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Yamuna Nagar News: यमुनानगर का रहने वाला है रिश्वतकांड में पकड़ा गया एडीजीपी का सुरक्षाकर्मी सुशील
Thu, 09 Oct 2025 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 09 Oct 2025 12:08 AM IST
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आरोपी सुशील का लक्ष्मी नगर में किराए पर लिया गया घर।
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चंडीगढ़ में आत्महत्या करने वाले एडीजीपी वाई पूरण कुमार का रिश्वत कांड में पकड़ा गया सुरक्षा कर्मी हेड कांस्टेबल सुशील यमुनानगर का रहने वाला है। जो करीब दो साल से नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र की सरोजनी कॉलोनी से सटे लक्ष्मी नगर स्थित एक घर में किराए पर रह रहा था।
थाना गांधीनगर क्षेत्र में लगती कॉलोनी में सुशील ने आटा चक्की वाली गली में एक मकान के फर्स्ट फ्लोर किराए पर लिया हुआ है। यहां सुशील के साथ पत्नी व तीन बच्चों (एक बेटा व दो बेटी) रहते हैं। पड़ोसियों ने बताया कि बुधवार सुबह से दोपहर तक सुशील की पत्नी व बच्चे को घर से बाहर नहीं देखे। दोपहर में एक महिला रिश्तेदार आई तो उन्हें मकान की छत पर सुशील के किराये पर लिए फ्लोर पर ताला लगा मिला। एक पड़ोसी ने बताया कि मंगलवार रात में एक कार आई थी, जिसमें सुशील के पत्नी व बच्चे जाते हुए देखे गए। इसके बाद बुधवार सुबह से न सुशील को देखा न उसके परिवार के किसी सदस्य को। पड़ोसियों ने बताया कि इस मकान में सुशील का परिवार करीब एक साल पहले शिफ्ट हुआ था। इससे पहले परिवार पड़ोस में स्थित किरयाना स्टोर वाले मकान में भी करीब एक साल किराये पर रहा था। इससे पहले उसका परिवार जगाधरी वर्कशॉप के रामनगर स्थित अपने भाई के मकान में रह रहा था। जीआरपी के रिटायर्ड कर्मी ने बताया कि सुशील जीआरपी में भी रह चुका है और वह जगाधरी वर्कशॉप में रामनगर के पास रेलवे कॉलोनी में क्वार्टर में भी रहता था।
खरीदने की चाह में तलाश रहा था मकान-
सरोजनी कॉलोनी में सुशील के पड़ोसियों ने बताया कि सुशील के बच्चे तो दिख जाते हैं, पर सुशील कभी कभार ही नजर आता है। पहले जगाधरी वर्कशॉप फिर सरोजनी कॉलोनी के साथ लक्ष्मी नगर में किराये के मकानों में रहने के बाद सुशील कुछ समय से अपना खुद का मकान खरीदना चाह रहा था। इसके लिए वह बना बनाया मकान तलाश रहा था।
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जिले में एसपी भी रहे एडीजीपी वाई पूरण-
आत्महत्या करने वाले एडीजीपी वाई पूरण कुमार यमुनानगर जिले में भी एसपी रह चुके हैं। वह 6 मई 2013 से 13 सितंबर 2013 तक यमुनानगर के एसपी रह चुके हैं। उनके आत्महत्या करने का पता लगने पर यमुनानगर में उन्हें जानने वाले लोगों की जुबान पर बुधवार को यह मुद्दा था। हर कोई इतने बड़े स्तर के अधिकारी द्वारा आत्महत्या किए जाने का पता लगने पर हैरान हैं, वहीं मामला सुनने के बाद सभी अलग-अलग तरह से मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।
ये है मामला-
शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल की शिकायत पर सोमवार रात रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में एडीजीपी वाई पूरण कुमार के सुरक्षाकर्मी सुशील कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में प्रवीण बंसल ने सुशील पर ढाई लाख रुपये मंथली रिश्वत मांगने के आरोप लगाए। साथ ही सुशील की एक ऑडियो क्लिप भी पुलिस को सौंपी। पुलिस ने सुशील कुमार को मंगलवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ में सुशील ने वाई पूरण कुमार का नाम लिया। उधर , चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित मकान में वाई पूरण कुमार ने बेसमेंट में बने साउंडप्रूफ मूवी थिएटर में खुद को गोली मार ली। उनकी छोटी बेटी ने दोपहर डेढ़ बजे खून से लथपथ पिता को देख पुलिस को सूचना दी।
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यमुनानगर। चंडीगढ़ में आत्महत्या करने वाले एडीजीपी वाई पूरण कुमार का रिश्वत कांड में पकड़ा गया सुरक्षा कर्मी हेड कांस्टेबल सुशील यमुनानगर का रहने वाला है। जो करीब दो साल से नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र की सरोजनी कॉलोनी से सटे लक्ष्मी नगर स्थित एक घर में किराए पर रह रहा था।
थाना गांधीनगर क्षेत्र में लगती कॉलोनी में सुशील ने आटा चक्की वाली गली में एक मकान के फर्स्ट फ्लोर किराए पर लिया हुआ है। यहां सुशील के साथ पत्नी व तीन बच्चों (एक बेटा व दो बेटी) रहते हैं। पड़ोसियों ने बताया कि बुधवार सुबह से दोपहर तक सुशील की पत्नी व बच्चे को घर से बाहर नहीं देखे। दोपहर में एक महिला रिश्तेदार आई तो उन्हें मकान की छत पर सुशील के किराये पर लिए फ्लोर पर ताला लगा मिला। एक पड़ोसी ने बताया कि मंगलवार रात में एक कार आई थी, जिसमें सुशील के पत्नी व बच्चे जाते हुए देखे गए। इसके बाद बुधवार सुबह से न सुशील को देखा न उसके परिवार के किसी सदस्य को। पड़ोसियों ने बताया कि इस मकान में सुशील का परिवार करीब एक साल पहले शिफ्ट हुआ था। इससे पहले परिवार पड़ोस में स्थित किरयाना स्टोर वाले मकान में भी करीब एक साल किराये पर रहा था। इससे पहले उसका परिवार जगाधरी वर्कशॉप के रामनगर स्थित अपने भाई के मकान में रह रहा था। जीआरपी के रिटायर्ड कर्मी ने बताया कि सुशील जीआरपी में भी रह चुका है और वह जगाधरी वर्कशॉप में रामनगर के पास रेलवे कॉलोनी में क्वार्टर में भी रहता था।
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खरीदने की चाह में तलाश रहा था मकान-
सरोजनी कॉलोनी में सुशील के पड़ोसियों ने बताया कि सुशील के बच्चे तो दिख जाते हैं, पर सुशील कभी कभार ही नजर आता है। पहले जगाधरी वर्कशॉप फिर सरोजनी कॉलोनी के साथ लक्ष्मी नगर में किराये के मकानों में रहने के बाद सुशील कुछ समय से अपना खुद का मकान खरीदना चाह रहा था। इसके लिए वह बना बनाया मकान तलाश रहा था।
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जिले में एसपी भी रहे एडीजीपी वाई पूरण-
आत्महत्या करने वाले एडीजीपी वाई पूरण कुमार यमुनानगर जिले में भी एसपी रह चुके हैं। वह 6 मई 2013 से 13 सितंबर 2013 तक यमुनानगर के एसपी रह चुके हैं। उनके आत्महत्या करने का पता लगने पर यमुनानगर में उन्हें जानने वाले लोगों की जुबान पर बुधवार को यह मुद्दा था। हर कोई इतने बड़े स्तर के अधिकारी द्वारा आत्महत्या किए जाने का पता लगने पर हैरान हैं, वहीं मामला सुनने के बाद सभी अलग-अलग तरह से मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।
ये है मामला-
शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल की शिकायत पर सोमवार रात रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में एडीजीपी वाई पूरण कुमार के सुरक्षाकर्मी सुशील कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में प्रवीण बंसल ने सुशील पर ढाई लाख रुपये मंथली रिश्वत मांगने के आरोप लगाए। साथ ही सुशील की एक ऑडियो क्लिप भी पुलिस को सौंपी। पुलिस ने सुशील कुमार को मंगलवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ में सुशील ने वाई पूरण कुमार का नाम लिया। उधर , चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित मकान में वाई पूरण कुमार ने बेसमेंट में बने साउंडप्रूफ मूवी थिएटर में खुद को गोली मार ली। उनकी छोटी बेटी ने दोपहर डेढ़ बजे खून से लथपथ पिता को देख पुलिस को सूचना दी।