{"_id":"644436ab51798388be034e54","slug":"wheat-procurement-stopped-for-four-days-in-sanpeda-farmers-upset-sonipat-news-c-17-1-130590-2023-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: सनपेड़ा में चार दिन से गेहूं की खरीद बंद, किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: सनपेड़ा में चार दिन से गेहूं की खरीद बंद, किसान परेशान
Sun, 23 Apr 2023 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 23 Apr 2023 01:04 AM IST
विज्ञापन
फोटो 05: सनपेड़ा खरीद केंद्र में बारदाना न होने के कारण खुले में पड़े गेहूं के ढेर। संवाद
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनीपत। गांव सनपेड़ा के केंद्र में बारदाना खत्म होने के कारण चार दिन से गेहूं की खरीद बंद है, जिसके कारण किसानों और आढ़तियों को परेशानी हो रही है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से खरीद केंद्र में बारदाने की कमी को पूरा नहीं किया गया है। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। दूसरी तरफ ट्रांसपोर्ट ठेकेदार की ओर से एक रुपये प्रति बैग मांगे जाने के चलते गेहूं का उठान कम हो रहा है। इसकी वजह से गेहूं डालने के लिए जगह नहीं मिल रही है। अब केंद्र परिसर के साथ छह एकड़ जमीन पर करीब एक लाख से अधिक बोरे रखे हुए हैं।
गांव सनपेड़ा के खरीद केंद्र में आसपास के करीब 15 गांवों के किसान गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। यहां पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से गेहूं खरीदा जा रहा है। विभाग के पास चार दिन से बारदाना खत्म है। इससे किसानों और आढ़तियों को परेशानी हो रही है। खुले में पड़ी गेहूं की ढेरियों की रखवाली के लिए किसानों को दिन-रात रहना पड़ रहा है। किसानों की ओर से बारदाना की मांग करने के बावजूद उनकी जरूरतों को पूरा नहीं किया जा रहा है।
चार एकड़ में बना खरीद केंद्र गेहूं की ढेरियों से भरा
गांव सनपेड़ा में करीब चार एकड़ में फैला खरीद केंद्र गेहूं से भरी बोरियों और ढेरियों से भर चुका है। इसके अलावा आसपास छह एकड़ जमीन पर गेहूं के बोरे रखे हुए हैं। गेहूं के बोरों का उठान कम होने के कारण आढ़तियों व किसानों को चिंता सता रही है। जब तक खरीद केंद्र से लेकर गेहूं गोदाम तक नहीं जाएगा, तब तक खरीद एजेंसी की ओर से किसानों के बैंक खाते में गेहूं का भुगतान नहीं किया जा रहा। सरकार की ओर से 72 घंटे के अंदर उठान व भुगतान का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर सरकारी दावे हवा हो रहे है। आढ़तियों का कहना है कि मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है, अगर बारिश आ गई तो खुले में पड़ा गेहूं भीग जाएगा।
विज्ञापन
सनपेड़ा खरीद केंद्र पर यह है स्थिति
सनपेड़ा खरीद केंद्र में 7800 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। जिसमें से अब तक 7393 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। खरीद केंद्र में बारदाना न होने के कारण 407 मीट्रिक टन गेहूं बिना बिके पड़ा है। मंडी में अब तक 2800 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। 4593 मीट्रिक टन गेहूं का उठान होना बाकी है। आढ़तियों का आरोप है कि ट्रांसपोर्ट ठेकेदार उनसे एक रुपये प्रति बैग उठान की मांग कर रहे हैं। जिन आढ़तियों ने एक रुपये प्रति बैग देने का वादा किया है, उन आढ़तियों के बैग उठाकर गोदाम तक पहुंचाए जा रहे है। अन्य आढ़तियों के साथ मनमानी की जा रही है।
खरीद केंद्र में दो दिन से दो एकड़ का गेहूं पड़ा हुआ है। बारदाना न होने के कारण गेहूं की खरीद बंद है। गेहूं की रखवाली के लिए खेत से काम छोड़कर खरीद केंद्र में आना पड़ रहा है, लेकिन विभाग की ओर से उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
रामेश्वर सैनी, ग्यासपुर
सरकार की ओर से एक-एक दाने की खरीद करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन विभाग के पास बारदाना न होने के कारण चार दिन से खरीद बंद है। गेहूं की खरीद न होने से किसानों को वापस मंडी से लौटना पड़ रहा है। -राजबीर, मलिकपुर
मंडी में खरीद के 72 घंटे के अंदर गेहूं के उठान का वादा किया गया था। ट्रांसपोर्ट ठेकेदार के पास आठ वाहन हैं। फिर भी मंडी में गेहूं के 1 लाख से अधिक बोरे रखे हुए है। उठान कम होने से किसानों को खरीद केंद्र से बाहर खाली खेत में गेहूं डालना पड़ रहा है। -राजू त्यागी, आढ़ती
गेहूं के बोरों का उठान के लिए एक रुपये प्रति बैग के हिसाब से ठेकेदार पैसे ले रहा है। शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। मनमाने ढंग से गेहूं के बोरों का उठान किया जा रहा है। चार दिन से बारदाना न होने के कारण खरीद प्रक्रिया बंद है। -विनोद कुमार, आढ़ती
खरखौदा मंडी से बारदाने की 20 गांठें मंगवाई गई हैं। बारदाना आते ही खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वहीं ट्रांसपोर्ट ठेकेदार की ओर से पैसे लिए जाने की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-दीपक भारद्वाज, निरीक्षक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
विज्ञापन
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से खरीद केंद्र में बारदाने की कमी को पूरा नहीं किया गया है। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। दूसरी तरफ ट्रांसपोर्ट ठेकेदार की ओर से एक रुपये प्रति बैग मांगे जाने के चलते गेहूं का उठान कम हो रहा है। इसकी वजह से गेहूं डालने के लिए जगह नहीं मिल रही है। अब केंद्र परिसर के साथ छह एकड़ जमीन पर करीब एक लाख से अधिक बोरे रखे हुए हैं।
गांव सनपेड़ा के खरीद केंद्र में आसपास के करीब 15 गांवों के किसान गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। यहां पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से गेहूं खरीदा जा रहा है। विभाग के पास चार दिन से बारदाना खत्म है। इससे किसानों और आढ़तियों को परेशानी हो रही है। खुले में पड़ी गेहूं की ढेरियों की रखवाली के लिए किसानों को दिन-रात रहना पड़ रहा है। किसानों की ओर से बारदाना की मांग करने के बावजूद उनकी जरूरतों को पूरा नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
चार एकड़ में बना खरीद केंद्र गेहूं की ढेरियों से भरा
गांव सनपेड़ा में करीब चार एकड़ में फैला खरीद केंद्र गेहूं से भरी बोरियों और ढेरियों से भर चुका है। इसके अलावा आसपास छह एकड़ जमीन पर गेहूं के बोरे रखे हुए हैं। गेहूं के बोरों का उठान कम होने के कारण आढ़तियों व किसानों को चिंता सता रही है। जब तक खरीद केंद्र से लेकर गेहूं गोदाम तक नहीं जाएगा, तब तक खरीद एजेंसी की ओर से किसानों के बैंक खाते में गेहूं का भुगतान नहीं किया जा रहा। सरकार की ओर से 72 घंटे के अंदर उठान व भुगतान का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर सरकारी दावे हवा हो रहे है। आढ़तियों का कहना है कि मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है, अगर बारिश आ गई तो खुले में पड़ा गेहूं भीग जाएगा।
विज्ञापन
सनपेड़ा खरीद केंद्र पर यह है स्थिति
सनपेड़ा खरीद केंद्र में 7800 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। जिसमें से अब तक 7393 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। खरीद केंद्र में बारदाना न होने के कारण 407 मीट्रिक टन गेहूं बिना बिके पड़ा है। मंडी में अब तक 2800 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। 4593 मीट्रिक टन गेहूं का उठान होना बाकी है। आढ़तियों का आरोप है कि ट्रांसपोर्ट ठेकेदार उनसे एक रुपये प्रति बैग उठान की मांग कर रहे हैं। जिन आढ़तियों ने एक रुपये प्रति बैग देने का वादा किया है, उन आढ़तियों के बैग उठाकर गोदाम तक पहुंचाए जा रहे है। अन्य आढ़तियों के साथ मनमानी की जा रही है।
खरीद केंद्र में दो दिन से दो एकड़ का गेहूं पड़ा हुआ है। बारदाना न होने के कारण गेहूं की खरीद बंद है। गेहूं की रखवाली के लिए खेत से काम छोड़कर खरीद केंद्र में आना पड़ रहा है, लेकिन विभाग की ओर से उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
रामेश्वर सैनी, ग्यासपुर
सरकार की ओर से एक-एक दाने की खरीद करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन विभाग के पास बारदाना न होने के कारण चार दिन से खरीद बंद है। गेहूं की खरीद न होने से किसानों को वापस मंडी से लौटना पड़ रहा है। -राजबीर, मलिकपुर
मंडी में खरीद के 72 घंटे के अंदर गेहूं के उठान का वादा किया गया था। ट्रांसपोर्ट ठेकेदार के पास आठ वाहन हैं। फिर भी मंडी में गेहूं के 1 लाख से अधिक बोरे रखे हुए है। उठान कम होने से किसानों को खरीद केंद्र से बाहर खाली खेत में गेहूं डालना पड़ रहा है। -राजू त्यागी, आढ़ती
गेहूं के बोरों का उठान के लिए एक रुपये प्रति बैग के हिसाब से ठेकेदार पैसे ले रहा है। शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। मनमाने ढंग से गेहूं के बोरों का उठान किया जा रहा है। चार दिन से बारदाना न होने के कारण खरीद प्रक्रिया बंद है। -विनोद कुमार, आढ़ती
खरखौदा मंडी से बारदाने की 20 गांठें मंगवाई गई हैं। बारदाना आते ही खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वहीं ट्रांसपोर्ट ठेकेदार की ओर से पैसे लिए जाने की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-दीपक भारद्वाज, निरीक्षक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग

फोटो 05: सनपेड़ा खरीद केंद्र में बारदाना न होने के कारण खुले में पड़े गेहूं के ढेर। संवाद- फोटो : संवाद

फोटो 05: सनपेड़ा खरीद केंद्र में बारदाना न होने के कारण खुले में पड़े गेहूं के ढेर। संवाद- फोटो : संवाद

फोटो 05: सनपेड़ा खरीद केंद्र में बारदाना न होने के कारण खुले में पड़े गेहूं के ढेर। संवाद- फोटो : संवाद