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मुर्गी फार्म के गटर में मिला चार दिन से लापता बच्चे का शव, खेलते समय गटर में गिरा था
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हादसे के बाद विलाप करते परिजन। संवाद
- फोटो : Sonipat
दातौली से पट्टी ब्राह्मणान रोड स्थित मुर्गी फार्म से लापता हुए चार वर्षीय बच्चे का शव शनिवार को मुर्गी फार्म के गटर में मिला। बच्चा मुर्गी फार्म से 16 फरवरी को लापता हुआ था। परिजनों ने जीटी रोड पुलिस चौकी में बच्चे के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। बताया जा रहा है कि बच्चा फार्म में खेलते हुए वहां खुले पड़े गहरे गटर में जा गिरा और डूब गया। सूचना के बाद जीटी रोड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
गांव चेड़ी, जिला गया, बिहार हाल दातौली निवासी मनोज मुईया व उसका परिवार दातौली से पट्टी ब्राह्मणान रोड स्थित मुर्गी फार्म में मजदूरी करता है। उसका 4 वर्षीय बेटा प्रियांशु 16 फरवरी को अचानक लापता हो गया था, जिसकी उसने अपने स्तर पर तलाश की तो उसका कहीं पता नहीं चला। 17 फरवरी को उसने थाना बड़ी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद से पुलिस बच्चे की तलाश में जुटी थी। शनिवार को प्रियांशु का शव फार्म के गटर के अंदर से बरामद हुआ।
चौथे दिन खुद पानी से बाहर आया शव, सफाईकर्मी की पड़ी नजर
16 फरवरी को मनोज मुईया और उसकी पत्नी माला देवी काम में व्यस्त थे। इस दौरान प्रियांशु खेलते समय नाले में जा गिरा। काम में व्यस्त होने की वजह से उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके बेटे के साथ यह अनहोनी हो चुकी है। चौथे दिन बच्चे का शव गटर के दूषित पानी से बाहर आ गया। सफाईकर्मी मुस्तगीन की नजर बच्चे के शव पर पड़ी, जिसके बाद शव को बाहर निकलवाया गया।
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चार बहनों में इकलौता भाई था प्रियांशु
चार वर्षीय प्रियांशु चार बहनों में इकलौता भाई था। प्रियांशु की तीन बड़ी बहनें हैं। 11 वर्षीय मधु व 7 वर्षीय शांति गांव पट्टी ब्राह्मणान के राजकीय स्कूल में पढ़ती हैं। वहीं तीसरी बहन प्रिया की उम्र 5 वर्ष है। प्रियांशु की एक छोटी बहन भी है, जो अभी एक वर्ष की ही है। इकलौते बेटे के चले जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लापरवाही : गटर बंद होता तो नहीं होता हादसा
मुर्गी फार्म के अंदर बने गटर को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया था। गटर के गहरा होने के बावजूद इसे ढकवाने में फार्म संचालक व स्टाफ द्वारा लापरवाही बरती गई। यदि गटर को पहले से ही ढकवा दिया गया होता तो प्रियांशु इस हादसे का शिकार होने से बच सकता था।
वर्जन
पुलिस को हादसे की सूचना मिली थी। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। अभी परिजनों की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
- इंस्पेक्टर अशोक कुमार, जीटी रोड चौकी
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गांव चेड़ी, जिला गया, बिहार हाल दातौली निवासी मनोज मुईया व उसका परिवार दातौली से पट्टी ब्राह्मणान रोड स्थित मुर्गी फार्म में मजदूरी करता है। उसका 4 वर्षीय बेटा प्रियांशु 16 फरवरी को अचानक लापता हो गया था, जिसकी उसने अपने स्तर पर तलाश की तो उसका कहीं पता नहीं चला। 17 फरवरी को उसने थाना बड़ी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद से पुलिस बच्चे की तलाश में जुटी थी। शनिवार को प्रियांशु का शव फार्म के गटर के अंदर से बरामद हुआ।
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चौथे दिन खुद पानी से बाहर आया शव, सफाईकर्मी की पड़ी नजर
16 फरवरी को मनोज मुईया और उसकी पत्नी माला देवी काम में व्यस्त थे। इस दौरान प्रियांशु खेलते समय नाले में जा गिरा। काम में व्यस्त होने की वजह से उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके बेटे के साथ यह अनहोनी हो चुकी है। चौथे दिन बच्चे का शव गटर के दूषित पानी से बाहर आ गया। सफाईकर्मी मुस्तगीन की नजर बच्चे के शव पर पड़ी, जिसके बाद शव को बाहर निकलवाया गया।
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चार बहनों में इकलौता भाई था प्रियांशु
चार वर्षीय प्रियांशु चार बहनों में इकलौता भाई था। प्रियांशु की तीन बड़ी बहनें हैं। 11 वर्षीय मधु व 7 वर्षीय शांति गांव पट्टी ब्राह्मणान के राजकीय स्कूल में पढ़ती हैं। वहीं तीसरी बहन प्रिया की उम्र 5 वर्ष है। प्रियांशु की एक छोटी बहन भी है, जो अभी एक वर्ष की ही है। इकलौते बेटे के चले जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लापरवाही : गटर बंद होता तो नहीं होता हादसा
मुर्गी फार्म के अंदर बने गटर को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया था। गटर के गहरा होने के बावजूद इसे ढकवाने में फार्म संचालक व स्टाफ द्वारा लापरवाही बरती गई। यदि गटर को पहले से ही ढकवा दिया गया होता तो प्रियांशु इस हादसे का शिकार होने से बच सकता था।
वर्जन
पुलिस को हादसे की सूचना मिली थी। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। अभी परिजनों की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
- इंस्पेक्टर अशोक कुमार, जीटी रोड चौकी

प्रियांशु। फाइल फोटो- फोटो : Sonipat