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Yamuna Nagar News: कैंटीन बनी महिलाओं की आय का जरिया
Sat, 07 Mar 2026 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 07 Mar 2026 12:46 AM IST
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अटल किसान-मजदूर कैंटीन में भोजन तैयार करती महिलाएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। अनाज मंडी में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित अटल किसान-मजदूर कैंटीन किसानों और मजदूरों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों किसान और मजदूर मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन कर रहे हैं।
इस कैंटीन का संचालन सरस्वती महिला स्वयं सहायता समूह जुब्बल और वरुण महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं, जिससे उन्हें रोजगार मिला है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला सुनीता, गीता, पिंकी, निर्मला, ममता और सुषमा ने बताया कि कैंटीन में सप्ताह के सातों दिन दोपहर के समय किसानों और मजदूरों को सस्ता व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। प्रतिदिन लगभग 300 से 350 किसान और मजदूर यहां दोपहर का भोजन कर रहे हैं। भोजन में दो सब्जियां, चार रोटियां और चावल दिए जाते हैं।
महिलाओं ने बताया कि धान और गेहूं के सीजन के दौरान मंडी में किसानों और मजदूरों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे समय में कैंटीन में भोजन करने वालों की संख्या बढ़कर 700 से 750 तक पहुंच जाती है।
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इसी को देखते हुए उस दौरान कैंटीन में काम करने वाली महिलाओं की संख्या भी बढ़ाकर छह से 10 तक कर दी जाती है, ताकि सभी को समय पर भोजन मिल सके।
कैंटीन में प्रति प्लेट केवल 10 रुपये का भुगतान करते हैं। इसके अलावा मार्केट कमेटी की ओर से प्रति प्लेट 15 रुपये का भुगतान स्वयं सहायता समूह को किया जाता है। इससे समूह से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक सहारा मिल रहा है और वे अपने परिवार का गुजारा भी कर पा रही हैं। कैंटीन में रोजाना दोपहर 12 बजे से लेकर तीन बजे तक किसानों और मजदूरों को भोजन परोसा जाता है। आठ अप्रैल 2025 को प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस अटल किसान-मजदूर कैंटीन का शुभारंभ किया था। तब से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इसे सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं।
मार्केट कमेटी के सचिव राजीव चोपड़ा ने बताया कि कैंटीन मंडी की एक पुरानी दुकान में संचालित की जा रही है। विभाग की ओर से मंडी परिसर में कैंटीन का नया भवन बनाया गया है। जल्द ही कैंटीन को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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रादौर। अनाज मंडी में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित अटल किसान-मजदूर कैंटीन किसानों और मजदूरों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों किसान और मजदूर मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन कर रहे हैं।
इस कैंटीन का संचालन सरस्वती महिला स्वयं सहायता समूह जुब्बल और वरुण महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं, जिससे उन्हें रोजगार मिला है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला सुनीता, गीता, पिंकी, निर्मला, ममता और सुषमा ने बताया कि कैंटीन में सप्ताह के सातों दिन दोपहर के समय किसानों और मजदूरों को सस्ता व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। प्रतिदिन लगभग 300 से 350 किसान और मजदूर यहां दोपहर का भोजन कर रहे हैं। भोजन में दो सब्जियां, चार रोटियां और चावल दिए जाते हैं।
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महिलाओं ने बताया कि धान और गेहूं के सीजन के दौरान मंडी में किसानों और मजदूरों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे समय में कैंटीन में भोजन करने वालों की संख्या बढ़कर 700 से 750 तक पहुंच जाती है।
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इसी को देखते हुए उस दौरान कैंटीन में काम करने वाली महिलाओं की संख्या भी बढ़ाकर छह से 10 तक कर दी जाती है, ताकि सभी को समय पर भोजन मिल सके।
कैंटीन में प्रति प्लेट केवल 10 रुपये का भुगतान करते हैं। इसके अलावा मार्केट कमेटी की ओर से प्रति प्लेट 15 रुपये का भुगतान स्वयं सहायता समूह को किया जाता है। इससे समूह से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक सहारा मिल रहा है और वे अपने परिवार का गुजारा भी कर पा रही हैं। कैंटीन में रोजाना दोपहर 12 बजे से लेकर तीन बजे तक किसानों और मजदूरों को भोजन परोसा जाता है। आठ अप्रैल 2025 को प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस अटल किसान-मजदूर कैंटीन का शुभारंभ किया था। तब से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इसे सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं।
मार्केट कमेटी के सचिव राजीव चोपड़ा ने बताया कि कैंटीन मंडी की एक पुरानी दुकान में संचालित की जा रही है। विभाग की ओर से मंडी परिसर में कैंटीन का नया भवन बनाया गया है। जल्द ही कैंटीन को शिफ्ट कर दिया जाएगा।