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जेईई-मेंस परीक्षा में धांधली के आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लिया
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जेईई-मेंस की परीक्षा में धांधली के आरोप में गिरफ्तार सोनीपत के निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के चार कर्मियों को सीबीआई ने अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। उनसे गहनता से पूछताछ कर मामले में अन्य की संलिप्तता का पता लगाया जाएगा। इस मामले में नोएडा के एफिनिटी एजुकेशन के निदेशक व अन्य आरोपी पहले से सीबीआई की हिरासत में हैं।
जेईई-मेंस की परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली व अनियमितता बरतने की शिकायत मिलने पर सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में तीन सितंबर को सीबीआई टीम ने दिल्ली-एनसीआर सहित देशभर में 19 स्थानों पर छापे मारे थे और नोएडा के एफिनिटी के निदेशक सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में सोमवार को सोनीपत के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के चार कर्मियों को गिरफ्तार किया था। इनमें कॉलेज के एक सहायक प्रोफेसर संदीप गुप्ता, दो लैब तकनीशियन कुलदीप गर्ग व अरविंद सैनी और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तुलसी राम था।
शीर्ष संस्थानों में नामांकन के लिए 12 से 15 लाख रुपये लेता था गिरोह
सीबीआई के अनुसार परीक्षा में धांधली करने वाला यह गिरोह शीर्ष संस्थानों में नामांकन के लिए 12 से 15 लाख रुपये लेता था। इनके एजेंट कई राज्यों में फैले थे। यह एजेंट जेईई-मेंस में कम रैंकिंग वाले छात्रों से संपर्क कर उन्हें बेहतर रैंकिंग और शीर्ष एनआईटी संस्थान में नामांकन का भरोसा दिलाते थे। परीक्षा में धांधली के लिए एफिनिटी एजुकेशन के निदेशकों ने सोनीपत के परीक्षा केंद्र में कुछ कर्मचारियों से साठगांठ कर ली थी। छात्रों को इसी परीक्षा केंद्र को चुनने के लिए कहा जाता था। इसके आधार पर सीबीआई ने पहले यहां छापा मारकर कुछ दस्तावेज व कंप्यूटर आदि की जांच की थी और सोमवार को चार कर्मी गिरफ्तार किए थे। चारों को मंगलवार को सीबीआई की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन के लिए रिमांड पर लिया गया है। सीबीआई की टीम चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर ले गई थी। इस मामले में सोनीपत पुलिस को भनक तक नहीं लगने दी गई थी।
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जेईई-मेंस की परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली व अनियमितता बरतने की शिकायत मिलने पर सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में तीन सितंबर को सीबीआई टीम ने दिल्ली-एनसीआर सहित देशभर में 19 स्थानों पर छापे मारे थे और नोएडा के एफिनिटी के निदेशक सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में सोमवार को सोनीपत के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के चार कर्मियों को गिरफ्तार किया था। इनमें कॉलेज के एक सहायक प्रोफेसर संदीप गुप्ता, दो लैब तकनीशियन कुलदीप गर्ग व अरविंद सैनी और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तुलसी राम था।
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शीर्ष संस्थानों में नामांकन के लिए 12 से 15 लाख रुपये लेता था गिरोह
सीबीआई के अनुसार परीक्षा में धांधली करने वाला यह गिरोह शीर्ष संस्थानों में नामांकन के लिए 12 से 15 लाख रुपये लेता था। इनके एजेंट कई राज्यों में फैले थे। यह एजेंट जेईई-मेंस में कम रैंकिंग वाले छात्रों से संपर्क कर उन्हें बेहतर रैंकिंग और शीर्ष एनआईटी संस्थान में नामांकन का भरोसा दिलाते थे। परीक्षा में धांधली के लिए एफिनिटी एजुकेशन के निदेशकों ने सोनीपत के परीक्षा केंद्र में कुछ कर्मचारियों से साठगांठ कर ली थी। छात्रों को इसी परीक्षा केंद्र को चुनने के लिए कहा जाता था। इसके आधार पर सीबीआई ने पहले यहां छापा मारकर कुछ दस्तावेज व कंप्यूटर आदि की जांच की थी और सोमवार को चार कर्मी गिरफ्तार किए थे। चारों को मंगलवार को सीबीआई की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन के लिए रिमांड पर लिया गया है। सीबीआई की टीम चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर ले गई थी। इस मामले में सोनीपत पुलिस को भनक तक नहीं लगने दी गई थी।
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