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एक घंटे खंगाला रिकॉर्ड, मिली त्रुटियां, चेतावनी देकर छोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sat, 19 Mar 2016 12:13 AM IST
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डॉक्टर से बातचीत करते हुए सीएमओ जेएस पूनिया
- फोटो : bureau
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लिंग जांच की पुख्ता सूचना पर शुक्रवार दोपहर सीएमओ जेएस पूनिया और डिप्टी सीएमओ आदर्श शर्मा ने शहर के एक निजी अस्पताल पर छापा मारा। बकौल सीएमओ रिकॉर्ड की जांच के दौरान कुछ त्रुटियां मिली हैं। डॉक्टर को अच्छी तरह से महिला मरीजों का रिकॉर्ड रखने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। हालांकि किसी तरह के लिंग जांच या गैरकानूनी तरीके से गर्भपात कराने के सबूत नहीं मिल सके।
सीएमओ ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि गोहाना के एक निजी अस्पताल में बाहर से महिला मरीजों को दाखिल कराया जाता है। यहां गैरकानूनी तरीके से लिंग जांच की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। योजना के तहत शुक्रवार दोपहर सीएमओ और डिप्टी सीएमओ गोहाना पहुंचे और गोहाना के एएसएमओ डॉक्टर कर्मवीर को साथ लेकर निजी अस्पताल में दबिश दी। टीम को देखकर अस्पताल प्रबंधन एक बार तो सकते में आ गया। टीम ने रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। रिकॉर्ड के साथ-साथ, गायनी रूम और मशीनों को चेक किया है। महिला मरीजों की आईडी ली गई हैं। अस्पताल में गोहाना और जींद के कई मरीज आए थे। टीम ने उनसे फोन पर बातचीत कर पूछताछ की है, लेकिन किसी ने कोई शिकायत नहीं की है। रिकॉर्ड रखने में जरूर कुछ त्रुटियां मिलीं। अस्पताल के डॉक्टरों को उन्हें सही से रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में किसी भी सूचना देने के लिए कई हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं। उन्हें अगर रात को भी किसी के खिलाफ शिकायत मिलती है तो वहां जाकर जांच की जाती है। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है। जो भी निजी अस्पताल गलत तरीके से जांच करता पाया गया उसे बख्शा नहीं जाएगा। जहां नियमों के तहत काम किया जा रहा है, उन्हें बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा।
एक साल में मारे 16 छापे
सीएमओ ने बताया कि गत वर्ष हमने जिलेभर में 16 छापे मारे थे। जिसका परिणाम यह निकला कि जो लिंगानुपात पहले 830 होता था वह आज 930 पहुंच गया है। इसके अलावा सोनीपत जिला पहले 19वें नंबर पर था और आज हरियाणा में छठे नंबर पर है।
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गोहाना के निजी अस्पताल में लिंग जांच करने की पुख्ता सूचना मिली थी। उसी आधार पर 35 किलोमीटर दूर उन्होंने खुद छापा मारकर जांच की, लेकिन जांच में पुख्ता सबूत नहीं मिल सके। रिकॉर्ड में जरूर कुछ त्रुटियां मिली, जिन्हें दूर करने की हिदायत दी गई है।
-जेएस पूनिया, सीएमओ
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सीएमओ ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि गोहाना के एक निजी अस्पताल में बाहर से महिला मरीजों को दाखिल कराया जाता है। यहां गैरकानूनी तरीके से लिंग जांच की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। योजना के तहत शुक्रवार दोपहर सीएमओ और डिप्टी सीएमओ गोहाना पहुंचे और गोहाना के एएसएमओ डॉक्टर कर्मवीर को साथ लेकर निजी अस्पताल में दबिश दी। टीम को देखकर अस्पताल प्रबंधन एक बार तो सकते में आ गया। टीम ने रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। रिकॉर्ड के साथ-साथ, गायनी रूम और मशीनों को चेक किया है। महिला मरीजों की आईडी ली गई हैं। अस्पताल में गोहाना और जींद के कई मरीज आए थे। टीम ने उनसे फोन पर बातचीत कर पूछताछ की है, लेकिन किसी ने कोई शिकायत नहीं की है। रिकॉर्ड रखने में जरूर कुछ त्रुटियां मिलीं। अस्पताल के डॉक्टरों को उन्हें सही से रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में किसी भी सूचना देने के लिए कई हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं। उन्हें अगर रात को भी किसी के खिलाफ शिकायत मिलती है तो वहां जाकर जांच की जाती है। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है। जो भी निजी अस्पताल गलत तरीके से जांच करता पाया गया उसे बख्शा नहीं जाएगा। जहां नियमों के तहत काम किया जा रहा है, उन्हें बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा।
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एक साल में मारे 16 छापे
सीएमओ ने बताया कि गत वर्ष हमने जिलेभर में 16 छापे मारे थे। जिसका परिणाम यह निकला कि जो लिंगानुपात पहले 830 होता था वह आज 930 पहुंच गया है। इसके अलावा सोनीपत जिला पहले 19वें नंबर पर था और आज हरियाणा में छठे नंबर पर है।
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गोहाना के निजी अस्पताल में लिंग जांच करने की पुख्ता सूचना मिली थी। उसी आधार पर 35 किलोमीटर दूर उन्होंने खुद छापा मारकर जांच की, लेकिन जांच में पुख्ता सबूत नहीं मिल सके। रिकॉर्ड में जरूर कुछ त्रुटियां मिली, जिन्हें दूर करने की हिदायत दी गई है।
-जेएस पूनिया, सीएमओ