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अब पावर से कंट्रोल होगा शहर का ट्रैफिक
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:16 AM IST
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गीता भवन चौक पर बंद पड़ी रेड लाइट।
- फोटो : bureau
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वाह रे नगर निगम। आपके अधिकारी एक नहीं, बल्कि दो बार चूक कर गए। इससे जहां निगम का खजाना खाली हो रहा है, वहीं आम पब्लिक को जो सुविधा मिलनी चाहिए थी, वह भी नहीं मिल रही है। मामला ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए लगाए जाने वाले सिग्नल और लाइट का है। एक साल में निगम 58 लाख रुपये सिग्नलों पर खर्च कर चुका है, लेकिन अब जाकर अधिकारियों को पता चला है कि सिग्नल इसलिए काम नहीं कर रहे, क्योंकि उनके ऊपर लगी सौर ऊर्जा प्लेट में फाल्ट है। अब प्लेट को हटाकर सिग्नल को पावर से चलाया जाएगा। लाखों रुपये प्लेट पर जो खर्च हुए, इसका जिम्मेदार कौन है, इसकी चिंता किसी को नहीं है।
फरवरी 2015 में पूर्व नगर परिषद ने यातायात को व्यवस्थित करने के लिए राजधानी की तर्ज पर शहर के गीता भवन चौक, महाराज अग्रसेन चौक, मामा-भांजा चौक, कालूपुर चुंगी पर 40 लाख रुपये खर्च ट्रैफिक लाइट लगवाई थी। इन्हें जब चालू किया गया तो यह ठीक तरह से काम नहीं कर रही थी। हालांकि इनकी खराबी के कारणों का पता नहीं चल पा रहा था। इतना ही नहीं 15 दिन पहले निगम के एरिया में आने वाले मुरथल चौक और बीसवां मील चौक पर 18 लाख रुपये खर्च कर रेड लाइट लगवा दी, जो अब तक चालू नहीं हो सकी है।
निगम प्रशासन को अब पता चला, आखिर कहां है फाल्ट
शहर के चारों तरफ लगाई गई सभी रेड लाइटों को सौर ऊर्जा प्लेट से चालू किया गया था। इसकी देखरेख की जिम्मेवारी दिल्ली की एक कंपनी को दी गई, लेकिन ये फार्मूला कामयाब नहीं हुआ। एक भी सिग्नल काम नहीं कर सका। अब पता चला है कि सौर ऊर्जा प्लेट की वजह से दिक्कत आ रही है। ऐसे में निगम ने प्लेट को हटाकर पावर से सिग्नल चलाने का फैसला किया है।
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अधिकारी बोले, निगम कार्यालय में लगाएंगे सोलर प्लेट
सौर ऊजा की प्लेट के सहारे शहर के ट्रैफिक सिग्नल चालू करने की योजना थी, जो फेल हो गई। अब उन्हें हटाने का निर्णय लिया गया है। वहीं इन प्लेटों का अब निगम कार्यालय और साथ में बने पार्क में लाइट जलाने के काम में लाया जाएगा। इससे रात के समय में निगम कार्यालय और पार्क में लाइट चली जाने के बाद भी रोशनी रह सकेगी।
शहर के चारों तरफ लगाई गई रेड लाइटों को सौर ऊर्जा की प्लेटों से जोड़ा गया था, लेकिन यह कामयाब नहीं हो पाई। अब सभी को बिजली की लाइन से जोड़ने का फैसला लिया गया है।
-ठाकुरलाल शर्मा, एक्सईएन नगर निगम
शहर में दिन प्रतिदिन वाहनों की संख्या बढ़ रही है जिस कारण रेड लाइटें लगवाई गई थी लेकिन खराबी के चलते ये चालू नहीं हो पाई थी अब जल्द ही इन्हें ठीक कराया जाएगा।
-अश्वनी मेंगी, कमिश्नर, नगर निगम
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फरवरी 2015 में पूर्व नगर परिषद ने यातायात को व्यवस्थित करने के लिए राजधानी की तर्ज पर शहर के गीता भवन चौक, महाराज अग्रसेन चौक, मामा-भांजा चौक, कालूपुर चुंगी पर 40 लाख रुपये खर्च ट्रैफिक लाइट लगवाई थी। इन्हें जब चालू किया गया तो यह ठीक तरह से काम नहीं कर रही थी। हालांकि इनकी खराबी के कारणों का पता नहीं चल पा रहा था। इतना ही नहीं 15 दिन पहले निगम के एरिया में आने वाले मुरथल चौक और बीसवां मील चौक पर 18 लाख रुपये खर्च कर रेड लाइट लगवा दी, जो अब तक चालू नहीं हो सकी है।
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निगम प्रशासन को अब पता चला, आखिर कहां है फाल्ट
शहर के चारों तरफ लगाई गई सभी रेड लाइटों को सौर ऊर्जा प्लेट से चालू किया गया था। इसकी देखरेख की जिम्मेवारी दिल्ली की एक कंपनी को दी गई, लेकिन ये फार्मूला कामयाब नहीं हुआ। एक भी सिग्नल काम नहीं कर सका। अब पता चला है कि सौर ऊर्जा प्लेट की वजह से दिक्कत आ रही है। ऐसे में निगम ने प्लेट को हटाकर पावर से सिग्नल चलाने का फैसला किया है।
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अधिकारी बोले, निगम कार्यालय में लगाएंगे सोलर प्लेट
सौर ऊजा की प्लेट के सहारे शहर के ट्रैफिक सिग्नल चालू करने की योजना थी, जो फेल हो गई। अब उन्हें हटाने का निर्णय लिया गया है। वहीं इन प्लेटों का अब निगम कार्यालय और साथ में बने पार्क में लाइट जलाने के काम में लाया जाएगा। इससे रात के समय में निगम कार्यालय और पार्क में लाइट चली जाने के बाद भी रोशनी रह सकेगी।
शहर के चारों तरफ लगाई गई रेड लाइटों को सौर ऊर्जा की प्लेटों से जोड़ा गया था, लेकिन यह कामयाब नहीं हो पाई। अब सभी को बिजली की लाइन से जोड़ने का फैसला लिया गया है।
-ठाकुरलाल शर्मा, एक्सईएन नगर निगम
शहर में दिन प्रतिदिन वाहनों की संख्या बढ़ रही है जिस कारण रेड लाइटें लगवाई गई थी लेकिन खराबी के चलते ये चालू नहीं हो पाई थी अब जल्द ही इन्हें ठीक कराया जाएगा।
-अश्वनी मेंगी, कमिश्नर, नगर निगम