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Sonipat News: दूसरे दिन भी नहीं हो सका डीएनए टेस्ट और पोस्टमार्टम
Sat, 17 Oct 2026 02:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 17 Oct 2026 02:54 AM IST
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सोनीपत के गांव बारोटा में स्थित गद्दा फैक्टरी जिसमें आग लगने से टीन शेड भी गिर गया था।
सोनीपत। गांव बारोटा स्थित गद्दा फैक्टरी में आग लगने से जान गंवाने वाले चाचा-भतीजे के शवों की पहचान के लिए दूसरे दिन भी डीएनए जांच और पोस्टमार्टम की कार्रवाई नहीं हो सकी। आग में दोनों श्रमिकों के शव बुरी तरह जलकर कंकाल में तब्दील हो गए थे।
ऐसे में डीएनए जांच के बाद ही उनकी पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। फिलहाल पुलिस को परिजनों के बयान दर्ज कराने का इंतजार है। वहीं, अग्निकांड में झुलसे तीन अन्य श्रमिकों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उन्हें आईसीयू में भर्ती रखकर उपचार दिया जा रहा है।
गांव बारोटा के पास सफियाबाद रोड स्थित गद्दे बनाने वाली लीजेंड पॉलीफॉर्म प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में वीरवार तड़के भीषण आग लग गई थी। भीषण आग में दो श्रमिक उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के गांव हरदी गुदरिया निवासी कैलाश व उनके परिवार में भतीजे सुनील की जलकर मौत हो गई थी। उनके कंकाल राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने बरामद किए थे।
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आग इतनी भयावह थी कि दोनों के शव कंकाल में तब्दील हो गए। इस कारण सामान्य तरीके से उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। शवों की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच कराना जरूरी है। इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद कंकाल किसका है। हालांकि, घटना के दूसरे दिन तक भी डीएनए जांच और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। परिवार की तरफ से कोई शिकायत भी नहीं मिल सकी है।
जांच अधिकारी रवि ने बताया कि परिवार की तरफ से अभी बयान दर्ज नहीं कराए गए हैं। मामले की जांच के दौरान आग लगने के कारणों और फैक्टरी में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे में झुलसे तीन अन्य श्रमिकों प्रेम सागर, राजेश व पवन की हालत भी चिंताजनक बनी है। चिकित्सकों की निगरानी में तीनों का आईसीयू में उपचार किया जा रहा है।
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ऐसे में डीएनए जांच के बाद ही उनकी पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। फिलहाल पुलिस को परिजनों के बयान दर्ज कराने का इंतजार है। वहीं, अग्निकांड में झुलसे तीन अन्य श्रमिकों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उन्हें आईसीयू में भर्ती रखकर उपचार दिया जा रहा है।
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गांव बारोटा के पास सफियाबाद रोड स्थित गद्दे बनाने वाली लीजेंड पॉलीफॉर्म प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में वीरवार तड़के भीषण आग लग गई थी। भीषण आग में दो श्रमिक उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के गांव हरदी गुदरिया निवासी कैलाश व उनके परिवार में भतीजे सुनील की जलकर मौत हो गई थी। उनके कंकाल राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने बरामद किए थे।
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आग इतनी भयावह थी कि दोनों के शव कंकाल में तब्दील हो गए। इस कारण सामान्य तरीके से उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। शवों की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच कराना जरूरी है। इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद कंकाल किसका है। हालांकि, घटना के दूसरे दिन तक भी डीएनए जांच और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। परिवार की तरफ से कोई शिकायत भी नहीं मिल सकी है।
जांच अधिकारी रवि ने बताया कि परिवार की तरफ से अभी बयान दर्ज नहीं कराए गए हैं। मामले की जांच के दौरान आग लगने के कारणों और फैक्टरी में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे में झुलसे तीन अन्य श्रमिकों प्रेम सागर, राजेश व पवन की हालत भी चिंताजनक बनी है। चिकित्सकों की निगरानी में तीनों का आईसीयू में उपचार किया जा रहा है।