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Sonipat News: जनशिकायतों के निपटारे में लापरवाही नहीं चल सकेगी
Sat, 17 Oct 2026 03:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 17 Oct 2026 03:17 AM IST
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सोनीपत। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मिलने वाली शिकायतों के निपटारे में अब केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। अधिकारियों को शिकायत के मूल कारण तक पहुंचकर उसका स्थायी समाधान करना होगा। अधीनस्थ कर्मचारियों की रिपोर्ट के आधार पर शिकायतों को सीधे खारिज करने के बजाय उनकी गंभीरता से जांच करनी होगी। प्रधान सचिव डी. सुरेश ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर ये निर्देश दिए।
उपायुक्त नेहा सिंह ने जिले से संबंधित अधिकारियों के साथ जनसंवाद की शिकायतों, समग्र विकास कार्यों और जिलावार विशेष मामलों की समीक्षा की। प्रधान सचिव ने निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान के बाद स्पष्ट फोटो और आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से कार्रवाई का रिकॉर्ड भी रखा जाए। संबंधित पोर्टल को नियमित रूप से अपडेट करने और शिकायतों की हर एक से दो सप्ताह में समीक्षा करने के लिए कहा गया।
प्रधान सचिव ने कहा कि समाधान शिविरों में सभी संबंधित अधिकारी पूरे समय मौजूद रहें व शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनकर मौके पर समाधान का प्रयास करें। यदि किसी कारणवश उपायुक्त नहीं आ पाते तो एडीसी की मौजूदगी अवश्य रहे। उन्होंने अधिकारियों को कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय मौके पर जाकर निरीक्षण करने और लोगों से संवाद कर समस्याओं की वास्तविक स्थिति समझने के निर्देश दिए।
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उपायुक्त नेहा सिंह ने जिले से संबंधित अधिकारियों के साथ जनसंवाद की शिकायतों, समग्र विकास कार्यों और जिलावार विशेष मामलों की समीक्षा की। प्रधान सचिव ने निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान के बाद स्पष्ट फोटो और आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से कार्रवाई का रिकॉर्ड भी रखा जाए। संबंधित पोर्टल को नियमित रूप से अपडेट करने और शिकायतों की हर एक से दो सप्ताह में समीक्षा करने के लिए कहा गया।
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प्रधान सचिव ने कहा कि समाधान शिविरों में सभी संबंधित अधिकारी पूरे समय मौजूद रहें व शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनकर मौके पर समाधान का प्रयास करें। यदि किसी कारणवश उपायुक्त नहीं आ पाते तो एडीसी की मौजूदगी अवश्य रहे। उन्होंने अधिकारियों को कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय मौके पर जाकर निरीक्षण करने और लोगों से संवाद कर समस्याओं की वास्तविक स्थिति समझने के निर्देश दिए।
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