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Sonipat News: शिकायत के बाद नहीं बंद किया लीकेज, ग्रामीणों ने खुद ठीक करवाया
Mon, 05 Jan 2026 01:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 05 Jan 2026 01:20 AM IST
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फोटो 13: सोनीपत के गांव भोगीपुर में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर खुद लीकेज लाइन ठीक करवा
गन्नौर। गांव भोगीपुर में पेयजल लाइन लीक होने की शिकायत करने के एक महीने बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से उसे ठीक नहीं किया गया। इससे शिकायतकर्ता में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों के सहयोग से वह खुद ही लीकेज ठीक करवाने के लिए मजबूर हुए।
शिकायतकर्ता धीरज ने बताया कि गांव भोगीपुर में पेयजल लाइन लंबे समय से लीक थी जिसकी वजह से पानी सड़क पर बह रहा था। कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इस समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दो बार शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत दर्ज होने के बाद उम्मीद थी कि विभाग शीघ्र समस्या का समाधान करेगा लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद न तो कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा और न ही लीकेज लाइन को ठीक किया। समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से खुद ही प्लंबर बुलवाकर जलापूर्ति लाइन की मरम्मत करवाई।
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ग्रामीण राजकुमार, सोमदत्त, अमन, जतिन, आशु का कहना है कि यह कार्य विभाग की जिम्मेदारी थी लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते उन्हें अपनी जेब से खर्च कर समस्या का समाधान करना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सरकार की ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था की अनदेखी करने वाले संबंधित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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शिकायतकर्ता धीरज ने बताया कि गांव भोगीपुर में पेयजल लाइन लंबे समय से लीक थी जिसकी वजह से पानी सड़क पर बह रहा था। कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इस समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दो बार शिकायत दर्ज कराई थी।
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शिकायत दर्ज होने के बाद उम्मीद थी कि विभाग शीघ्र समस्या का समाधान करेगा लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद न तो कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा और न ही लीकेज लाइन को ठीक किया। समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से खुद ही प्लंबर बुलवाकर जलापूर्ति लाइन की मरम्मत करवाई।
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ग्रामीण राजकुमार, सोमदत्त, अमन, जतिन, आशु का कहना है कि यह कार्य विभाग की जिम्मेदारी थी लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते उन्हें अपनी जेब से खर्च कर समस्या का समाधान करना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सरकार की ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था की अनदेखी करने वाले संबंधित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।