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Sonipat News: ढैंचा बोने पर मिलेगा प्रति एकड़ अनुदान
Mon, 12 May 2025 01:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 12 May 2025 01:43 AM IST
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गन्नौर। प्रदेश सरकार रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने और भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए ढैंचा की बुआई करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है।
खंड कृषि अधिकारी डाॅ. आनंद श्योराण ने बताया कि ढैंचा की बिजाई करने वाले किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी।
खंड कृषि अधिकारी ने बताया कि सरकार की इस योजना से अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा। ढैंचा मिट्टी में जोतकर जैविक खाद के रूप में उपयोग किया जाता है।
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यह न केवल मिट्टी की उर्वरता शक्ति को बढ़ाता है, बल्कि नाइट्रोजन स्थिरीकरण करके नाइट्रोजन की पूर्ति भी करता है। यह नमी बनाए रखने और उत्पादन लागत घटाने में सहायक है। योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा।
उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से किसानों को ढैंचा की बिजाई करने के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसा करने से रासायनिक खाद के प्रति निर्भरता को कम किया जाएगा। संवाद
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खंड कृषि अधिकारी डाॅ. आनंद श्योराण ने बताया कि ढैंचा की बिजाई करने वाले किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी।
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खंड कृषि अधिकारी ने बताया कि सरकार की इस योजना से अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा। ढैंचा मिट्टी में जोतकर जैविक खाद के रूप में उपयोग किया जाता है।
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यह न केवल मिट्टी की उर्वरता शक्ति को बढ़ाता है, बल्कि नाइट्रोजन स्थिरीकरण करके नाइट्रोजन की पूर्ति भी करता है। यह नमी बनाए रखने और उत्पादन लागत घटाने में सहायक है। योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा।
उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से किसानों को ढैंचा की बिजाई करने के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसा करने से रासायनिक खाद के प्रति निर्भरता को कम किया जाएगा। संवाद