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फर्टीलाइजर कंपनी के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया
Updated Wed, 09 Aug 2017 12:53 AM IST
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फर्टिलाइजर कंपनी के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर डॉ. राकेश जांगड़ा ने प्लाइवुड फैक्टरी में खेती में प्रयोग होने वाला यूरिया सप्लाई करने के आरोप में एक फर्टिलाइजर कंपनी के खिलाफ थाना जठलाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर डा. राकेश जांगड़ा ने बताया कि जून 2017 को नाहरपुर स्थित मैंने एक फैक्टरी में छापा मारा तो वहां से 25 किलो पैकिंग वाले यूरिया पाउडर के 160 कट्टे मिले थे। तब इसके सैंपल लेकर करनाल स्थित लैब में जांच के लिए भेज दिए थे। कट्टों पर निर्माता कंपनी का नाम नहीं था। उन पर सिर्फ ब्रांड फिक्स लिखा हुआ था। अब सैंपल की जो रिपोर्ट आई है उसमें खुलासा हुआ है कि फैक्टरी में पकड़ा गया यूरिया टेक्निकल न होकर नीम लेपित यूरिया यानी खेतों में प्रयोग होने वाला था। फैक्टरी मालिक सुशील से अधिकारियों को बताया कि उसने ये कट्टे मैं. मासा इंडिया ग्रांट लेन कोलकाता से खरीदे थे। कंपनी के डीलर ने इसे केमिकल बताकर उसे बेचा था। इससे ग्लू आसानी से बन जाता है। अधिकारियों ने यूरिया सप्लाई करने वाली कंपनी को कई नोटिस दिए परंतु एक भी जवाब नहीं आया। प्रोपराइटर का नंबर भी बंद आने लगा।
क्वालिटी कंट्रोल आफिसर डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि कोलकाता की कंपनी के मालिक प्रदीप कनोई के खिलाफ थाना जठलाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज करवा दिया है। इस मामले में आगामी कार्रवाई थाना जठलाना पुलिस द्वारा की जाएगी।
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर डॉ. राकेश जांगड़ा ने प्लाइवुड फैक्टरी में खेती में प्रयोग होने वाला यूरिया सप्लाई करने के आरोप में एक फर्टिलाइजर कंपनी के खिलाफ थाना जठलाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर डा. राकेश जांगड़ा ने बताया कि जून 2017 को नाहरपुर स्थित मैंने एक फैक्टरी में छापा मारा तो वहां से 25 किलो पैकिंग वाले यूरिया पाउडर के 160 कट्टे मिले थे। तब इसके सैंपल लेकर करनाल स्थित लैब में जांच के लिए भेज दिए थे। कट्टों पर निर्माता कंपनी का नाम नहीं था। उन पर सिर्फ ब्रांड फिक्स लिखा हुआ था। अब सैंपल की जो रिपोर्ट आई है उसमें खुलासा हुआ है कि फैक्टरी में पकड़ा गया यूरिया टेक्निकल न होकर नीम लेपित यूरिया यानी खेतों में प्रयोग होने वाला था। फैक्टरी मालिक सुशील से अधिकारियों को बताया कि उसने ये कट्टे मैं. मासा इंडिया ग्रांट लेन कोलकाता से खरीदे थे। कंपनी के डीलर ने इसे केमिकल बताकर उसे बेचा था। इससे ग्लू आसानी से बन जाता है। अधिकारियों ने यूरिया सप्लाई करने वाली कंपनी को कई नोटिस दिए परंतु एक भी जवाब नहीं आया। प्रोपराइटर का नंबर भी बंद आने लगा।
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क्वालिटी कंट्रोल आफिसर डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि कोलकाता की कंपनी के मालिक प्रदीप कनोई के खिलाफ थाना जठलाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज करवा दिया है। इस मामले में आगामी कार्रवाई थाना जठलाना पुलिस द्वारा की जाएगी।
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