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हरियाणा में पटवारी-कानूनगो धरने पर बैठे: मांगें न मानीं तो 26 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
Mon, 24 Aug 2026 12:50 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 24 Aug 2026 12:50 PM IST
सार
एसोसिएशन के राज्य प्रधान जयबीर सिंह चहल और राज्य महासचिव सन्नी दहिया के अनुसार, प्रमुख मांगों में नए पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का समाधान शामिल है। वे चाहते हैं कि तकनीकी खामियों की जिम्मेदारी सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की तय की जाए।
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पंचकूला में धरने पर बैठे कानूनगो-पटवारी
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के पटवारी और कानूनगो अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर सभी जिला मुख्यालयों पर दो दिवसीय सांकेतिक धरने पर बैठ गए हैं। राज्य कार्यकारिणी दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 25 अगस्त तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 26 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। एसोसिएशन ने इस संभावित हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभाग की बताई है।
एसोसिएशन के राज्य प्रधान जयबीर सिंह चहल और राज्य महासचिव सन्नी दहिया के अनुसार, प्रमुख मांगों में नए पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का समाधान शामिल है। वे चाहते हैं कि तकनीकी खामियों की जिम्मेदारी सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की तय की जाए। इसके साथ ही, नए पोर्टल के अनुरूप लैंड रिकॉर्ड मैनुअल में आवश्यक संशोधन कर उसे जल्द जारी किया जाए। डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) में सुधार की मांग भी उठाई गई है, जिसमें इसे निजी एजेंसी से कराने या रेंज बढ़ाने का सुझाव है।
पटवारियों को ऑनलाइन कार्य हेतु कंप्यूटर सिस्टम और फील्ड कार्यों के लिए टैबलेट उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। कानूनगो को रोवर से पैमाइश के लिए तकनीकी रूप से सक्षम ऑपरेटर और प्रशिक्षण देने की बात कही गई है। कानूनगो और पटवारियों की वर्षों से लंबित एलटीसी तथा गिरदावरी सहायकों के बकाया मानदेय का एकमुश्त भुगतान भी एसोसिएशन की मांगों में है।
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कानूनगो की तीन साल से लंबित इंक्रीमेंट फाइल को मंजूरी देने और नए पटवारियों के नोटिफिकेशन व 1 जनवरी 2025 से लंबित वेतन एरियर जारी करने की मांग भी शामिल है।
तकनीकी और प्रक्रियागत सुधार की मांगें
एसोसिएशन ने नए पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों को तुरंत दूर करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि इन त्रुटियों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को जवाबदेह ठहराया जाए। लैंड रिकॉर्ड मैनुअल में नए पोर्टल के अनुसार बदलाव कर संशोधित मैनुअल शीघ्र जारी करने की मांग है। डीसीएस में फेस ऑथेंटिकेशन हटाने, पटवारी के यूजर में एक गांव तथा कानूनगो के यूजर में दो से अधिक गांव की वेरिफिकेशन न होने की बात कही गई है।
ई-गिरदावरी से जुड़े सभी सरकारी कार्यों का डाटा भी डीसीएस से लेने की मांग की गई है।
लंबित भुगतान और बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता
कानूनगो और पटवारियों की वर्षों से लंबित एलटीसी का भुगतान करने की मांग की गई है। गिरदावरी सहायकों के बकाया मानदेय का एकमुश्त भुगतान भी एसोसिएशन की प्राथमिकता में है। कानूनगो की तीन साल से लंबित इंक्रीमेंट फाइल को पटवारियों की तर्ज पर मंजूरी देने की मांग है। नए पटवारियों के नोटिफिकेशन और 1 जनवरी 2025 से लंबित वेतन एरियर भी जल्द जारी करने को कहा गया है। तहसीलों में ऑनलाइन कार्य के लिए पटवारियों को कंप्यूटर सिस्टम और फील्ड कार्यों के लिए टैबलेट उपलब्ध कराने की भी मांग है।
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एसोसिएशन के राज्य प्रधान जयबीर सिंह चहल और राज्य महासचिव सन्नी दहिया के अनुसार, प्रमुख मांगों में नए पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का समाधान शामिल है। वे चाहते हैं कि तकनीकी खामियों की जिम्मेदारी सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की तय की जाए। इसके साथ ही, नए पोर्टल के अनुरूप लैंड रिकॉर्ड मैनुअल में आवश्यक संशोधन कर उसे जल्द जारी किया जाए। डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) में सुधार की मांग भी उठाई गई है, जिसमें इसे निजी एजेंसी से कराने या रेंज बढ़ाने का सुझाव है।
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पटवारियों को ऑनलाइन कार्य हेतु कंप्यूटर सिस्टम और फील्ड कार्यों के लिए टैबलेट उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। कानूनगो को रोवर से पैमाइश के लिए तकनीकी रूप से सक्षम ऑपरेटर और प्रशिक्षण देने की बात कही गई है। कानूनगो और पटवारियों की वर्षों से लंबित एलटीसी तथा गिरदावरी सहायकों के बकाया मानदेय का एकमुश्त भुगतान भी एसोसिएशन की मांगों में है।
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कानूनगो की तीन साल से लंबित इंक्रीमेंट फाइल को मंजूरी देने और नए पटवारियों के नोटिफिकेशन व 1 जनवरी 2025 से लंबित वेतन एरियर जारी करने की मांग भी शामिल है।
तकनीकी और प्रक्रियागत सुधार की मांगें
एसोसिएशन ने नए पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों को तुरंत दूर करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि इन त्रुटियों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को जवाबदेह ठहराया जाए। लैंड रिकॉर्ड मैनुअल में नए पोर्टल के अनुसार बदलाव कर संशोधित मैनुअल शीघ्र जारी करने की मांग है। डीसीएस में फेस ऑथेंटिकेशन हटाने, पटवारी के यूजर में एक गांव तथा कानूनगो के यूजर में दो से अधिक गांव की वेरिफिकेशन न होने की बात कही गई है।
ई-गिरदावरी से जुड़े सभी सरकारी कार्यों का डाटा भी डीसीएस से लेने की मांग की गई है।
लंबित भुगतान और बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता
कानूनगो और पटवारियों की वर्षों से लंबित एलटीसी का भुगतान करने की मांग की गई है। गिरदावरी सहायकों के बकाया मानदेय का एकमुश्त भुगतान भी एसोसिएशन की प्राथमिकता में है। कानूनगो की तीन साल से लंबित इंक्रीमेंट फाइल को पटवारियों की तर्ज पर मंजूरी देने की मांग है। नए पटवारियों के नोटिफिकेशन और 1 जनवरी 2025 से लंबित वेतन एरियर भी जल्द जारी करने को कहा गया है। तहसीलों में ऑनलाइन कार्य के लिए पटवारियों को कंप्यूटर सिस्टम और फील्ड कार्यों के लिए टैबलेट उपलब्ध कराने की भी मांग है।