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Sonipat News: अखाड़ों में भेदभाव के आरोपों पर आमने-सामने आए दो इन्फ्लुएंसर
Sun, 17 May 2026 01:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 17 May 2026 01:41 AM IST
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फोटो :: हर्ष छिक्कारा।
- फोटो : Samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। अखाड़ों में जातिवाद और भेदभाव को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंकित बैंयापुरिया के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद अब खुली जुबानी जंग में बदलता नजर आ रहा है। अंकित के वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्ष छिक्कारा ने उनके आरोपों को पहलवानी परंपरा और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि अखाड़े हमेशा से अनुशासन, मेहनत और भाईचारे की पहचान रहे हैं। यहां खिलाड़ियों की पहचान उनकी मेहनत और प्रदर्शन से होती है न कि जाति से। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकित ने किसी अखाड़े, कोच या व्यक्ति का नाम लिए बिना पूरे पहलवानी माहौल को बदनाम करने का प्रयास किया है।
अगर भेदभाव हुआ है तो नाम सार्वजनिक करें
हर्ष ने अंकित को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वास्तव में किसी अखाड़े में उनके साथ भेदभाव हुआ है तो वह संबंधित अखाड़े और कोच का नाम सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो वह स्वयं अंकित के समर्थन में खड़े होंगे लेकिन बिना तथ्य और नाम के पूरे समाज और अखाड़ों पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन समाजों पर अप्रत्यक्ष रूप से आरोप लगाए जा रहे हैं उन्हीं समाजों के सबसे अधिक बच्चे अखाड़ों में अभ्यास करते हैं। ऐसे बयान सामाजिक भाईचारे और खेल संस्कृति को प्रभावित कर सकते हैं।
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पहलवानी कॅरिअर और लोकप्रियता पर भी उठाए सवाल
हर्ष छिक्कारा ने अंकित बैंयापुरिया की पहलवानी उपलब्धियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अंकित यह स्पष्ट करें कि उन्होंने खेल के क्षेत्र में किस स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके अनुसार कोई भी खिलाड़ी कोच, साथी खिलाड़ियों और समाज के सहयोग से आगे बढ़ता है इसलिए पूरे तंत्र पर आरोप लगाना गलत संदेश देता है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर हिंदुत्व आधारित कंटेंट को राजनीतिक और डिजिटल प्लेटफार्म से तेजी से बढ़ावा मिलता है और इसी कारण अंकित को लोकप्रियता मिली। हर्ष के मुताबिक अब जब उनके प्रशंसक कम होने लगे तो उन्होंने जातिवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे को उठाकर नया विवाद खड़ा कर दिया।
वायरल वीडियो के बाद तेज हुई बहस
हाल ही में अंकित बैंयापुरिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने अखाड़ों में जातिगत भेदभाव और पक्षपात के आरोप लगाए थे। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और अब मामला दो प्रमुख इन्फ्लुएंसर्स के बीच सीधी बयानबाजी तक पहुंच गया है। फिलहाल इस विवाद ने खेल, समाज और सोशल मीडिया की भूमिका को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
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सोनीपत। अखाड़ों में जातिवाद और भेदभाव को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंकित बैंयापुरिया के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद अब खुली जुबानी जंग में बदलता नजर आ रहा है। अंकित के वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्ष छिक्कारा ने उनके आरोपों को पहलवानी परंपरा और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि अखाड़े हमेशा से अनुशासन, मेहनत और भाईचारे की पहचान रहे हैं। यहां खिलाड़ियों की पहचान उनकी मेहनत और प्रदर्शन से होती है न कि जाति से। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकित ने किसी अखाड़े, कोच या व्यक्ति का नाम लिए बिना पूरे पहलवानी माहौल को बदनाम करने का प्रयास किया है।
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अगर भेदभाव हुआ है तो नाम सार्वजनिक करें
हर्ष ने अंकित को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वास्तव में किसी अखाड़े में उनके साथ भेदभाव हुआ है तो वह संबंधित अखाड़े और कोच का नाम सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो वह स्वयं अंकित के समर्थन में खड़े होंगे लेकिन बिना तथ्य और नाम के पूरे समाज और अखाड़ों पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन समाजों पर अप्रत्यक्ष रूप से आरोप लगाए जा रहे हैं उन्हीं समाजों के सबसे अधिक बच्चे अखाड़ों में अभ्यास करते हैं। ऐसे बयान सामाजिक भाईचारे और खेल संस्कृति को प्रभावित कर सकते हैं।
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पहलवानी कॅरिअर और लोकप्रियता पर भी उठाए सवाल
हर्ष छिक्कारा ने अंकित बैंयापुरिया की पहलवानी उपलब्धियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अंकित यह स्पष्ट करें कि उन्होंने खेल के क्षेत्र में किस स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके अनुसार कोई भी खिलाड़ी कोच, साथी खिलाड़ियों और समाज के सहयोग से आगे बढ़ता है इसलिए पूरे तंत्र पर आरोप लगाना गलत संदेश देता है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर हिंदुत्व आधारित कंटेंट को राजनीतिक और डिजिटल प्लेटफार्म से तेजी से बढ़ावा मिलता है और इसी कारण अंकित को लोकप्रियता मिली। हर्ष के मुताबिक अब जब उनके प्रशंसक कम होने लगे तो उन्होंने जातिवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे को उठाकर नया विवाद खड़ा कर दिया।
वायरल वीडियो के बाद तेज हुई बहस
हाल ही में अंकित बैंयापुरिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने अखाड़ों में जातिगत भेदभाव और पक्षपात के आरोप लगाए थे। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और अब मामला दो प्रमुख इन्फ्लुएंसर्स के बीच सीधी बयानबाजी तक पहुंच गया है। फिलहाल इस विवाद ने खेल, समाज और सोशल मीडिया की भूमिका को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।