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24 घंटे के भीतर गिरफ्तार हुए पूर्व मंत्री निर्मल सिंह, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

Fri, 27 Apr 2018 01:00 AM IST
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:00 AM IST
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24 घंटे के भीतर गिरफ्तार हुए पूर्व मंत्री निर्मल सिंह, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
24 घंटे के भीतर गिरफ्तार हुए पूर्व मंत्री निर्मल सिंह, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
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-10 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी अगली पेशी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/खिजराबाद।
बेलगढ़ में रास्ते को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने पूर्व मंत्री निर्मल सिंह को वीरवार देर रात उनके खिल्लावाला स्थित फार्म हाउस से गिरफ्तार कर लिया। उनके फार्म हाउस के कर्मचारी छोटा असलम को पुलिस ने वीरवार रात को गिरफ्तार किया था। दोनों को शुक्रवार दोपहर बिलासपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पूर्व मंत्री के पक्ष में कोर्ट परिसर के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे।
पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के वकील एडवोकेट खुराना ने बताया कि पूर्व मंत्री व उनके कर्मचारी छोटा असलम को पुलिस ने बिलासपुर कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने वह रिवॉल्वर भी पेश की, जिससे गोली चलने की बात कही जा रही है। पुलिस की ओर से दोनों को रिमांड पर लेने की कोई कोशिश नहीं की गई, जिसके बाद जज ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस केस में अगली पेशी 10 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी।
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एक्सपर्ट व्यू-
पॉलिटिकल प्रेशर होने पर ही हत्या के प्रयास के आरोपी को 24 घंटे में किया जाता है गिरफ्तार : एडवोकेट गोडियान
एडवोकेट गोडियान ने बताया कि आईपीसी की धारा 307 संगीन जुर्म में लगाई जाती है। यदि आरोपी की इंटेंशन जान से मारने की होती है तो इस धारा को लगाया जाता है। पुलिस कई बार इस धारा को इसलिए भी लगाती है कि आरोपी को कोर्ट से जमानत न मिल पाए। गोतस्करी के मामलों में अकसर पुलिस गो तस्करों पर भी धारा 307 लगाती है। किसी आरोपी के खिलाफ धारा 307 लगाने के बाद उनकी इतनी जल्दी गिरफ्तार नहीं होती है। अक्सर 307 के मामलों में पुलिस 24 घंटे में आरोपी को तभी गिरफ्तार करती है, जब मामला बहुत संगीन हो या फिर पॉलिटिकल प्रेशर हो। पूर्व मंत्री निर्मल सिंह की 24 घंटे में गिरफ्तारी पॉलिटिकल प्रेशर प्रतीत हो रही है।
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रास्ते को लेकर बना हुआ है असमंजस
बेलगढ़ में जिस रास्ते को लेकर विवाद हुआ, वहां पूर्व मंत्री व अन्य किसानों की जमीनें लगती हैं। इस जमीन के पास ही आने-जाने का रास्ता बताया जा रहा है। यहां जमीन की काफी लंबे समय से पैमाइश नहीं हुई है। इस कारण रास्ता किस जगह पर है, इस पर असमंजस बना हुआ है। कन्यावाला के सरपंच सुनील ने बताया कि जिस रास्ते को लेकर झगड़ा हुआ है वह स्पष्ट नहीं है कि कहां है। जगह की पैमाइश के बाद ही पता चल पाएगा कि यह रास्ता किसकी जमीन में से होकर निकलता है। रेवेन्यू रिकॉर्ड में पंचायत के 144 नंबर पर पंचायत का रास्ता तो जरूर दर्ज है लेकिन पैमाइश के बाद ही पता चलेगा कि वह कहां है। प्राप्त सूत्रों के अनुसार यहां कोई रास्ता नहीं है।

बेलगढ़ में फल-फूल रहा अवैध खनन
बेलगढ़ में खनन सामग्री बढ़िया किस्म की मिलती है। बेलगढ़ को छोड़ अन्य जगहों पर खनन के लिए जगह नहीं रही। अवैध खनन करने वालों ने दित रात अवैध खनन करके निजी जमीनों को भी खोद डाला है और कई फुट गहरी खाइयां बना दी हैं। प्रशासन नेे बेलगढ़ में खनन करने की मंजूरी नहीं दी है। इसके बावजूद वहां पर दिन रात अवैध खनन किया जा रहा है। कई लोग बेलगढ़ में यमुना नदी के किनारे लगे स्क्रीनिंग प्लांट भी बेलगढ़ नदी से खनन कर अपना कारोबार चला रहे थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यहां अवैध रूप से चल रहे पांच स्क्रीन प्लाटों को सील कर चुका है।

कोर्ट परिसर के बाहर जुटे 250 कार्यकर्ता, 25 मिनट तक लगाते रहे नारे
बिलासपुर। निर्मल सिंह की पेशी को लेकर न्यायालय परिसर बिलासपुर में पहली बार ऐसा माहौल देखने को मिला। मुख्य मार्ग से गुजरने वाला प्रत्येक राहगीर न्यायालय परिसर के आगे रुककर मामले को पूछता नजर आया। न्यायालय परिसर बिलासपुर में सुबह पूर्व मंत्री निमल सिंह की पेशी की खबर लगते ही धीरे-धीरे कांग्रेस कार्यकर्ता जमा होने शुरू हो गए। लगभग 12 तक करीब 250 कांग्रेसी हाथों में झंडे उठाए न्यायालय परिसर के मुख्य गेट के समक्ष प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल डीएसपी रणधीर सिंह की मौजूदगी में तैनात रहा। दोपहर एक बजे के बाद न्यायालय परिसर के मुख्य गेट को बंद कर परिसर में वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया। दो बजकर 30 मिनट पर पुलिस पूर्व मंत्री को लेकर कोर्ट परिसर मेें पहुंची। जैसे ही निर्मल सिंह गाड़ी से उतरे, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी जिंदाबाद कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। कोर्ट परिसर में निर्मल सिंह के साथ उनकी बेटी चित्रा व बेटा सोनू, उनके अधिवक्ता पी खुराना पहली मंजिल पर जेएमआईसी विनोद कुमार की अदालत में पेश हुए। लगभग 25 मिनट तक चली कार्रवाई के दौरान मुख्य गेट के आगे खड़े कांग्रेसी नारे लगाते रहे।

पूर्व मंत्री के पक्ष में एकजुट हुए कांग्रेस के सभी धड़े
-पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी मैदान में उतरे-
-आज एसपी और डीसी से मिलेंगे कांग्रेसी कार्यकर्ता-
यमुनानगर। पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होने व 24 घंटे के भीतर उनकी गिरफ्तारी होने से इस मामले पर राजनीतिक रंग चढ़ने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी अपने साथी पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के पक्ष में आ खड़े हुए हैं। वहीं, कांग्रेस के सभी विरोधी गुट भी निर्मल सिंह मामले में एक हो गए हैं। पूर्व मंत्री को बिलासपुर कोर्ट में पेश करने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोर्ट परिसर के बाहर काफी देर सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उधर, कांग्रेेस नेता व कार्यकर्ता इस मामले को लेकर शुक्रवार को डीसी व एसपी से मिलेंगे और इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेेंगे।

पूरी कांग्रेस टीम करेगी विरोध, पूर्व मंत्री को दिलाएंगे इंसाफ : पूर्व मुख्यमंत्री
भाजपा सरकार में कांग्रेस कार्यकताओं के साथ नाजायज किया जा रहा है। पूर्व राजस्व मंत्री निर्मल सिंह अपनी जमीन में अवैध खनन नहीं होने देते थे। इसका वह शुरू से ही विरोध करते आ रहे था। भाजपा सरकार ने अवैध खनन करने वालों को संरक्षण देकर अवैध खनन के कारोबार में बढ़ोतरी करवाई है। भाजपा सरकार के इशारे पर ही पूर्व मंत्री के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाकर उनको फंसाया गया है। पूरी कांग्रेस टीम इसका विरोध करेगी। पूर्व मंत्री को इंसाफ दिलावकर रहेंगे।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री

मामला राजनीति से प्रेरित : एआईसीसी मैंबर
पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होने व फिर उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। भाजपा सरकार और उनके मंत्री धक्काशाही कर रहे हैं। इस मामले की जांच होनी चाहिए और सच प्रदेश की जनता के सामने आना चाहिए।
श्याम सुंदर बत्तरा, सदस्य, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी व सैलजा समर्थक

एसपी व डीसी से मिलकर करेेंगे निष्पक्ष जांच की मांग : कांग्रेस प्रदेश सचिव
पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के खिलाफ सरकार के इशारे पर मामला दर्ज किया गया है। वह शुरू से ही क्षेत्र में अवैध खनन का विरोध करते आ रहे हैं। इस मामले पर सभी कांग्रेस कार्यकर्ता एक है। शुक्रवार को डीसी व एसपी से मिलकर इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।

भूपेंद्र राणा, प्रदेश सचिव, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी

पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। भाजपा सरकार अब ताकत के बल पर अपने विरोधियों को दबाना चाहती है। यदि पूर्व मंत्री के खिलाफ दर्ज किया गया मामला वापस न लिया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेंगे।
गुरदयालपुरी, सदस्य, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी
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