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शिशु नर्सरी में लगी आग, नौनिहालों को बचाने के लिए मची चीखपुकार
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Wed, 27 Apr 2016 12:10 AM IST
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नागरिक अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड, जिसमें लगी थी आग।
- फोटो : bureau
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सिविल अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से आम लोगों की जान आफत में आ रही है। मंगलवार सुबह शिशु नर्सरी, एसएनसीयू (सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट) के अंदर शार्ट सर्किट से पंखे में आग लग गई। आग से पूरी यूनिट में धुआं फैल गया। घबराएं परिजनों ने किसी तरह बच्चों को बाहर निकाला। इतना ही नहीं, मरीजों का आरोप है कि चार दिन से यूनिट में तारों के जलने की बदबू महसूस की जा रही थी। इससे डॉक्टरों और नर्सों को अवगत भी कराया गया था, लेकिन उन्होंने एयरकंडीशनर से बदबू आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
इतना ही नहीं, अस्पताल में एक्सपायरी डेट के अग्निशमन सिलेंडर लगे हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन बदलने की जहमत नहीं उठा रहा। यह हालत तब है जब डीसी तक सिलेंडरों को बदलने की हिदायत दे चुके हैं।
सिविल अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए अलग से एसएनसीयू स्थापित है। इस यूनिट में उन नवजात शिशुओं को रखा जाता है, जिनकी हालत ज्यादा गंभीर होती है। मंगलवार सुबह करीब छह बजे नर्सरी के वेटिंग रूम में लगे पंखे में शार्ट सर्किट होने से आग लग गई। आग लगने के बाद एसएनसीयू में धुआं फैल गया। इसके बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई। नर्सरी में बच्चों को दूध पिलाने गई माताओं को बच्चों को एसएनसीयू से बाहर लाने के लिए मजबूर होना पड़ा। गनीमत यह रही कि उस वेटिंग रूम के अंदर कोई नहीं था, जहां पर यह घटना हुई।
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सफाई कर्मचारी ने भी सोमवार शाम को बताई थी बदबू आने की बात
परिजनों का कहना है कि एसएनसीयू मेें बदबू आने की सूचना को एक सफाई कर्मचारी ने सोमवार शाम को भी बताया था, लेकिन सूचना देने के बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से अनदेखी की गई। इससे नवजात शिशुओं और प्रसूति महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक्सपायरी डेट के लगे हैं आग बुझाने के उपकरण
सिविल अस्पताल में आग बुझाने के लिए उपकरण भी एक्सपायरी डेट के लगे हैं। एक्सपायरी डेट के आग बुझाने के सिलेंडरों पर अमर उजाला समाचार पत्र पहले भी प्रमुखता से 11 अप्रैल को खबर प्रकाशित कर चुका है। लापरवाही का आलम यह है कि अस्पताल प्रशासन और सिविल सर्जन को इससे अवगत कराए जाने के बाद भी अभी तक इन एक्सपायरी सिलेंडरों को बदला नहीं गया। नागरिक अस्पताल में आग पर काबू पाने का कोई भी प्रबंध नहीं है। इससे साफ झलकता है कि अस्पताल प्रशासन इस और कोई कदम नहीं उठा रहा है।
पहले भी लग चुकी है अस्पताल के कंट्रोल रूम में आग
नागरिक अस्पताल की हर गतिविधि को ऑनलाइन करने के लिए पहली मंजिल पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां लगभग दो माह पहले शॉर्ट सर्किट के चलते आग गई थी। हालांकि समय रहते इस पर काबू पा लिया गया था। आग लगने के बाद ऑनलाइन सिस्टम ठप हो गए थे।
अस्पताल में बनी नर्सरी के वेटिंग रूम में दीवार पर लगे पंखे में स्पार्किंग हुई थी। उस समय वेटिंग रूम में कोई नहीं था। पंखा कुछ समय पहले ही नया लगाया गया है। इलेक्ट्रीशियन को हिदायत दी गई है कि जांच करो कैसे स्पार्किंग हुई है। इस हादसे से कोई हताहत नहीं हुआ है।
-डॉ. सीपी अरोड़ा, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल
अस्पताल में लगे एक्पायरी डेट के लगे सिलेंडरों के संबंध में अधिकारियों से बातचीत की गई थी, उसके बाद भी सिलेंडर नहीं बदले गए हैं। अगर मंगलवार को अस्पताल में कोई हादसा हुआ है तो दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-केएम पांडुरंग, जिला उपायुक्त, सोनीपत
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इतना ही नहीं, अस्पताल में एक्सपायरी डेट के अग्निशमन सिलेंडर लगे हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन बदलने की जहमत नहीं उठा रहा। यह हालत तब है जब डीसी तक सिलेंडरों को बदलने की हिदायत दे चुके हैं।
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सिविल अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए अलग से एसएनसीयू स्थापित है। इस यूनिट में उन नवजात शिशुओं को रखा जाता है, जिनकी हालत ज्यादा गंभीर होती है। मंगलवार सुबह करीब छह बजे नर्सरी के वेटिंग रूम में लगे पंखे में शार्ट सर्किट होने से आग लग गई। आग लगने के बाद एसएनसीयू में धुआं फैल गया। इसके बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई। नर्सरी में बच्चों को दूध पिलाने गई माताओं को बच्चों को एसएनसीयू से बाहर लाने के लिए मजबूर होना पड़ा। गनीमत यह रही कि उस वेटिंग रूम के अंदर कोई नहीं था, जहां पर यह घटना हुई।
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सफाई कर्मचारी ने भी सोमवार शाम को बताई थी बदबू आने की बात
परिजनों का कहना है कि एसएनसीयू मेें बदबू आने की सूचना को एक सफाई कर्मचारी ने सोमवार शाम को भी बताया था, लेकिन सूचना देने के बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से अनदेखी की गई। इससे नवजात शिशुओं और प्रसूति महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक्सपायरी डेट के लगे हैं आग बुझाने के उपकरण
सिविल अस्पताल में आग बुझाने के लिए उपकरण भी एक्सपायरी डेट के लगे हैं। एक्सपायरी डेट के आग बुझाने के सिलेंडरों पर अमर उजाला समाचार पत्र पहले भी प्रमुखता से 11 अप्रैल को खबर प्रकाशित कर चुका है। लापरवाही का आलम यह है कि अस्पताल प्रशासन और सिविल सर्जन को इससे अवगत कराए जाने के बाद भी अभी तक इन एक्सपायरी सिलेंडरों को बदला नहीं गया। नागरिक अस्पताल में आग पर काबू पाने का कोई भी प्रबंध नहीं है। इससे साफ झलकता है कि अस्पताल प्रशासन इस और कोई कदम नहीं उठा रहा है।
पहले भी लग चुकी है अस्पताल के कंट्रोल रूम में आग
नागरिक अस्पताल की हर गतिविधि को ऑनलाइन करने के लिए पहली मंजिल पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां लगभग दो माह पहले शॉर्ट सर्किट के चलते आग गई थी। हालांकि समय रहते इस पर काबू पा लिया गया था। आग लगने के बाद ऑनलाइन सिस्टम ठप हो गए थे।
अस्पताल में बनी नर्सरी के वेटिंग रूम में दीवार पर लगे पंखे में स्पार्किंग हुई थी। उस समय वेटिंग रूम में कोई नहीं था। पंखा कुछ समय पहले ही नया लगाया गया है। इलेक्ट्रीशियन को हिदायत दी गई है कि जांच करो कैसे स्पार्किंग हुई है। इस हादसे से कोई हताहत नहीं हुआ है।
-डॉ. सीपी अरोड़ा, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल
अस्पताल में लगे एक्पायरी डेट के लगे सिलेंडरों के संबंध में अधिकारियों से बातचीत की गई थी, उसके बाद भी सिलेंडर नहीं बदले गए हैं। अगर मंगलवार को अस्पताल में कोई हादसा हुआ है तो दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-केएम पांडुरंग, जिला उपायुक्त, सोनीपत