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Yamuna Nagar News: हर साल मिल रहे कैंसर के औसतन 100 मरीज, जिले में अब तक 750

Fri, 07 Nov 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 07 Nov 2025 01:01 AM IST
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An average of 100 cancer patients are found every year, so far 750 in the district
जिला अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए बना डे-केयर वार्ड। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले में हर साल कैंसर के औसतन 100 नए मरीज मिल रहे हैं। कैंसर के मरीजों की कुल संख्या 750 तक पहुंच गई है। पुरुषों में सबसे अधिक मुंह-गला व पेट का कैंसर के केस सामने आ रहे हैं तो महिलाओं में ब्रेस्ट व बच्चादानी का कैंसर सबसे अधिक मिल रहा है।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में कैंसर विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष मरीजों का उपचार कर रहे हैं। अस्पताल में यमुनानगर के अलावा दूसरे जिलों, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश तक के मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। साथ ही अस्पताल में ही मरीजों के लिए 10 बेड का कैंसर वार्ड भी बनाया गया है। कैंसर भले ही जानलेवा बीमारी है, लेकिन ऐसे भी लोग हैं जो चौथी स्टेज में हैं और कई सालों से सामान्य जीवन जी रहे हैं।
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कैंसर 50 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को ज्यादा हो रहा है। काफी केस ऐसे भी हैं जिनमें इसकी चपेट में आने वालों की संख्या 30 साल से कम हैं। वहीं बच्चे भी कैंसर से ग्रस्त हो रहे हैं। जिनका उपचार पीजीआई चंडीगढ़ या फिर अन्य अस्पतालों से चल रहा है। जो लोग बीड़ी व शराब दोनों का सेवन कर रहे हैं उनमें कैंसर होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। इस वक्त जिन पुरुषों का कैंसर का उपचार चल रहा है उनमें से 70 प्रतिशत बीड़ी, तंबाकू, सिगरेट का इस्तेमाल करने वाले हैं। पिछले दिनों ही कैंसर पीड़ितों के लिए जिला अस्पताल में डे-केयर वार्ड की शुरूआत की गई है। जिसमें कीमोथेरेपी देने के बाद मरीजों को रखा जाता है। हालत स्थिर होने पर ही उन्हें घर भेजा जाता है। वर्ष 2023 में 105, 2024 में 70 और 2025 में अक्तूबर तक 108 मरीज कैंसर के मिल चुके हैं।
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सरकार पीड़ित को देती है 3,000 रुपये पेंशन

कैंसर की स्टेज तीन और चार के दर्द से जूझ रहे मरीजों को सरकार 3,000 रुपये मासिक एडिशनल पेंशन दे रही है। जिले में 170 से ज्यादा लोग यह पेंशन ले रहे हैं। कैंसर असामान्य कोशिकाओं के कारण होता है। यह काफी तेजी से बढ़ती हैं। शरीर के लिए कोशिकाएं बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन कुछ कोशिकाएं बेहद तेजी से बढ़ती हैं, जो ट्यूमर में बदल जाती है। यदि शुरुआती लक्षणों में इस बीमारी का पता लग जाए, तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। सभी कैंसर कोशिकाओं को पकड़ना या खत्म करना मुश्किल होता है। कोशिकाओं के उत्परिवर्तित होने और बदलने के कारण कैंसर विकसित होता रहता है। कैंसर 10 साल के बाद दोबारा भी हो सकता है।

2019 में हुई थी कैंसर विशेषज्ञ की तैनाती

सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि जिले में डॉक्टर आशुतोष कैंसर के मरीजों की ओपीडी देखते हैं। उनकी तैनाती 26 नवंबर 2019 को जिले में हुई थी। उनके पास हर माह कीमो के लिए 35 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं। उनसे पहले जिले में कोई कैंसर रोग विशेषज्ञ ही नहीं था। पहले मरीजों को उपचार के लिए पीजीआई जाना पड़ता था। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को काफी परेशानी होती थी। अब यहीं पर इन मरीजों की पूरी जांच व इलाज हो रहा है।
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