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केंद्र से नहीं मिला बजट एसटीपी का निर्माण लटका
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 10 Jul 2016 11:57 PM IST
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ककरोई रोड पर अधर में लटका पड़ा निर्माणाधीन एसटीपी का कार्य
- फोटो : bureau
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पिछले डेढ़ साल से केंद्र से बजट नहीं मिलने से जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जा रहा निर्माणाधीन मलजल उपचार संयंत्र (एसटीपी) का निर्माण अधर में लटका है। इससे शहर की सीवर व्यवस्था चरमराई हुई है। इससे शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में सीवर के गंदे पानी के शोधन के लिए राठधना रोड पर सिर्फ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा है। सारे शहर का गंदा पानी यहीं संशोधित होकर ड्रेन नंबर आठ में डाला जाता है। आबादी बढ़ने और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता कम होने से शहर की सीवर व्यवस्था गड़बड़ा रही है। जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग ने भविष्य में शहर की सीवर व्यवस्था सुचारु रखने के लिए लाइन पार पश्चिमी हिस्से की सीवर व्यवस्था अलग करने का निर्णय लिया गया था। विभाग ने सीवर व्यवस्था को सुचारु करने के लिए ककरोई रोड पर एक एसटीपी के निर्माण का निर्णय लिया था। इस संबंध में विभाग ने प्लांट के लिए ककरोई रोड पर जमालपुरा खुर्द की करीब 9 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। 50 करोड़ रुपये एसटीपी के निर्माण में खर्च होने थे। वहीं बजट नहीं मिलने से एसटीपी के निर्माण में 40 करोड़ खर्च ही हो पाए। इसमें 10 करोड़ रुपये ठेकेदार के फंस गए है। ठेकेदार को पैसे नहीं मिलने से पिछले डेढ़ साल से निर्माण कार्य अधर में लटका पड़ा है।
केंद्र द्वारा 70 प्रतिशत व प्रदेश सरकार की ओर से 30 प्रतिशत राशि खर्च
25 एमएलडी के इस एसटीपी के निर्माण से सेक्टर-23 तथा रेलवे लाइन के पश्चिम क्षेत्र के सभी सीवर के गंदे पानी का शोधन करके ककरोई ड्रेन में डाला जाना है। इसे किसान अपने खेत में सिंचाई के लिए प्रयोग कर सकेंगे। सोनीपत के इस क्षेत्र के समस्त सीवरों के गंदे पानी को एसटीपी तक लाने के लिए 12 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन का काम पूरा हो चुका है तथा 130 मीटर सीवर लाइन का काम भी अधर में लटका है। केंद्र की ओर से 70 प्रतिशत और प्रदेश की ओर से 30 प्रतिशत राशि खर्च की जानी है।
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कैबिनेट मंत्री कविता जैन व केंद्रीय राज्य मंत्री सांवर लाल जाट भी कर चुके हैं दौरा
कैबिनेट मंत्री कविता जैन और केंद्रीय राज्यमंत्री सांवर लाल जाट ककरोई रोड पर बजट की राशि नहीं मिलने से अधर में लटके निर्माणाधीन एसटीपी के निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर चुके हैं। हालांकि मंत्रियों के आश्वासन के बावजूद भी विभाग को बजट राशि नहीं मिल पा रही। जिससे विभाग के साथ-साथ आम जनता को भी भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
केंद्र सरकार की ओर से नहीं मिल रही राशि
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एसटीपी के निर्माण में 50 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसकी 70 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की ओर से व 30 प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार की ओर से खर्च की जानी है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से एसटीपी निर्माण कार्य की करीब 15 करोड़ रूपये की राशि न मिलने से कार्य अधर में लटका पड़ा है।
ककरोई रोड पर निर्माणाधीन एसटीपी का काम बाधित पड़ा है। केंद्र से बजट की राशि समय पर नहीं मिलने से यह समस्या है। जैसे ही केंद्र की ओर से 15 करोड़ रुपये मुहैया हो जाएंगे तो अधर में लटके में एसटीपी के निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-ईश्वर जैन, एसई, जनस्वास्थ्य विभाग
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शहर में सीवर के गंदे पानी के शोधन के लिए राठधना रोड पर सिर्फ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा है। सारे शहर का गंदा पानी यहीं संशोधित होकर ड्रेन नंबर आठ में डाला जाता है। आबादी बढ़ने और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता कम होने से शहर की सीवर व्यवस्था गड़बड़ा रही है। जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग ने भविष्य में शहर की सीवर व्यवस्था सुचारु रखने के लिए लाइन पार पश्चिमी हिस्से की सीवर व्यवस्था अलग करने का निर्णय लिया गया था। विभाग ने सीवर व्यवस्था को सुचारु करने के लिए ककरोई रोड पर एक एसटीपी के निर्माण का निर्णय लिया था। इस संबंध में विभाग ने प्लांट के लिए ककरोई रोड पर जमालपुरा खुर्द की करीब 9 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। 50 करोड़ रुपये एसटीपी के निर्माण में खर्च होने थे। वहीं बजट नहीं मिलने से एसटीपी के निर्माण में 40 करोड़ खर्च ही हो पाए। इसमें 10 करोड़ रुपये ठेकेदार के फंस गए है। ठेकेदार को पैसे नहीं मिलने से पिछले डेढ़ साल से निर्माण कार्य अधर में लटका पड़ा है।
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केंद्र द्वारा 70 प्रतिशत व प्रदेश सरकार की ओर से 30 प्रतिशत राशि खर्च
25 एमएलडी के इस एसटीपी के निर्माण से सेक्टर-23 तथा रेलवे लाइन के पश्चिम क्षेत्र के सभी सीवर के गंदे पानी का शोधन करके ककरोई ड्रेन में डाला जाना है। इसे किसान अपने खेत में सिंचाई के लिए प्रयोग कर सकेंगे। सोनीपत के इस क्षेत्र के समस्त सीवरों के गंदे पानी को एसटीपी तक लाने के लिए 12 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन का काम पूरा हो चुका है तथा 130 मीटर सीवर लाइन का काम भी अधर में लटका है। केंद्र की ओर से 70 प्रतिशत और प्रदेश की ओर से 30 प्रतिशत राशि खर्च की जानी है।
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कैबिनेट मंत्री कविता जैन व केंद्रीय राज्य मंत्री सांवर लाल जाट भी कर चुके हैं दौरा
कैबिनेट मंत्री कविता जैन और केंद्रीय राज्यमंत्री सांवर लाल जाट ककरोई रोड पर बजट की राशि नहीं मिलने से अधर में लटके निर्माणाधीन एसटीपी के निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर चुके हैं। हालांकि मंत्रियों के आश्वासन के बावजूद भी विभाग को बजट राशि नहीं मिल पा रही। जिससे विभाग के साथ-साथ आम जनता को भी भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
केंद्र सरकार की ओर से नहीं मिल रही राशि
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एसटीपी के निर्माण में 50 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसकी 70 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की ओर से व 30 प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार की ओर से खर्च की जानी है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से एसटीपी निर्माण कार्य की करीब 15 करोड़ रूपये की राशि न मिलने से कार्य अधर में लटका पड़ा है।
ककरोई रोड पर निर्माणाधीन एसटीपी का काम बाधित पड़ा है। केंद्र से बजट की राशि समय पर नहीं मिलने से यह समस्या है। जैसे ही केंद्र की ओर से 15 करोड़ रुपये मुहैया हो जाएंगे तो अधर में लटके में एसटीपी के निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-ईश्वर जैन, एसई, जनस्वास्थ्य विभाग