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Yamuna Nagar News: रेल फाटक का रास्ता बंद होने से कारोबार चौपट, दुकानदारों ने निकाला रोष मार्च

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2024 07:26 AM IST
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Business disrupted due to closure of rail gate, shopkeepers take out protest march
जगाधरी वर्कशॉप। फर्कपुर रेल फाटक का रास्ता बंद होने के बाद से काम धंधा चौपट होते देख दुकानदार बुधवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने फर्कपुर में शाम पांच से सात बजे तक रोष मार्च निकाला। दुकानदारों के समर्थन में फर्कपुर निवासी भी आ गए। सभी ने हाथ में रास्ता नहीं तो वोट नहीं...लिखे बैनर व तख्तियां लेकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही चेतावनी दी कि जहां रेल फाटक था, वहां पैदल व दोपहिया वाहनों से लोगों के निकलने के लिए रास्ता न बना तो आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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जानकारी के अनुसार जनवरी 2021 में जगाधरी वर्कशॉप रेलवे स्टेशन समीप फर्कपुर रेल फाटक का रास्ता बंद कर अंडरपास बनाकर चालू कर दिया गया था लेकिन अंडरपास को दूर व असुरक्षित बताने के साथ फर्कपुर के दुकानदार रेल फाटक बंद होने के बाद से कारोबार चौपट होने से दुखी हैं। इसी मामले में दुकानदारों ने मंगलवार को गीता विद्या मंदिर में बैठक की। इसमें रेलवे, सरकार व प्रशासन से फर्कपुर रेल फाटक जहां था, वहीं पर पैदल व दोपहिया वाहनों से लोगों के निकलने के रास्ते की मांग उठाने का फैसला लिया गया। साथ ही बाजार में आकर दुकानदारों से रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही रास्ता नहीं तो वोट नहीं के नारे भी लगाए। इसी तरह बुधवार शाम पांच से सात बजे तक फर्कपुर में रोष मार्च निकाला।
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दुकानदार दीवानचंद अरोड़ा, राजीव, रोबिन, सतीश कौशिक, राकेश, अमरजीत, धर्मेंद्र, रविंद्र, राजा, राज, काका, विनोद, हेमंत, हरपाल बाजवा, बाबूराम ने बताया कि जहां पहले रेल फाटक था, उससे फर्कपुर की ओर सड़क पर डेढ़ सौ दुकान हैं। साथ लगते लिंक मार्गों पर भी करीब 50 दुकानें है। इन दुकानों पर फर्कपुर रेल फाटक बंद होने के बाद से काम-धंधे चौपट हैं। क्योंकि 80 फीसद लोग जो फर्कपुर रेल फाटक के रास्ते आते-जाते थे, वो फाटक का रास्ता बंद होने से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर बने अंडरपास से होकर अन्य गांवों के रास्ते आ-जा रहे हैं। इससे दुकानदारी ठप होने के साथ फर्कपुर व साथ लगती कॉलोनियों का रेलवे वर्कशॉप व शहर की ओर आने-जाने का करीब एक किलोमीटर का अतिरिक्त सफर बढ़ गया है। क्योंकि अंडरपास का रास्ता आधा किलोमीटर दूर पड़ता है, जहां शाम बाद रोशनी के लिए न तो पर्याप्त लाइट हैं और न सुरक्षाकर्मी तैनात रहता है। ऐसे में अंडरपास का रास्ता दूर होने के साथ असुरक्षित भी है। अंडरपास से अंधेरे में निकलते समय आमने सामने वाहनों के टकराने के साथ लूट व अन्य आपराधिक घटना का भय रहता है। इन्हीं परेशानियों को देख दुकानदारों ने फैसला लिया कि फर्कपुर रेल फाटक जहां था, वहां पैदल व दोपहिया वाहनों से लोगों के निकलने का रास्ता नहीं बनता तो लोकसभा चुनाव में वोट नहीं देंगे। साथ ही बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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