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Sonipat News: फसल अवशेष जलाने से रोकेंगी ग्राम स्तर की कमेटियां

Mon, 21 Apr 2025 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 21 Apr 2025 12:04 AM IST
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Village level committees will prevent burning of crop residue
संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। गेहूं कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष को जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग ने पहल शुरू कर दी है।
जिला और ब्लॉक स्तर के साथ अब ग्रामस्तर पर भी निगरानी कमेटियों का गठन किया गया है। यह कमेटियां किसानों को जागरूक करने के साथ आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड की सहायता लेकर तुरंत नियंत्रण करने का कार्य करेंगी।
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जिले में इस बार करीब 1.45 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती की गई थी। अप्रैल के पहले सप्ताह से गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी है। अब तक 70 फीसदी से अधिक कटाई का काम हो चुका है। गर्मी अधिक होने के कारण कई किसान फसल अवशेषों को आग के हवाले कर देते हैं। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ पर्यावरण पर विपरीत असर पड़ता है। ऐसे में किसानों को जागरूक किया जाएगा। कई किसान मानते हैं कि केवल धान की पराली जलाने से ही प्रदूषण होता है, जबकि गेहूं के अवशेष जलाने से भी मिट्टी पर बुरा असर पड़ता है।
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कृषि विभाग किसानों को बताएगा कि गेहूं के अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण भले कम हो, परंतु इससे भूमि की उर्वरा शक्ति पर बुरा असर पड़ता है। मिट्टी की ऊपरी सतह के पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। साथ ही खेतों में मित्र कीट प्रजातियां भी समाप्त हो जाती हैं। ऐसे में अगली फसल की उत्पादकता प्रभावित होती है।
15 जून तक धान रोपाई पर रोक

अवशेष प्रबंधन के साथ जल संरक्षण को लेकर भी कृषि विभाग सतर्क है। किसानों को 15 जून से पहले धान की रोपाई नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों की अवहेलना करने पर न केवल फसल नष्ट की जाएगी, बल्कि किसानों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। विभाग ने किसानों से अपील की है कि धान की रोपाई से पूर्व वह मूंग व ढैंचा जैसी फसलें उगाकर भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाएं।


वर्जन

फसल अवशेषों में आग लगाने से मिट्टी की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता है। खरीफ और रबी दोनों सीजन में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामस्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। 15 जून से पहले धान की रोपाई पर भी पाबंदी है। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
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