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Sonipat News: पराली जलाने पर 2500 रुपये तक जुर्माना,14 गांव संवेदनशील
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फोटो - भंडेरी गांव के खेतों में लगी हुई धान की फसल। संवाद
गोहाना। खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग ने गोहाना उपमंडल के 14 गांवों को संवेदनशील श्रेणी में शामिल किया है। इन गांवों में पिछले वर्ष हुई 53 घटनाओं को आधार बनाया गया है। विभाग ने फसल अवशेष जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की है। अवशेष जलाने पर प्रति एकड़ 2500 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। संवेदनशील गांवों में निगरानी के लिए कृषि विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
क्षेत्र में धान की कटाई शुरू हो चुकी है। कृषि विभाग के अनुसार उपमंडल में करीब 1.5 लाख एकड़ में धान की खेती की गई है। कटाई के बाद खेतों में अवशेष बचते हैं और गेहूं की बिजाई के लिए खेत तैयार करने के दौरान इन्हें जलाने की घटनाएं सामने आती हैं। विभाग के कर्मचारी कटाई से लेकर अवशेष प्रबंधन तक निगरानी रखेंगे। खेतों की गश्त के साथ सेटेलाइट के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी।
संवेदनशील श्रेणी में हैं ये गांव
गोहाना ब्लॉक में खानपुर कलां, कटवाल, रिवाड़ा, बली, खेड़ी दमकन, मुंडलाना ब्लॉक में ईशापुर खेड़ी और बुटाना कुंडू, जबकि कथूरा ब्लॉक में घड़वाल, कथूरा, निजामपुर, भंडेरी, भावड़, छपरा और धनाना को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार इन गांवों में पिछले वर्ष अन्य क्षेत्रों की तुलना में फसल अवशेष जलाने की अधिक घटनाएं हुई थीं।
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खेतों में फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। उपमंडल में संवेदनशील व अन्य गांवों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारी किसानों को अवशेष नहीं जलाने के लिए जागरूक करेंगे। अवशेष जलाते हुए किसान मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राजेंद्र मेहरा, एसडीओ, कृषि विभाग, गोहाना
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क्षेत्र में धान की कटाई शुरू हो चुकी है। कृषि विभाग के अनुसार उपमंडल में करीब 1.5 लाख एकड़ में धान की खेती की गई है। कटाई के बाद खेतों में अवशेष बचते हैं और गेहूं की बिजाई के लिए खेत तैयार करने के दौरान इन्हें जलाने की घटनाएं सामने आती हैं। विभाग के कर्मचारी कटाई से लेकर अवशेष प्रबंधन तक निगरानी रखेंगे। खेतों की गश्त के साथ सेटेलाइट के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी।
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संवेदनशील श्रेणी में हैं ये गांव
गोहाना ब्लॉक में खानपुर कलां, कटवाल, रिवाड़ा, बली, खेड़ी दमकन, मुंडलाना ब्लॉक में ईशापुर खेड़ी और बुटाना कुंडू, जबकि कथूरा ब्लॉक में घड़वाल, कथूरा, निजामपुर, भंडेरी, भावड़, छपरा और धनाना को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार इन गांवों में पिछले वर्ष अन्य क्षेत्रों की तुलना में फसल अवशेष जलाने की अधिक घटनाएं हुई थीं।
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खेतों में फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। उपमंडल में संवेदनशील व अन्य गांवों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारी किसानों को अवशेष नहीं जलाने के लिए जागरूक करेंगे। अवशेष जलाते हुए किसान मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राजेंद्र मेहरा, एसडीओ, कृषि विभाग, गोहाना