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मुसीबतः खेल मंत्रालय से पीसीआई निलंबित, विश्व चैंपियनशिप और पैरालंपिक में खेलने पर संकट

Wed, 11 Sep 2019 11:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Wed, 11 Sep 2019 11:20 AM IST
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Sports Ministery Suspends Para Olympic Commettee of India
पैरा एथलीट - फोटो : फाइल फोटो
केंद्रीय खेल मंत्रालय ने पीसीआई (पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया) को सस्पेंड कर दिया है। पीसीआई के अध्यक्ष पद से हटाने पर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए खेल मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पीसीआई को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है, लेकिन पीसीआई की आपसी खींचतान में खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर लग गया है।
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बंगलूरू में 23-24 सितंबर को होने वाले पैरालंपिक क्वालीफायर और वर्ल्ड चैंपियनशिप का ट्रायल नहीं होता दिख रहा है। खेल मंत्रालय के आदेश के आधार पर अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक संघ से पीसीआई का सस्पेंड होना तय माना जा रहा है, जिसके बाद नई कमेटी नहीं बनने तक खिलाड़ी किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में नहीं खेल सकेंगे। इसके साथ ही वर्ल्ड चैंपियनशिप और पैरालंपिक में खेलने को लेकर भी खतरा मंडराने लगा है।
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पीसीआई में चार महीने पहले तक केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह अध्यक्ष थे, लेकिन उनको हट दिया गया था और गुरचरण सिंह को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस मामले में राव इंद्रजीत सिंह ने केंद्रीय खेल मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई और पीसीआई के पदाधिकारियों पर नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए। इसमें जांच के बाद खेल मंत्रालय ने पीसीआई को निलंबित कर दिया।
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पीसीआई के निलंबित होने से सबसे ज्यादा झटका खिलाड़ियों को लगा, क्योंकि वे बंगलूरू में ओलंपिक क्वालीफायर व वर्ल्ड चैंपियनशिप के होने वाले ट्रायल की तैयारी कर रहे थे। खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह होगी कि अब उनको ओलंपिक तक पहुंचने के लिए ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ेगी और ऐसा हो सकता है कि उनको वर्ल्ड चैंपियनशिप व ओलंपिक तक से दूर रहना पड़े।

 

पहले तीन बार निलंबित हुई पीसीआई, आईपीएफ ने भी किया

पीसीआई को पहले भी तीन बार सस्पेंड किया गया, जिनमें 2011, 2013 और 2015 है। खेल मंत्रालय से सस्पेंड होने के कारण तीनों बार आईपीएफ (इंटरनेशनल पैरालंपिक फेडरेशन) ने भी पीसीआई को सस्पेंड किया था और इसका खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ा था, जो कई चैंपियनशिप में नहीं खेल सके थे।

खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ : अमित सरोहा
अर्जुन अवार्डी और पैरालंपियन अमित सरोहा इस तरह पीसीआई को निलंबित करने को पैरा खिलाड़ियों के लिए काला अध्याय बताते हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब ऐसा हुआ है, उसी समय खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर लगा है। अब पैरालंपिक क्वालीफाई व वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल नहीं होना लगभग तय है और यह सब कुछ पीसीआई की आपसी राजनीति के कारण हो रहा है। इसलिए खेल मंत्रालय को जल्द अपने स्तर पर कमेटी बनाकर खिलाड़ियों के भविष्य को बचाना चाहिए और इस मामले में सभी खिलाड़ी खेल मंत्री से मिलेंगे।

पीसीआई चल रही थी मनमर्जी : गिरिराज
हरियाणा पैरालंपिक संघ के महासचिव गिरिराज सिंह कहते है कि पीसीआई हर फैसले में अपनी मर्जी चला रही थी और वह किसी को ऊपर आने देने की जगह नियमों का उल्लंघन करके हटा देती थी। इस समय भी कई ऐसे ही फैसले लिए गए, जिसके बाद ही खेल मंत्रालय ने उसको निलंबित किया। इससे संघों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन खिलाड़ियों को परेशानी जरूर होगी।
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