फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   District civil hospital worth Rs 105 crore lags behind in conducting deliveries

Yamuna Nagar News: 105 करोड़ का जिला नागरिक अस्पताल प्रसव कराने में पिछड़ा

Fri, 20 Jun 2025 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 20 Jun 2025 12:38 AM IST
विज्ञापन
District civil hospital worth Rs 105 crore lags behind in conducting deliveries
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। करीब 105 करोड़ रुपये का जिला नागरिक अस्पताल प्रसव कराने में अपने से छोटे अस्पताल से पिछड़ गया है। वहीं उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी आगे निकल गया है। इस साल पांच माह में जिला अस्पताल में 587 प्रसव हुए। वहीं इसके विपरीत इस दौरान जगाधरी के अस्पताल 2081 डिलीवरी हो चुकी हैं।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल का चार मंजिला नया भवन दो साल पहले ही 105 करोड़ रुपये से बना था। जाहिर सी बात है कि इतनी मोटी रकम खर्च की गई है तो इस अस्पताल में सुविधाएं भी ज्यादा मिलती होंगी। जिला नागरिक अस्पताल में छोटे अस्पताल में इतनी कम डिलीवरी क्यों हो रही हैं यह जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की तरफ से कोई प्रयास नहीं किया गया। इस विषय पर कोई चिंतन भी नहीं हुआ।
विज्ञापन

ऐसा भी नहीं है कि जगाधरी के अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए गायनी डॉक्टरों की संख्या ज्यादा हो। दोनों अस्पताल में केवल एक-एक गायनी डॉक्टर हैं। जगाधरी में डॉ. गीतांजलि और यमुनानगर में डॉ. दिशा हैं। जिला अस्पताल में रोजाना औसतन चार गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी हो रही है, वहीं जगाधरी अस्पताल में रोजाना 14 का आंकड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बरामदे में लगाना पड़ता है बेड
जगाधरी अस्पताल केवल 50 बेड का है। इसका भवन भी कई साल पुराना है। जगाधरी में एक मंजिला अस्पताल है तो यमुनानगर में चार मंजिला अस्पताल के दो ब्लॉक हैं। जगाधरी अस्पताल में मरीज ज्यादा होने से जगह की कमी पड़ती है। डिलीवरी के बाद गर्भवतियों आसानी से बेड नहीं मिलता। इस पर बेड बरामदे में लगाने पड़ते हैं। कई बार तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि एक बेड पर दो महिलाओं को लिटाना पड़ जाता है।

यह सही है कि जगाधरी अस्पताल में भवन पुराना है और जगह का भी अभाव है। इसके बावजूद गर्भवतियों को दी जाने वाली सुविधाओं से कोई समझौता नहीं किया जाता। जब किसी को बेड नहीं मिलता तो फोल्डिंग बेड लगवाने पड़ते हैं। हमारे अस्पताल में स्टाफ का व्यवहार बहुत अच्छा है। सभी को सख्त निर्देश हैं कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। - डॉ. अनुज मंगला, एमएस, उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed