{"_id":"61e9b4c40c8db567e474c78a","slug":"team-formed-for-prevention-of-illegal-mining-investigation-will-be-done-regularly-sonipat-news-rtk6362712198","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध खनन की रोकथाम के लिए किया टीम का गठन, नियमित रूप से की जाएगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध खनन की रोकथाम के लिए किया टीम का गठन, नियमित रूप से की जाएगी जांच
विज्ञापन
कैंप कार्यालय में बैठक के दौरान यमुना के बहाव को बाधित करने का मोबाइल में वीडियो दिखाते डीसी ललि?
- फोटो : Sonipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीसी ललित सिवाच ने अवैध खनन रोकने के कड़े निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी सूरत में अवैध खनन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसे लेकर उन्होंने एसडीएम खरखौदा की अध्यक्षता में एक टीम का गठन भी किया है। टीम नियमित रूप से जांच कर अवैध खनन पर पूर्ण लगाम लगाएगी।
डीसी ने वीरवार को अवैध खनन की रोकथाम को लेकर कैंप कार्यालय में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारियों को अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। विशेष रूप से खनन अधिकारी, पुलिस और परिवहन विभाग को इस दिशा में कड़े प्रयास करने होंगे, ताकि अवैध खनन न हो सके। उन्होेंने कहा कि ओवरलोडिंग की नियमित रूप से गंभीरता से जांच की जाए। खनन अधिकारी अवैध खनन को पूर्ण रूप से रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाएं। इसके लिए उन्हें पुलिस व परिवहन विभाग की ओर से पूर्ण सहयोग व सुविधा दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अवैध खनन न होने दें। इसके लिए संबंधित पुलिस थानों व चौकियों को अलर्ट रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि बेगा घाट, पबनेेरा, बख्तावरपुर, मीमारपुर, नांदनौर-असदपुर, जगदीशपुर, झुंडपुर, बड़ौली व महमूदपुर इत्यादि स्थानों पर विशेष रूप से निगरानी रखी जाए। डीसी ने पुलिस अधिकारियों को स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे अवैध खनन को भी रोकने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने कुछ लोगों की सूची भी दी। खनन अधिकारी का भी कहना था कि संबंधित गांवों के कुछ लोग भी अवैध खनन की गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है।
विज्ञापन
डीसी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से यमुना नदी में खनन माफियाओं द्वारा पानी के बहाव को प्रभावित करने के मामले में जवाब-तलब किया। उन्होंने मोबाइल में फोटो दिखाते हुए इसकी पूर्ण जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ गांवों में खेतों से बिना अनुमति के मिट्टी उठाने की सूचना भी मिली है जो अवैध खनन का हिस्सा है। उन्होंने पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें, जिसमें एक वर्ष के दौरान बिना अनुमति मिट्टी उठाने की रिकॉर्ड तैयार किया जाएं। अनुमति के बगैर खेतों से मिट्टी उठाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को भी अवैध खनन की दिशा में जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला यातायात अधिकारी मानव मलिक, डीएसपी जोगेंद्र सिंह राठी, तहसीलदार मनोज अहलावत, जिला वन अधिकारी राजेश वत्स, सिंचाई विभाग के एक्सईएन अश्विनी फौगाट, खनन अधिकारी अशोक कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के असिस्टेंट एनवायरमेंट इंजीनियर अनुज नरवाल भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
डीसी ने वीरवार को अवैध खनन की रोकथाम को लेकर कैंप कार्यालय में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारियों को अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। विशेष रूप से खनन अधिकारी, पुलिस और परिवहन विभाग को इस दिशा में कड़े प्रयास करने होंगे, ताकि अवैध खनन न हो सके। उन्होेंने कहा कि ओवरलोडिंग की नियमित रूप से गंभीरता से जांच की जाए। खनन अधिकारी अवैध खनन को पूर्ण रूप से रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाएं। इसके लिए उन्हें पुलिस व परिवहन विभाग की ओर से पूर्ण सहयोग व सुविधा दी जाएगी।
विज्ञापन
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अवैध खनन न होने दें। इसके लिए संबंधित पुलिस थानों व चौकियों को अलर्ट रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि बेगा घाट, पबनेेरा, बख्तावरपुर, मीमारपुर, नांदनौर-असदपुर, जगदीशपुर, झुंडपुर, बड़ौली व महमूदपुर इत्यादि स्थानों पर विशेष रूप से निगरानी रखी जाए। डीसी ने पुलिस अधिकारियों को स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे अवैध खनन को भी रोकने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने कुछ लोगों की सूची भी दी। खनन अधिकारी का भी कहना था कि संबंधित गांवों के कुछ लोग भी अवैध खनन की गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है।
विज्ञापन
डीसी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से यमुना नदी में खनन माफियाओं द्वारा पानी के बहाव को प्रभावित करने के मामले में जवाब-तलब किया। उन्होंने मोबाइल में फोटो दिखाते हुए इसकी पूर्ण जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ गांवों में खेतों से बिना अनुमति के मिट्टी उठाने की सूचना भी मिली है जो अवैध खनन का हिस्सा है। उन्होंने पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें, जिसमें एक वर्ष के दौरान बिना अनुमति मिट्टी उठाने की रिकॉर्ड तैयार किया जाएं। अनुमति के बगैर खेतों से मिट्टी उठाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को भी अवैध खनन की दिशा में जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला यातायात अधिकारी मानव मलिक, डीएसपी जोगेंद्र सिंह राठी, तहसीलदार मनोज अहलावत, जिला वन अधिकारी राजेश वत्स, सिंचाई विभाग के एक्सईएन अश्विनी फौगाट, खनन अधिकारी अशोक कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के असिस्टेंट एनवायरमेंट इंजीनियर अनुज नरवाल भी मौजूद रहे।