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Yamuna Nagar News: हिरण छप्पर गांव में गिरते लिंगानुपात पर किया मंथन
Fri, 05 Dec 2025 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 05 Dec 2025 12:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंटावा के अधीनस्थ हिरण छप्पर गांव में वीरवार को गिरते लिंगानुपात को सुधारने हेतु एसएमओ डॉ. विजय परमार की देखरेख में बैठक का आयोजन किया गया। डॉ. नेहा ने ग्रामवासियों को बताया कि 2024 में गांव में 8 लड़कों की तुलना में केवल छह लड़कियां पैदा हुई।
वर्तमान समय वर्ष 2025 में गांव हिरण छप्पर का लिंग अनुपात निरंतर गिरता जा रहा है जो कि अब 10 लड़कों की तुलना में केवल दो लड़कियां ही पैदा हुई है। क्षेत्र के सभी सरपंचों से जनहित में अपील की गई है कि गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच करवाने के खिलाफ आवाज उठाएं, ताकि गर्भ में पल रही किसी भी बच्ची की हत्या न हो। समाज या व्यक्ति का ध्यान बच्चे के लिंग के बजाय एक स्वस्थ बच्चे के जन्म पर होना चाहिए।
इसके अलावा बैठक में नियमों के उल्लंघन के ज्वलंत मुद्दे पर भी जागरूक किया। गिरते लिंगानुपात से समाज ओर परिवार का क्या असर पड़ता है। जैसे कि शादी के लिए लड़कियों की कमी, महिलाओं पर बढ़ता दबाव, असमानता, मानव तस्करी, अपराधों में इजाफा, सामाजिक असंतुलन, मानसिक तनाव इत्यादि पर बाद में असर दिखता है।
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उन्होंने कहा कि समाज में परिवारों को बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि अवसर समझने की सोच विकसित करनी होगी। इस अवसर पर सरपंच जोनी कुमार, डॉ. नेहा, सीएचओ पूजा एएनएम, आशा वर्कर बलजीत, आंगनबाड़ी हेल्पर, गांव की गर्भवती महिलाएं रिया, रिटा, संगीता, रीना, सरिता भी मौजूद रहीं।
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रादौर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंटावा के अधीनस्थ हिरण छप्पर गांव में वीरवार को गिरते लिंगानुपात को सुधारने हेतु एसएमओ डॉ. विजय परमार की देखरेख में बैठक का आयोजन किया गया। डॉ. नेहा ने ग्रामवासियों को बताया कि 2024 में गांव में 8 लड़कों की तुलना में केवल छह लड़कियां पैदा हुई।
वर्तमान समय वर्ष 2025 में गांव हिरण छप्पर का लिंग अनुपात निरंतर गिरता जा रहा है जो कि अब 10 लड़कों की तुलना में केवल दो लड़कियां ही पैदा हुई है। क्षेत्र के सभी सरपंचों से जनहित में अपील की गई है कि गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच करवाने के खिलाफ आवाज उठाएं, ताकि गर्भ में पल रही किसी भी बच्ची की हत्या न हो। समाज या व्यक्ति का ध्यान बच्चे के लिंग के बजाय एक स्वस्थ बच्चे के जन्म पर होना चाहिए।
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इसके अलावा बैठक में नियमों के उल्लंघन के ज्वलंत मुद्दे पर भी जागरूक किया। गिरते लिंगानुपात से समाज ओर परिवार का क्या असर पड़ता है। जैसे कि शादी के लिए लड़कियों की कमी, महिलाओं पर बढ़ता दबाव, असमानता, मानव तस्करी, अपराधों में इजाफा, सामाजिक असंतुलन, मानसिक तनाव इत्यादि पर बाद में असर दिखता है।
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उन्होंने कहा कि समाज में परिवारों को बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि अवसर समझने की सोच विकसित करनी होगी। इस अवसर पर सरपंच जोनी कुमार, डॉ. नेहा, सीएचओ पूजा एएनएम, आशा वर्कर बलजीत, आंगनबाड़ी हेल्पर, गांव की गर्भवती महिलाएं रिया, रिटा, संगीता, रीना, सरिता भी मौजूद रहीं।