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खापों का नहीं कोई अस्तित्व, जाट समुदाय से कर रहीं विश्वासघात
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 05 Jun 2016 12:23 AM IST
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए मूलचंद दहिया व अन्य
- फोटो : bureau
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष मूलचंद दहिया का कहना है कि प्रदेश में खापों का अस्तित्व काफी पहले खत्म हो चुका है। खाप जाट समाज के साथ विश्वासघात कर रही हैं। फिर भी प्रदेश सरकार खाप नेताओं से बातचीत कर रही हैं। अगर सरकार जाट आरक्षण देकर निर्दोष लोगों पर बनाए केस वापस लेती हैं तो धरना-प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। दहिया शनिवार को अनाज मंडी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
दहिया ने कहा कि जाट समुदाय को धरने-प्रदर्शन व आंदोलन करने पर सरकार मजबूर कर रही है। क्योंकि सरकार ने जितनी देरी से जाट समाज को आरक्षण दिया, उससे जल्दी आरक्षण छीन भी लिया। अबकी बार जाट समुदाय कोई आंदोलन नहीं करेगा, बल्कि जिलास्तर पर प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यह धरना-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती। मूलचंद दहिया ने कहा कि समिति द्वारा रविवार को मैय्यड़ में धरने-प्रदर्शन का आगाज शुरू कर जिलास्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा 6 जून को दिल्ली के जाट दिल्ली में रोड जाम करेंगे। जहां समिति उनका समर्थन करेगी। इसके अलावा 13 राज्यों में यह धरने होंगे। अगर इन राज्यों में कहीं भी आंदोलन व रोड जाम होता है तो हरियाणा के जाट उनका वहीं जाकर समर्थन करेंगे। क्योंकि आरक्षण जाटों का हक है। मूलचंद ने कहा कि सरकार ने 31 मार्च को अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी, लेकिन अबकी बार सरकार उन खाप नेताओं के साथ बैठक कर रही है। जिन खापों का अस्तित्व कई सालों पहले समाप्त हो चुका है। यह सभी अपने द्वारा बनाई गई खापें हैं। जो जाट समुदाय के विश्वासघात कर रही हैं। इसीलिए सरकार को उन लोगों की मांगों को मानना चाहिए जिसके साथ प्रदेश के लोग जुड़े हुए हैं।
भड़काऊ बयान देने वाले डीजीपी पर की जाए कानूनी कार्रवाई
समिति के जिलाध्यक्ष डॉ. राजेश दहिया ने कहा कि जो लोग अपनी मांगों को सरकार के सामने रखते हैं उनके खिलाफ तो सरकार देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर देती है और इसी सरकार के डीजीपी ऐसे भड़काऊ बयान देते हैं उन पर कोई कार्रवाई तक नहीं करता। उनकी मांग है कि डीजीपी पर कानूनी कार्रवाई की जाए। क्योंकि ऐसे भड़काऊ भाषणों से अगर भविष्य में कोई अनहोनी होती है उसकी जिम्मेदार सरकार होगी। उन्होंने कहा कि सरकार एक मांग को मान ले, चाहे वह युवाओं पर देशद्रोह का मामला हो या फिर आरक्षण देने की मांग हो। अगर सरकार इन मांगों को पूरा करती है तो वे धरना-प्रदर्शन नहीं करेंगे, नहीं तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके अलावा जिला सचिव सुरेंद्र छिक्कारा ने कहा कि सरकार ने सैनी, गुज्जर और यादव जाति को आरक्षण दिया गया है। ये तीनों जातियों के लोग किसान हैं। जाट जाति भी किसान है अगर इन तीनों जातियों को किसानों के अनुसार आरक्षण दिया गया है तो जाटों को भी आरक्षण मिलना चाहिए। जब तक आरक्षण में किसान रहेगा तब तक जाट भी आरक्षण की मांग करता रहेगा। इस मौके पर भाकियू नेता सत्यवान नरवाल भी उपस्थित थे।
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दहिया ने कहा कि जाट समुदाय को धरने-प्रदर्शन व आंदोलन करने पर सरकार मजबूर कर रही है। क्योंकि सरकार ने जितनी देरी से जाट समाज को आरक्षण दिया, उससे जल्दी आरक्षण छीन भी लिया। अबकी बार जाट समुदाय कोई आंदोलन नहीं करेगा, बल्कि जिलास्तर पर प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यह धरना-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती। मूलचंद दहिया ने कहा कि समिति द्वारा रविवार को मैय्यड़ में धरने-प्रदर्शन का आगाज शुरू कर जिलास्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा 6 जून को दिल्ली के जाट दिल्ली में रोड जाम करेंगे। जहां समिति उनका समर्थन करेगी। इसके अलावा 13 राज्यों में यह धरने होंगे। अगर इन राज्यों में कहीं भी आंदोलन व रोड जाम होता है तो हरियाणा के जाट उनका वहीं जाकर समर्थन करेंगे। क्योंकि आरक्षण जाटों का हक है। मूलचंद ने कहा कि सरकार ने 31 मार्च को अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी, लेकिन अबकी बार सरकार उन खाप नेताओं के साथ बैठक कर रही है। जिन खापों का अस्तित्व कई सालों पहले समाप्त हो चुका है। यह सभी अपने द्वारा बनाई गई खापें हैं। जो जाट समुदाय के विश्वासघात कर रही हैं। इसीलिए सरकार को उन लोगों की मांगों को मानना चाहिए जिसके साथ प्रदेश के लोग जुड़े हुए हैं।
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भड़काऊ बयान देने वाले डीजीपी पर की जाए कानूनी कार्रवाई
समिति के जिलाध्यक्ष डॉ. राजेश दहिया ने कहा कि जो लोग अपनी मांगों को सरकार के सामने रखते हैं उनके खिलाफ तो सरकार देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर देती है और इसी सरकार के डीजीपी ऐसे भड़काऊ बयान देते हैं उन पर कोई कार्रवाई तक नहीं करता। उनकी मांग है कि डीजीपी पर कानूनी कार्रवाई की जाए। क्योंकि ऐसे भड़काऊ भाषणों से अगर भविष्य में कोई अनहोनी होती है उसकी जिम्मेदार सरकार होगी। उन्होंने कहा कि सरकार एक मांग को मान ले, चाहे वह युवाओं पर देशद्रोह का मामला हो या फिर आरक्षण देने की मांग हो। अगर सरकार इन मांगों को पूरा करती है तो वे धरना-प्रदर्शन नहीं करेंगे, नहीं तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके अलावा जिला सचिव सुरेंद्र छिक्कारा ने कहा कि सरकार ने सैनी, गुज्जर और यादव जाति को आरक्षण दिया गया है। ये तीनों जातियों के लोग किसान हैं। जाट जाति भी किसान है अगर इन तीनों जातियों को किसानों के अनुसार आरक्षण दिया गया है तो जाटों को भी आरक्षण मिलना चाहिए। जब तक आरक्षण में किसान रहेगा तब तक जाट भी आरक्षण की मांग करता रहेगा। इस मौके पर भाकियू नेता सत्यवान नरवाल भी उपस्थित थे।
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