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31 दिसंबर तक पूरा होगी कृषि जनगणना
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Fri, 15 Jul 2016 12:07 AM IST
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तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, कानूनगो और पटवारियों की बैठक लेते हुए डीआरओ सुरेश कुमार
- फोटो : bureau
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जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि किसानों के विषय में संपूर्ण जानकारी जुटाने के लिए कृषि जनगणना की जा रही है। 1 जुलाई से प्रारंभ हुई कृषि जनगणना का कार्य 31 दिसंबर तक चलेगा। इसमें किसानों की भूमि आदि से संबंधित तमाम जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे कृषि एवं किसानों के लिए बेहतरीन नीति निर्माण करने में मदद मिलेगी।
कृषि जनगणना विषय को लेकर गुरुवार को लघु सचिवालय के सभागार में राजस्व अधिकारियों की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार ने की। बैठक में जिले के सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, कानूनगो और पटवारियों ने हिस्सा लिया। बैठक को संबोधित करते जिला राजस्व अधिकारी ने कृषि जनगणना के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि जनगणना को पहले सही प्रकार से समझना चाहिए ताकि यह कार्य सही प्रकार से संपन्न हो सके।
जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि सभी तहसीलदारों की देखरेख में कृषि जनगणना का कार्य होगा। कृषि जनगणना में किसानों से संबंधित तमाम प्रकार की जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें किसानों की जमीन की पूरी जानकारी होगी चाहे वह सिंचित भूमि हो अथवा असिंचित भूमि हो या फिर पट्टे पर दी गई भूमि हो। उन्होंने कहा कि कृषि जनगणना को आधार से भी जोड़ना है। आधार से लिंक करते समय विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस दौरान चंडीगढ़ से आये विशेषज्ञों ने नायब तहसीलदार, कानूनगो तथा पटवारियों को कृषि जनगणना का प्रशिक्षण प्रदान किया। इस मौके पर तहसीलदार हरिओम अत्री, तहसीलदार शिवकुमार, नायब तहसीलदार देशराज कंबोज सहित अन्य सभी तहसीलदार एवं नायब तथा कानूनगो और पटवारी मौजूद थे।
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कृषि जनगणना विषय को लेकर गुरुवार को लघु सचिवालय के सभागार में राजस्व अधिकारियों की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार ने की। बैठक में जिले के सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, कानूनगो और पटवारियों ने हिस्सा लिया। बैठक को संबोधित करते जिला राजस्व अधिकारी ने कृषि जनगणना के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि जनगणना को पहले सही प्रकार से समझना चाहिए ताकि यह कार्य सही प्रकार से संपन्न हो सके।
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जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि सभी तहसीलदारों की देखरेख में कृषि जनगणना का कार्य होगा। कृषि जनगणना में किसानों से संबंधित तमाम प्रकार की जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें किसानों की जमीन की पूरी जानकारी होगी चाहे वह सिंचित भूमि हो अथवा असिंचित भूमि हो या फिर पट्टे पर दी गई भूमि हो। उन्होंने कहा कि कृषि जनगणना को आधार से भी जोड़ना है। आधार से लिंक करते समय विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस दौरान चंडीगढ़ से आये विशेषज्ञों ने नायब तहसीलदार, कानूनगो तथा पटवारियों को कृषि जनगणना का प्रशिक्षण प्रदान किया। इस मौके पर तहसीलदार हरिओम अत्री, तहसीलदार शिवकुमार, नायब तहसीलदार देशराज कंबोज सहित अन्य सभी तहसीलदार एवं नायब तथा कानूनगो और पटवारी मौजूद थे।
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