आंदोलन समाप्ति के एलान से एक दिन पहले आत्महत्या: एमएसपी पर कानून न बनाने से आहत था किसान, सुसाइड नोट में लिखी ये बात
बुधवार को केएमपी से कूदकर जान गंवाने वाले किसान की झोपड़ी से सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट पर किसान के हस्ताक्षर भी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के सोनीपत के गोहाना कस्बे के गांव न्यात के जिस किसान ने बुधवार को केएमपी से कूदकर जान दी थी, गुरुवार को उसके परिजनों को किसान की झोपड़ी से सुसाइड नोट मिला। परिजन और किसान नेताओं ने सुसाइड नोट का हस्तलेख और उस पर हस्ताक्षर मृतक किसान के ही होने का दावा किया है। किसान ने सुसाइड अनुसार आत्महत्या का कारण स्वामीनाथन रिपोर्ट न लागू होना और एमएसपी गारंटी कानून न बनाना है।
गांव न्यात निवासी धर्मपाल (65) ने कुंडली बॉर्डर पर चल रहे धरने पर बुधवार को केएमपी से कूदकर जान दे दी थी। धर्मपाल की पहचान उसकी जेब से मिले भाकियू के पहचान-पत्र से हुई थी। उसके पास से भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल का मोबाइल नंबर भी मिला था। उसी नंबर पर सत्यवान नरवाल को धर्मपाल के केएमपी से नीचे कूदकर जान दे देने की सूचना दी गई थी। बाद में सत्यवान नरवाल ने ही मृतक किसान के परिजनों को अवगत करवाया। धर्मपाल अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी छोड़ गया है।
सुसाइड नोट में यह लिखा मिला
धर्मपाल की झोपड़ी में मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि किसी भी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं किया, न किसानों को शोषण से बचाने के लिए एमएसपी का कानून बनाया गया। इसी तरह से महंगाई, लागत और लाभ के आंकलन के लिए कृषि आयोग का गठन भी नहीं किया गया। उसने सुसाइड नोट में इच्छा व्यक्त की है कि उसके देहांत के बाद उसके पार्थिव शरीर का मानव हित में इस्तेमाल किया जाए। इसमें धर्मपाल के नाम से हस्ताक्षर भी हैं।
धर्मपाल के परिवार के सदस्यों के साथ गुरुवार को कुंडली बॉर्डर पर उसकी झोपड़ी में गया था। वहां सामान में एक सुसाइड नोट भी मिला। यह सुसाइड नोट हिंदी भाषा में खुद धर्मपाल ने लिख रखा है और नीचे अपने हस्ताक्षर भी कर रखे हैं। सुसाइड नोट की लिखाई और हस्ताक्षर स्वयं धर्मपाल के हैं। - सत्यवान नरवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाकियू।