फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   The flood water has receded, now the fields are getting absorbed in Yamuna due to erosion

Sonipat News: बाढ़ का पानी उतरा, अब कटाव से यमुना में समाहित हो रहे खेत

Mon, 15 Sep 2025 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 15 Sep 2025 01:04 AM IST
विज्ञापन
The flood water has receded, now the fields are getting absorbed in Yamuna due to erosion
फोटो : 10 : सोनीपत के रसूलपुर के पास यमुना के पानी से खराब हुई फसल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

गन्नौर (सोनीपत)। यमुना का जलस्तर कम होने से बाढ़ का पानी उतर गया है लेकिन किसानों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं।बेगा गांव में 60 एकड़ और पबनेरा गांव में 200 एकड़ भूमि में लगी फसल बर्बाद हो गई। साथ ही कटाव के चलते कृषि योग्य भूमि यमुना में समा रही है।
खेतों में जलभराव से टमाटर, भिंडी, हरी मिर्च की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। धान की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। धान पर बालियों पर सफेद परत जम गई है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।
विज्ञापन

किसान अब केवल खराब हुई फसलों के अवशेषों को देख कर मायूस हो रहे हैं। किसान पूर्व सरपंच ओमप्रकाश, ब्रह्मपाल, राजीव कश्यप, देवीराम, बाबूराम व मांगेराम का कहना है कि कहीं खेतो में पानी भरा है तो कही खेत से मिट्टी की परत जमी हुई है। इसकी वजह से उनकी फसल बर्बाद हो गई। उनकी सब्जियां की फसल भी पूरी तरह खत्म हो चुकी है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यमुना बांध के अंदर खराब हुई फसलों की मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। करीब 60 एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। उनके पास खेती के अलावा कोई काम नही है। उनके परिवार का गुजारा खेती से होता है। ऐसे में अब कैसे काम चलेगा।
किसानों ने कहा कियदि मुआवजा न मिला तो उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ जाएगी। किसानों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द विशेष गिरदावरी करवा कर उनके नुकसान का सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।

किसान बाबूराम ने बताया कि मेहनत कर उन्होंने धान व सब्जी की फसल लगाई थी। सोचा था फसल होने के बाद उनका कर्ज उतर जाएगा, लेकिन अब सब कुछ उल्टा हो गया। सरकार की तरफ से भी कोई मदद नहीं मिल रही। अब जिस कारण वह कर्ज लेने को मजबूर होंगे।

यमुना में बाढ़ से 30 गांव हुए प्रभावित
सोनीपत। हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी उतर गया है। अब यमुना नदी में जलस्तर कम हो गया है। यमुना नदी से सटे 30 गांव हैं जहां किसान सैकड़ों एकड़ भूमि पर खेती करते है। यमुना में छोड़े गए पानी के दौरान सैकड़ों एकड़ जमीन कट गई है जिससे किसानों को नुकसान हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि करीब 1100 एकड़ का नुकसान हुआ है। कुछ स्थानों पर सीमांकन के लिए लगाए गए पोल बह गए हैं। ऐसे में राजस्व विभाग की ओर से सर्वे शुरू किया गया है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद भी जमीन के कटाव का सही आकलन किया जा सकेगा।

जिला राजस्व अधिकारी सुशील शर्मा ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट अगले सप्ताह आने की उम्मीद है। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता आशीष कौशिक ने बताया कि वर्तमान में यमुना में 30 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed