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Sonipat News: शैक्षणिक उपलब्धियां सुरक्षित रख सकेंगे विद्यार्थी, ड्रॉप आउट पर लगेगा अंकुश
Sun, 06 Oct 2024 11:00 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 06 Oct 2024 11:00 PM IST
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सोनीपत। देशभर में लागू की जा रही एक देश-एक छात्र योजना के तहत अब विद्यार्थियों की आधार की तर्ज पर ऑटोमेटिड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को देश के किसी भी कोने में स्थित स्कूल में दाखिला लेने में कोई परेशानी नहीं आएगी। विशेष बात यह है कि अपार आईडी को डिजी लॉकर से भी जोड़ा जाएगा। इसमें विद्यार्थी अपने समस्त प्रमाण-पत्र व अन्य शैक्षणिक उपलब्धियां सुरक्षित रख सकेंगे।
एक देश-एक छात्र योजना के तहत राजकीय व निजी विद्यालयों में पहली से 12वीं कक्षा तक शिक्षा ग्रहण करने वाले सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जाएगी। अपार आईडी में मौजूद 12 अंकों का यूनिक आईडी विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक करने में मदद करेगा। आईडी में विद्यार्थी की समस्त जानकारी रहेगी। विद्यार्थी को देश भर में किसी भी स्थान पर यदि किसी संस्थान में दाखिला लेना है तो, उसकी पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगी।
एक पहचान के रूप में भी प्रयोग कर सकेंगे विद्यार्थी
विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने का उद्देश्य स्कूलों में ड्राॅप आउट को खत्म करना है। आईडी बनने के उपरांत यदि विद्यार्थी स्कूल छोड़ता है तो उसकी आसानी से पहचान की जा सकेगी। आईडी बनने पर विद्यार्थी को देश के किसी भी कोने में ट्रैक किया जा सकेगा। अपार आईडी को विद्यार्थी एक पहचान के रूप में भी प्रयोग कर सकेंगे। इसमें विद्यार्थी का नाम, पता, अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, यूआईएफएससी कोड शामिल रहेगा। आइडी बनाने से पहले अभिभावकों से सहमति-पत्र लेना होगा। 18 साल की आयु होने पर विद्यार्थी का नाम खुद मतदाता पहचान-पत्र के लिए शामिल किया जा सकेगा।
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एक देश-एक छात्र योजना के तहत विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जानी है। यह शिक्षा विभाग की एक अनूठी पहल है। अपार आईडी को डीजी लॉकर से भी जोड़ा जाएगा। जिसमें विद्यार्थी अपने समस्त दस्तावेज सुरक्षित रख सकेंगे। अपार आईडी विद्यार्थियों के लिए काफी फायदेमंद रहेगी, इससे ड्रॉप आउट को शून्य करने में भी मदद मिलेगी।
-नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
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एक देश-एक छात्र योजना के तहत राजकीय व निजी विद्यालयों में पहली से 12वीं कक्षा तक शिक्षा ग्रहण करने वाले सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जाएगी। अपार आईडी में मौजूद 12 अंकों का यूनिक आईडी विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक करने में मदद करेगा। आईडी में विद्यार्थी की समस्त जानकारी रहेगी। विद्यार्थी को देश भर में किसी भी स्थान पर यदि किसी संस्थान में दाखिला लेना है तो, उसकी पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगी।
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एक पहचान के रूप में भी प्रयोग कर सकेंगे विद्यार्थी
विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने का उद्देश्य स्कूलों में ड्राॅप आउट को खत्म करना है। आईडी बनने के उपरांत यदि विद्यार्थी स्कूल छोड़ता है तो उसकी आसानी से पहचान की जा सकेगी। आईडी बनने पर विद्यार्थी को देश के किसी भी कोने में ट्रैक किया जा सकेगा। अपार आईडी को विद्यार्थी एक पहचान के रूप में भी प्रयोग कर सकेंगे। इसमें विद्यार्थी का नाम, पता, अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, यूआईएफएससी कोड शामिल रहेगा। आइडी बनाने से पहले अभिभावकों से सहमति-पत्र लेना होगा। 18 साल की आयु होने पर विद्यार्थी का नाम खुद मतदाता पहचान-पत्र के लिए शामिल किया जा सकेगा।
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एक देश-एक छात्र योजना के तहत विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जानी है। यह शिक्षा विभाग की एक अनूठी पहल है। अपार आईडी को डीजी लॉकर से भी जोड़ा जाएगा। जिसमें विद्यार्थी अपने समस्त दस्तावेज सुरक्षित रख सकेंगे। अपार आईडी विद्यार्थियों के लिए काफी फायदेमंद रहेगी, इससे ड्रॉप आउट को शून्य करने में भी मदद मिलेगी।
-नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत