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शराब ठेके गांव से बाहर करवाने के लिए ग्रामीणों का हंगामा, ठेके के बाहर प्रदर्शन कर रोड जाम का किया प्रयास
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गांव बारोटा में शराब ठेके आबादी क्षेत्र से बाहर करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने ठेके के बाद प्रदर्शन कर रोड जाम का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाकर शांत कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में तीन शराब ठेके खुले हुए हैं, जिनमें से दो आबादी क्षेत्र में हैं। ग्रामीणों ने दो दिन के अंदर ठेके गांव से बाहर करने की मांग की है। पुलिस ने उनकी मांग अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
गांव बारोटा के ग्रामीण विजयपाल, बिजेंद्र, मनोज, नीलम, ममता, मुकेश, नरेश आदि ने बताया कि उनके गांव में तीन शराब ठेकों में से दो आबादी क्षेत्र में खुले हुए हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। एक ठेका स्कूल के रास्ते में खुला है, जहां से विद्यार्थियों का आवागमन रहता है। विद्यार्थियों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। इसके अलावा यहां शराब पीने वाले असामाजिक तत्व महिलाओं पर फब्तियां भी कसते हैं और आपस गाली-गलौज करते रहते हैं, जिससे कई बार स्थिति असामान्य हो जाती है। वहीं, एक ठेके के पास धार्मिक स्थल भी है, जहां पर महिलाएं पूजा करने जाती हैं। ग्रामीणों को इससे परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने ठेकों को 48 घंटे में आबादी क्षेत्र से बाहर करवाने की मांग को लेकर डीसी के नाम बारोटा चौकी प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
रोड जाम करने पहुंचे तो चौकी प्रभारी ने समझाया
शराब ठेके के विरोध में ग्रामीणों ने पहले शराब ठेके के बाहर प्रदर्शन किया। उसके बाद ग्रामीण रोड जाम करने के लिए सड़क पर पहुंच गए थे। हालांकि इस बीच बारोटा चौकी प्रभारी रवींद्र कुमार उनके पास पहुंच गए और ग्रामीणों को शराब का ठेका हटवाने के लिए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। चौकी प्रभारी ने शराब ठेके को भी फिलहाल बंद करवा दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हो गए और ज्ञापन देकर वापस लौट गए।
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यह बोले लोग
गांव में ठेके को बंद कराया गया है। ठेका आबादी क्षेत्र में होने के चलते नशा करने वाले लोग शराब पीकर ठेके के बाहर पड़े रहते हैं। वह आपस में गालियां देते हैं, जिससे महिलाओं व बेटियों को काफी दिक्कत होती है। गांव के ठेके को हर हाल में बाहर किया जाना चाहिए।
- पार्वती
गांव में तीन ठेके खोले गए हैं, जिनमें दो गांव के अंदर हैं। शराब पीकर लोग झगड़ा करते हैं। जिससे आम लोगों को दिक्कत हुई है। इसी के चलते ठेका बाहर कराने को लेकर रोष जताया गया है।
- धर्मपाल।
शराब ठेका मेरे घर के पास हमारी दुकानों में ही खुला हुआ है, जिसके चलते मेरी बेटियों व अन्य लड़कियों और महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इसे लेकर हमने रोष जताया है। गांव के प्रधान ने भी मदद का आश्वासन दिया है। आबादी क्षेत्र में ठेका नहीं खोला जाना चाहिए।
- ममता
वर्जन
गांव बारोटा के ग्रामीणों ने ठेके गांव से बाहर करवाने की मांग को लेकर रोष जताया है। ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर ठेके आबादी से बाहर करवाने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी जाएगी।
- रवींद्र कुमार, चौकी प्रभारी, बारोटा
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गांव बारोटा के ग्रामीण विजयपाल, बिजेंद्र, मनोज, नीलम, ममता, मुकेश, नरेश आदि ने बताया कि उनके गांव में तीन शराब ठेकों में से दो आबादी क्षेत्र में खुले हुए हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। एक ठेका स्कूल के रास्ते में खुला है, जहां से विद्यार्थियों का आवागमन रहता है। विद्यार्थियों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। इसके अलावा यहां शराब पीने वाले असामाजिक तत्व महिलाओं पर फब्तियां भी कसते हैं और आपस गाली-गलौज करते रहते हैं, जिससे कई बार स्थिति असामान्य हो जाती है। वहीं, एक ठेके के पास धार्मिक स्थल भी है, जहां पर महिलाएं पूजा करने जाती हैं। ग्रामीणों को इससे परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने ठेकों को 48 घंटे में आबादी क्षेत्र से बाहर करवाने की मांग को लेकर डीसी के नाम बारोटा चौकी प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
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रोड जाम करने पहुंचे तो चौकी प्रभारी ने समझाया
शराब ठेके के विरोध में ग्रामीणों ने पहले शराब ठेके के बाहर प्रदर्शन किया। उसके बाद ग्रामीण रोड जाम करने के लिए सड़क पर पहुंच गए थे। हालांकि इस बीच बारोटा चौकी प्रभारी रवींद्र कुमार उनके पास पहुंच गए और ग्रामीणों को शराब का ठेका हटवाने के लिए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। चौकी प्रभारी ने शराब ठेके को भी फिलहाल बंद करवा दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हो गए और ज्ञापन देकर वापस लौट गए।
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यह बोले लोग
गांव में ठेके को बंद कराया गया है। ठेका आबादी क्षेत्र में होने के चलते नशा करने वाले लोग शराब पीकर ठेके के बाहर पड़े रहते हैं। वह आपस में गालियां देते हैं, जिससे महिलाओं व बेटियों को काफी दिक्कत होती है। गांव के ठेके को हर हाल में बाहर किया जाना चाहिए।
- पार्वती
गांव में तीन ठेके खोले गए हैं, जिनमें दो गांव के अंदर हैं। शराब पीकर लोग झगड़ा करते हैं। जिससे आम लोगों को दिक्कत हुई है। इसी के चलते ठेका बाहर कराने को लेकर रोष जताया गया है।
- धर्मपाल।
शराब ठेका मेरे घर के पास हमारी दुकानों में ही खुला हुआ है, जिसके चलते मेरी बेटियों व अन्य लड़कियों और महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इसे लेकर हमने रोष जताया है। गांव के प्रधान ने भी मदद का आश्वासन दिया है। आबादी क्षेत्र में ठेका नहीं खोला जाना चाहिए।
- ममता
वर्जन
गांव बारोटा के ग्रामीणों ने ठेके गांव से बाहर करवाने की मांग को लेकर रोष जताया है। ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर ठेके आबादी से बाहर करवाने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी जाएगी।
- रवींद्र कुमार, चौकी प्रभारी, बारोटा