{"_id":"5dd82c068ebc3e54ae284202","slug":"student-demand-of-his-fees-sonipat-news-rtk528866531","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुरथल विवि में प्रवेश निरस्त कराने वाले छात्रों का फीस वापसी के लिए हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुरथल विवि में प्रवेश निरस्त कराने वाले छात्रों का फीस वापसी के लिए हंगामा
विज्ञापन
मुरथल यूनिवर्सिटी में फीस वापसी के लिए पहुंचे छात्र।
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्किल इंडिया योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा होने के बाद प्रवेश निरस्त कराकर फीस वापसी के लिए परेशान हो रहे छात्रों ने शुक्रवार को हंगामा किया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फीस वापसी के लिए आवेदन करने वाले 57 छात्रों को चार महीने से चक्कर कटाए जा रहे थे और उनकी 29 से 49 हजार रुपये फीस वापस नहीं लौटाई जा रही थी, जबकि विवि अधिकारियों ने प्रवेश निरस्त होने के बाद एक महीने में फीस वापसी का वादा किया था। वे छात्र शुक्रवार को कुलपति से मिलने पहुंचे थे, लेकिन कुलपति के नहीं मिलने पर छात्रों ने रोष जताया और उसके बाद रजिस्ट्रार से मुलाकात की। रजिस्ट्रार ने जल्द ही फीस वापस करने का आश्वासन छात्रों को दिया है।
मुरथल विश्वविद्यालय की ओर से यूजीसी में स्किल इंडिया प्रोग्राम के तहत कम्यूनिटी कालेज के लिए आवेदन किया गया, जिसकी अनुमति 2014-15 में मिल गई। कम्यूनिटी कालेज के तहत डिप्लोमा इन रिटेल मैनेजमेंट व एडवांस डिप्लोमा इन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी की अनुमति दी। यूजीसी ने विश्वविद्यालय के लिए अनुदान भी पहले वर्ष के लिए 50.60 लाख और दूसरे वर्ष के लिए 63.20 लाख रुपये मंजूर कर दिया था, जिसमें से पहले वर्ष के लिए पहली किस्त 25.30 लाख रुपये विवि को जारी कर दी, लेकिन विवि में 2014-15 में कोई एडमिशन नहीं किया गया और 2015-16 से जब एडमिशन किए गए तो वे बी-वोकेशनल कोर्स के तहत कर लिए गए जो कम्यूनिटी कालेज से अलग होते हैं। ऐसे 60 छात्र थे, जिनकी यह फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद परीक्षा नहीं कराई जा रही थी। जिस समय इन छात्रों का प्रवेश किया गया था, उस समय कहा गया था कि यह कोर्स करने वालों की क्लास शाम के समय दो घंटे चलेगी। वहीं छात्रों के लगातार परीक्षा कराने के लिए हंगामा करने पर विश्वविद्यालय ने एकेडमिक काउंसिल की चार महीने पहले मीटिंग में पेपर कराने का प्रस्ताव पास कर दिया था, लेकिन यह तभी कराया जा सकता है, जब अन्य कोर्स की तरह रेगुलर क्लास लगाई जाएगी। यह मामला होने पर 57 छात्रों ने अपना प्रवेश निरस्त कराकर फीस वापसी के लिए आवेदन कर दिया था। जिनकी फीस 29-49 हजार रुपये एक महीने में वापस करने की बात कही गई थी, लेकिन उनकी फीस अभी तक वापस नहीं की गई और फीस वापसी के लिए छात्रों को भटकना पड़ रहा है। इस मामले में कुलपति प्रो. राजेंद्र अनायत ने एक सप्ताह में फीस वापसी की बात कही थी, लेकिन एक सप्ताह बीतने पर भी फीस खाते में नहीं पहुंची तो छात्र उनसे मिलने विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां उनके नहीं मिलने पर हंगामा किया और रजिस्ट्रार प्रो. आरडी कौशिक से मुलाकात की, जिस पर रजिस्ट्रार ने जल्द ही फीस उनके खातों में ट्रांसफर करने की बात कही है।
विज्ञापन
मुरथल विश्वविद्यालय की ओर से यूजीसी में स्किल इंडिया प्रोग्राम के तहत कम्यूनिटी कालेज के लिए आवेदन किया गया, जिसकी अनुमति 2014-15 में मिल गई। कम्यूनिटी कालेज के तहत डिप्लोमा इन रिटेल मैनेजमेंट व एडवांस डिप्लोमा इन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी की अनुमति दी। यूजीसी ने विश्वविद्यालय के लिए अनुदान भी पहले वर्ष के लिए 50.60 लाख और दूसरे वर्ष के लिए 63.20 लाख रुपये मंजूर कर दिया था, जिसमें से पहले वर्ष के लिए पहली किस्त 25.30 लाख रुपये विवि को जारी कर दी, लेकिन विवि में 2014-15 में कोई एडमिशन नहीं किया गया और 2015-16 से जब एडमिशन किए गए तो वे बी-वोकेशनल कोर्स के तहत कर लिए गए जो कम्यूनिटी कालेज से अलग होते हैं। ऐसे 60 छात्र थे, जिनकी यह फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद परीक्षा नहीं कराई जा रही थी। जिस समय इन छात्रों का प्रवेश किया गया था, उस समय कहा गया था कि यह कोर्स करने वालों की क्लास शाम के समय दो घंटे चलेगी। वहीं छात्रों के लगातार परीक्षा कराने के लिए हंगामा करने पर विश्वविद्यालय ने एकेडमिक काउंसिल की चार महीने पहले मीटिंग में पेपर कराने का प्रस्ताव पास कर दिया था, लेकिन यह तभी कराया जा सकता है, जब अन्य कोर्स की तरह रेगुलर क्लास लगाई जाएगी। यह मामला होने पर 57 छात्रों ने अपना प्रवेश निरस्त कराकर फीस वापसी के लिए आवेदन कर दिया था। जिनकी फीस 29-49 हजार रुपये एक महीने में वापस करने की बात कही गई थी, लेकिन उनकी फीस अभी तक वापस नहीं की गई और फीस वापसी के लिए छात्रों को भटकना पड़ रहा है। इस मामले में कुलपति प्रो. राजेंद्र अनायत ने एक सप्ताह में फीस वापसी की बात कही थी, लेकिन एक सप्ताह बीतने पर भी फीस खाते में नहीं पहुंची तो छात्र उनसे मिलने विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां उनके नहीं मिलने पर हंगामा किया और रजिस्ट्रार प्रो. आरडी कौशिक से मुलाकात की, जिस पर रजिस्ट्रार ने जल्द ही फीस उनके खातों में ट्रांसफर करने की बात कही है।
विज्ञापन