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Yamuna Nagar News: मंजूरी के बाद भी नहीं लगी 41011 एलईडी लाइटें
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के पिछले सदन के पूरे कार्यकाल में स्ट्रीट लाइट का मुद्दा गूंजता रहा, तब भी शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था नहीं सुधर पाई। सात जनवरी को सदन के कार्यकाल खत्म होने के बाद भी हालात जस के तस हैं। आलम ये है कि शाम बाद वार्डों की गलियों-सड़कों में अंधेरा पसर जाता है, जिस बीच अभी कोहरे के सीजन में सड़क दुर्घटना के साथ आपराधिक घटना की आशंका है। हालांकि आठ माह पूर्व यूएलबी से शहर के लिए 41011 एलईडी स्मार्ट लाइट मंजूर हो गई थीं, पर यह अभी तक लगनी तो दूर नगर निगम स्टोर में भी नहीं पहुंची हैं। अफसरों की मानें तो लाइटें मंगाने की प्रक्रिया चल रही है। उधर वार्डों के निवर्तमान पार्षद मामले में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि मार्च-2020 में नगर निगम ने वार्ड-2, 6, 8, 9, 10, 15, 19 व 21 में एलईडी लाइटें लगाने का करीब चार करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। इससे उक्त आठ वार्डों में सितंबर-2021 तक 8164 एलईडी लाइटें लग पाईं। जबकि अन्य 14 वार्ड एलईडी लाइट प्रोजेक्ट से अछूते रह गए। हालांकि सदन के कार्यकाल खत्म होने से पहले सभी वार्डों में 50 से 100 एलईडी लाइटें लगाई भी गईं, पर वार्डों के क्षेत्र के हिसाब से यह लाइटें निवर्तमान पार्षद नाकाफी बता रहे हैं। ऐसे ही वह यूएलबी से आठ माह पहले शहर के लिए मंजूर 41011 एलईडी स्मार्ट लाइटें वार्डों में अब तक न लगने पर भी सवाल उठा रहे हैं। निवर्तमान पार्षदों में हरमीन कोहली, देवेंद्र सिंह, विनय कांबोज, रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने बताया कि पूरे कार्यकाल के दौरान आठ वार्डों में ही पर्याप्त संख्या में एलईडी लाइटें लगी जबकि अन्य 14 वार्डों को नाममात्र नई एलईडी लाइटें मिलीं। साथ ही पुरानी सोडियम व ट्यूब लाइटें भी समय पर मरम्मत न होने पर ज्यादातर समय खराब या बंद रहती हैं। इस तरह उनके वार्डों में 30 से 40 फीसदी क्षेत्र में शाम बाद अंधेरा रहता है। गलियों-सड़कों पर शाम बाद अंधेरा होने से सड़क दुर्घटना के साथ आपराधिक घटना की आशंका रहती है। इसलिए नगर निगम अफसरों को यूएलबी से मंजूर 41011 नई एलईडी स्मार्ट लाइटें लगाने में तेजी से काम करना चाहिए, किंतु ऐसा नहीं हो रहा है। मामले में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। यही मांग निगम आयुक्त से मिलकर करेंगे।
शहर में जहां कहीं भी स्ट्रीट लाइट को लेकर समस्या है, वहां जरूरत मुताबिक जल्द नई लाइटे लगाकर समाधान कराया जाएगा।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के पिछले सदन के पूरे कार्यकाल में स्ट्रीट लाइट का मुद्दा गूंजता रहा, तब भी शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था नहीं सुधर पाई। सात जनवरी को सदन के कार्यकाल खत्म होने के बाद भी हालात जस के तस हैं। आलम ये है कि शाम बाद वार्डों की गलियों-सड़कों में अंधेरा पसर जाता है, जिस बीच अभी कोहरे के सीजन में सड़क दुर्घटना के साथ आपराधिक घटना की आशंका है। हालांकि आठ माह पूर्व यूएलबी से शहर के लिए 41011 एलईडी स्मार्ट लाइट मंजूर हो गई थीं, पर यह अभी तक लगनी तो दूर नगर निगम स्टोर में भी नहीं पहुंची हैं। अफसरों की मानें तो लाइटें मंगाने की प्रक्रिया चल रही है। उधर वार्डों के निवर्तमान पार्षद मामले में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि मार्च-2020 में नगर निगम ने वार्ड-2, 6, 8, 9, 10, 15, 19 व 21 में एलईडी लाइटें लगाने का करीब चार करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। इससे उक्त आठ वार्डों में सितंबर-2021 तक 8164 एलईडी लाइटें लग पाईं। जबकि अन्य 14 वार्ड एलईडी लाइट प्रोजेक्ट से अछूते रह गए। हालांकि सदन के कार्यकाल खत्म होने से पहले सभी वार्डों में 50 से 100 एलईडी लाइटें लगाई भी गईं, पर वार्डों के क्षेत्र के हिसाब से यह लाइटें निवर्तमान पार्षद नाकाफी बता रहे हैं। ऐसे ही वह यूएलबी से आठ माह पहले शहर के लिए मंजूर 41011 एलईडी स्मार्ट लाइटें वार्डों में अब तक न लगने पर भी सवाल उठा रहे हैं। निवर्तमान पार्षदों में हरमीन कोहली, देवेंद्र सिंह, विनय कांबोज, रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने बताया कि पूरे कार्यकाल के दौरान आठ वार्डों में ही पर्याप्त संख्या में एलईडी लाइटें लगी जबकि अन्य 14 वार्डों को नाममात्र नई एलईडी लाइटें मिलीं। साथ ही पुरानी सोडियम व ट्यूब लाइटें भी समय पर मरम्मत न होने पर ज्यादातर समय खराब या बंद रहती हैं। इस तरह उनके वार्डों में 30 से 40 फीसदी क्षेत्र में शाम बाद अंधेरा रहता है। गलियों-सड़कों पर शाम बाद अंधेरा होने से सड़क दुर्घटना के साथ आपराधिक घटना की आशंका रहती है। इसलिए नगर निगम अफसरों को यूएलबी से मंजूर 41011 नई एलईडी स्मार्ट लाइटें लगाने में तेजी से काम करना चाहिए, किंतु ऐसा नहीं हो रहा है। मामले में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। यही मांग निगम आयुक्त से मिलकर करेंगे।
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शहर में जहां कहीं भी स्ट्रीट लाइट को लेकर समस्या है, वहां जरूरत मुताबिक जल्द नई लाइटे लगाकर समाधान कराया जाएगा।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।