{"_id":"c6772a8571130160d0fbb0fcdaffe6d5","slug":"when-police-on-dpro-office-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब डीपीआरओ कार्यालय में पहुंची पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब डीपीआरओ कार्यालय में पहुंची पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत
Updated Sat, 04 Jul 2015 01:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला सूचना एवं लोक संपर्क विभाग में शुक्रवार को दोपहर के समय पुलिस कमयों की एक टीम पहुंची। छापामार स्टाइल में पहुंची टीम ने पूरे कार्यालय को छान मारा।
विज्ञापन
हालांकि जिस के लिए पुलिस टीम आई थी, उसमें असफल ही रही। पुलिस को शिकायत मिली थी कि कार्यालय में कर्मचारियों द्वारा शराब पी जाती है।
जानकारी अनुसार डीआईपीआरओ कार्यालय में दोपहर 2 बजे के करीब चार-पांच पुलिस कर्मी अचानक आ धमके। सबसे पहले एपीआरओ कार्यालय के आगे हॉल कमरे में बने कार्यालय में पहुंचे।
विज्ञापन
यहां पर दूसरे केबिन में जहां पर गद्दे बिछे हुए हैं, वहां पर छानबीन की। यहां कोई नहीं मिला तो अन्य केबिन में तलाशी ली गई। इस दौरान दो-तीन कर्मचारी मिले तो सही, लेकिन जिनकी तलाश थी वो नहीं मिले।
विज्ञापन
असल में पुलिस को शिकायत मिली थी कि डीपीआरओ कार्यालय में कुछ कर्मचारी दिन में भी बैठकर शराब पीते हैं। शिकायत के आधार पर ही एएसआई रवींद्र के नेतृत्व में टीम ने छापा मारा था। दूसरी ओर इस बारे में एसडीएम ने किसी तरह की जानकारी होने से मना कर दिया।
पहले ही निकल लिए थे पीने वाले
सूत्रों की मानें तो जिस समय पुलिस कर्मियों ने छापा मारा, उस समय तक वो कर्मचारी निकल चुके थे, जिनकी शिकायत की गई थी। जानकारों के अनुसार छापे से केवल 5 मिनट पहले ही वो कर्मचारी निकल गए थे और खास बात ये थी कि आज वे जल्दी चले गए थे, नहीं तो 2 बजे के करीब ही वे शराब पीने बैठते थे।
सामने विजिलेंस कार्यालय, फिर भी डर नहीं
डीपीआरओ कार्यालय के जिस हिस्से में शराब पीने की शिकायत की गई है, उस हिस्से के बिल्कुल सामने ही विजीलेंस का कार्यालय का है। इसके बावजूद कर्मचारियों द्वारा शराब पीने की लगातार शिकायतें आ रही थी।
ये ही नहीं सामने ही मारूति का ट्रेनिंग सेंटर भी है। यहां पर भी रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग आते हैं। बताया जा रहा है कि शराब पीने की शिकायत कर्मचारियों की बजाए किसी आने-जाने वाले ने ही की थी।
पहले धमका चुके हैं अधिकारी को
सूत्रों की मानें तो उन्हीं कर्मचारियों की शराब पीने की शिकायत की गई हैं, जोकि पहले विभाग के एक अधिकारी भी धमका चुके हैं।
बताया जा रहा है कि कई बार तो दिन में शराब पीने के बाद ये कर्मचारी अपने अधिकारी के साथ बदतमीजी से पेश आए थे। ये ही नहीं तीन-चार बार ये कर्मचारी अपने अधिकारी की कोठी के सामने पहुंचकर भी गाली-गलौज करते देखे गए हैं।
इसके अलावा एक बार इस अधिकारी ने कर्मचारियों को ठेके पर शराब पीते पकड़ा था। उस समय अधिकारी के साथ हाथापाई भी की गई थी।
एसडीएम बोलीं अफवाह
इस पूरे मामले के बारे में जब एसडीएम आमना तस्लीम से बातचीत की गई तो दूसरी हकीकत ही सामने आई। एसडीएम ने उल्टा सवाल करते हुए कहा कि ऐसी अफवाह कौन फैला रहा है।
किसने आपको ये अफवाह के बारे में बताया। दूसरी ओर इस बारे में जब रवींद्र एएसआई से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कार्यालय में छापा मारने के लिए गए थे। अधिकारियों के निर्देशों पर ही यह कार्रवाई की गई थी, लेकिन मौके पर कुछ नहीं मिला।
किसी ने कार्यालय में शराब पीने की गलत सूचना दे दी। एसडीएम का गनमैन व दूसरे पुलिसकर्मी जांच करने आए। मैंने साफ कह दिया कि आप अच्छी तरह से जांच कर लो। उन्होंने जांच की, कोई शराब पीते हुए या कोई बोतल नहीं मिली।
- सुरेश कुमार सरोह, डीपीआरओ सोनीपत