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शिक्षकों की कमी पर बिफरे छात्र
नरवाना/जींद/ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2013 10:06 PM IST
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हरियाणा के जिला जींद के गांव बेलरखा स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने स्टॉफ की कमी पर नरवाना-पटियाला रोड जाम कर दिया।
इसकी सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और अध्यापकों की कमी को पूरा करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
मंगलवार सुबह छात्र विद्यालय में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि शिक्षा विभाग ने 10वीं और 12वीं कक्षा की प्रथम सेमेस्टर क ी परीक्षा की तिथि निर्धारित कर दी है।
छात्रों में इस बात का गुस्सा फूट पड़ा कि उन्हें पढ़ाने वाले स्कूल में टीचर नहीं और परीक्षा की तिथि तय हो गई। प्रशासन तक अपनी दिक्कत पहुंचाने के लिए वे रोड पर आ धमके और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
विद्यालय के प्राधानाचार्य रघु भूषण लाल गुप्ता ने बताया कि टीचरों की कमी पिछले कई दिनों से है। बार-बार लिखे जाने के बाद भी विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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उन्होंने बताया कि एक अगस्त को चंडीगढ़ में निदेशक के साथ हुई बैठक में भी टीचरों की कमी बताई गई थी। निदेशक ने टीचर लगाने का आश्वासन दिया था।
उन्होंने बताया कि कई टीचर प्रमोशन के बाद तबदील कर दिए गए। उन्होंने बताया कि इंगलिश, मैथ और संस्कृत के लेक्चरार न होने के कारण सबसे बड़ी दिक्कत बच्चों को हो रही है।
विद्यालय में 12 पोस्ट लेक्चरारों की है, जिसमें से केवल 4 कार्य कर रहे हैं, जबकि मास्टर कैडर में 5 में से 4 पोस्ट रिक्त हैं।
उन्होंने बताया कि बीईओ राजकुमार अहलावत और डीईओ संतोष ग्रोवर ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही टीचरों की व्यवस्था की दी जाएगी।
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इसकी सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और अध्यापकों की कमी को पूरा करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
मंगलवार सुबह छात्र विद्यालय में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि शिक्षा विभाग ने 10वीं और 12वीं कक्षा की प्रथम सेमेस्टर क ी परीक्षा की तिथि निर्धारित कर दी है।
छात्रों में इस बात का गुस्सा फूट पड़ा कि उन्हें पढ़ाने वाले स्कूल में टीचर नहीं और परीक्षा की तिथि तय हो गई। प्रशासन तक अपनी दिक्कत पहुंचाने के लिए वे रोड पर आ धमके और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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विद्यालय के प्राधानाचार्य रघु भूषण लाल गुप्ता ने बताया कि टीचरों की कमी पिछले कई दिनों से है। बार-बार लिखे जाने के बाद भी विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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उन्होंने बताया कि एक अगस्त को चंडीगढ़ में निदेशक के साथ हुई बैठक में भी टीचरों की कमी बताई गई थी। निदेशक ने टीचर लगाने का आश्वासन दिया था।
उन्होंने बताया कि कई टीचर प्रमोशन के बाद तबदील कर दिए गए। उन्होंने बताया कि इंगलिश, मैथ और संस्कृत के लेक्चरार न होने के कारण सबसे बड़ी दिक्कत बच्चों को हो रही है।
विद्यालय में 12 पोस्ट लेक्चरारों की है, जिसमें से केवल 4 कार्य कर रहे हैं, जबकि मास्टर कैडर में 5 में से 4 पोस्ट रिक्त हैं।
उन्होंने बताया कि बीईओ राजकुमार अहलावत और डीईओ संतोष ग्रोवर ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही टीचरों की व्यवस्था की दी जाएगी।