, इग्नू ने पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं को छूने के लिए एमए (पर्यावरण अध्ययन) पाठ्यक्रम की शुरुआत की है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इग्नू का कॉमन प्रॉस्पेक्टस देखें जोकि इग्नू की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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यमुनानगर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से इच्छुक विद्यार्थी पर्यावरण अध्ययन पाठ्यक्रम में एमए कर सकते हैं। यह जानकारी इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डाॅ. धर्म पाल ने दी। इग्नू के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले की अंतिम तिथि 30 जून है।
उन्होंने बताया कि पर्यावरणीय गिरावट और जलवायु परिवर्तन वैश्विक घटनाएं हैं जहां दुनिया के एक हिस्से में हुई क्रिया दुनिया भर में पारिस्थितिक तंत्र और आबादी को प्रभावित करती है। प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र का वर्तमान क्षरण पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी, जैव विविधता हानि, आदि के रूप में देखा जाता है। एमए (पर्यावरण अध्ययन) कार्यक्रम एक बहुआयामी और एक अंत: विषय दृष्टिकोण के साथ विभिन्न प्रकार की पर्यावरणीय चिंताओं पर जागरूकता पैदा करना है।
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नई शिक्षा नीति के अनुरूप, कार्यक्रम को मॉड्यूलर दृष्टिकोण के साथ पेश किया जा रहा है । अध्ययन के प्रथम वर्ष (पाठ्यक्रम) को पूरा करने के बाद शिक्षार्थी पर्यावरण अध्ययन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त करने के पात्र होंगे। कार्यक्रम पूरा करने के बाद, शिक्षार्थी भारत और दुनिया भर में पर्यावरण और वातावरण स्थिरता संबंधी चिंताओं को दूर करने में निर्णायक भूमिका निभाने में सक्षम होंगे।
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पर्यावरणीय गिरावट के वर्तमान संदर्भ और एसडीजी को पूरा करने के लिए भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं को देखते हुए, इग्नू ने पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं को छूने के लिए एमए (पर्यावरण अध्ययन) पाठ्यक्रम की शुरुआत की है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इग्नू का कॉमन प्रॉस्पेक्टस देखें जोकि इग्नू की वेबसाइट पर उपलब्ध है।