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Sports: विनेश ने कर्तव्य पथ पर छोड़े खेल रत्न व अर्जुन अवॉर्ड, बजरंग ने खेलों के भविष्य को लेकर जाहिर की चिंता
Sat, 30 Dec 2023 10:44 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 30 Dec 2023 10:44 PM IST
सार
उधर, गीता फोगाट ने कहा कि पहलवान सच के लिए लड़ रहे हैं। जरूर कामयाबी मिलेगी। बजरंग ने खेलों के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की है। शनिवार को विनेश फोगाट दिल्ली पहुंचीं और पीएमओ के बाहर खेल रत्न व अर्जुन अवाॅर्ड रख दिए।
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: दिल्ली में पीएमओ के बाहर कर्तव्य पथ पर अवार्ड लेकर जाती विनेश फोगाट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
भारतीय कुश्ती महासंघ की नई कार्यकारिणी के चुनाव व खेल मंत्रालय की तरफ से कार्यकारिणी के निलंबन के बाद भी पहलवानों का विरोध जारी है। चार दिन पहले मेजर ध्यानचंद खेल रत्न व अर्जुन अवाॅर्ड वापसी की घोषणा करने वाली विनेश फोगाट ने शनिवार को पीएमओ के बाहर पहुंचकर अपने अवाॅर्ड कर्तव्य पथ पर बैरिकेड के पास रख दिए और पति सोमबीर राठी संग वहां से लौट आईं। उन्होंने कहा कि वह इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ रही हैं और इसे जारी रखेंगी। उधर, ओलंपियन बजरंग पूनिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर कुश्ती के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की है।
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भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव 21 दिसंबर को हुए थे, जिसमें संजय सिंह प्रधान बने थे। उन्हें व उनके फैसलों को लेकर पहलवानों से सवाल उठाए थे। उसी दिन ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक ने कुश्ती से संन्यास ले लिया था। 22 दिसंबर को ओलंपियन बजरंग पूनिया दिल्ली पीएम आवास के बाहर अपना पद्मश्री रखकर आ गए थे।
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26 दिसंबर को विनेश फोगाट ने भी अपना मेजर ध्यानचंद खेल रत्न व अर्जुन अवाॅर्ड वापस करने की घोषणा की थी। शनिवार को विनेश फोगाट पति सोमबीर राठी के साथ दिल्ली पीएमओ के बाहर पहुंचीं। जब वह सम्मान लौटाने पीएमओ जा रही थीं तो कर्तव्य पथ पर पुलिस ने विनेश को रोक लिया। उन्होंने पीएम से मिलने की बात कही, लेकिन उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया।
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इसके बाद विनेश ने अपना अर्जुन अवाॅर्ड व खेल रत्न कर्तव्य पथ पर लगे बैरिकेड पर छोड़ दिया और वापस लौट आईं। इस दौरान मीडिया से उन्होंने कहा कि वह इंसाफ की लड़ाई लड़ रही हैं। इस लड़ाई को इंसाफ मिलने तक जारी रखा जाएगा।
बजरंग ने खेलों के भविष्य को लेकर जाहिर की चिंता
वर्ष 2023 के पहले महीने से ही शुरू हुआ कुश्ती विवाद अब अंतिम दिन तक भी जारी है। ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुके और पहलवानों के लिए आंदोलन कर रहे बजरंग पूनिया ने अब कुश्ती के भविष्य पर चिंता जाहिर की है। ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लिखा कि करीब एक साल से न तो कोई राष्ट्रीय प्रतियोगिता हुई और न ही खिलाड़ियों के शिविर लगाए गए हैं। पेरिस ओलंपिक को महज सात माह का समय बचा है, लेकिन कुश्ती को लेकर कोई गंभीर नहीं दिखाई दे रहा। उन्होंने लिखा है कि कई महीने से कुश्ती का कामकाज ठप है। बजरंग ने लिखा कि चार ओलंपिक में देश के पहलवानों ने लगातार चार पदक दिए हैं। खेल मंत्रालय से निवेदन है कि जल्दी कुश्ती की सारी गतिविधियां शुरू करवाए, ताकि खिलाड़ियों का भविष्य बचाया जा सके।
विनेश के कदम पर बजरंग ने लिखा महिला पहलवान सबसे बुरे दौर में
विनेश के खेल रत्न व अर्जुन अवार्ड वापस लौटने पर बजरंग पूनिया ने उनका 35 सेकंड का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि महिला पहलवान इस समय सबसे बुरे दौर से गुजर रही हैं। यह दिन किसी खिलाड़ी के जीवन में न आए।
सच के लिए लड़ रहे पहलवान, जरूर मिलेगी कामयाबी : गीता फोगाट
अंतरराष्ट्रीय पहलवान गीता फोगाट ने कहा कि पहलवान सच की लड़ाई लड़ रहे हैं। सोनीपत में एक कार्यक्रम में पहुंची गीता फोगाट ने उनका पक्ष लेते हुए कहा कि एक दिन उन्हें जरूर कामयाबी मिलेगी। गीता ने कुश्ती महासंघ की कार्यकारिणी को निलंबित किए जाने के सवाल पर कहा कि उसके पीछे भी जरूर कोई कारण रहा होगा। हालांकि, बजरंग व साक्षी को लेकर पूछे गए सवाल पर गीता फोगाट ने चुप्पी साध ली। गीता ने कहा कि वह जल्दी ही मैट पर अभ्यास करती नजर आएंगी।