{"_id":"56e850b64f1c1bce458b4569","slug":"sonipat-news-government-electricity-bill-pendig","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी विभागों पर ही बिजली निगम का 17 करोड़ बकाया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी विभागों पर ही बिजली निगम का 17 करोड़ बकाया
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Tue, 15 Mar 2016 11:45 PM IST
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बिजली निगम को पब्लिक के बीच के डिफाल्टरों से ही नहीं सरकारी विभागों से भी बकाए के लिए दो-दो हाथ करने पड़ रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो सरकारी विभागों पर ही निगम की 17 करोड़ की राशि बकाया है। इसमें अकेले पब्लिक हेल्थ को ही 9 करोड़ 94 लाख रुपये का भुगतान करना है। वित्त वर्ष के अंतिम महीने में विभाग को उम्मीद है कि ज्यादातर विभाग अपनी बकाया राशि जमा करा देंगे। इसके लिए एसई ने डिफाल्टर विभागों की सूची चंडीगढ़ मुख्यालय भेजी है।
निगम के मुताबिक आम जनता को बकाया बिजली के बिल भरने के लिए बार-बार बिजली विभाग द्वारा लोक अदालत का सहारा लेकर वसूली की जाती है या कनेक्शन काट दिया जाता हैं। जबकि सरकारी विभागों पर कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई कभी-कभार ही देखने को मिलती है। विभागों के बीच पत्र व्यवहार के माध्यम से बकाया राशि का भुगतान मांगा जाता है। हालांकि यह तरीका बहुत कारगर नहीं होता है। इस तरह करोड़ों रुपये की राशि सरकारी विभागों में अटकी पड़ी रहती है।
आला अधिकारियों के कार्यालय तक पर लाखों बकाया
निगम द्वारा तैयार की गई बिजली के बिल न भरने वालों की सूची में सोनीपत जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के कार्यालय भी पीछे नहीं हैं। डीसी कार्यालय से लेकर एसडीएम कार्यालय, शिक्षा विभाग, नगर निगम, पुलिस विभाग, खेल विभाग, सरकारी अस्पताल, बीडीपीओ ऑफिस, तहसील कार्यालय, रोडवेज के साथ-साथ गन्नौर की नगर पालिका तक के बिल बकाया हैं। इतना ही नहीं, पब्लिक हेल्थ, शिक्षा विभाग, एसडीएम सोनीपत, नगर निगम, पुलिस विभाग व नगर पालिका गन्नौर के अलावा हुडा संपदा अधिकारी कार्यालय सोनीपत सहित कई बकाएदार ऐसे हैं जिन पर लगभग 15 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बकाया है।
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आने वाले बजट से है आस
एसई एसएन शर्मा ने बताया है कि अब जल्द ही बजट आने वाला है। हमें आशा है कि बिजली के बिलों पर भी ध्यान दिया जाएगा। अगर बजट के बाद भी बिल ज्यादा बकाया रहते है तो फिर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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निगम के मुताबिक आम जनता को बकाया बिजली के बिल भरने के लिए बार-बार बिजली विभाग द्वारा लोक अदालत का सहारा लेकर वसूली की जाती है या कनेक्शन काट दिया जाता हैं। जबकि सरकारी विभागों पर कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई कभी-कभार ही देखने को मिलती है। विभागों के बीच पत्र व्यवहार के माध्यम से बकाया राशि का भुगतान मांगा जाता है। हालांकि यह तरीका बहुत कारगर नहीं होता है। इस तरह करोड़ों रुपये की राशि सरकारी विभागों में अटकी पड़ी रहती है।
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आला अधिकारियों के कार्यालय तक पर लाखों बकाया
निगम द्वारा तैयार की गई बिजली के बिल न भरने वालों की सूची में सोनीपत जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के कार्यालय भी पीछे नहीं हैं। डीसी कार्यालय से लेकर एसडीएम कार्यालय, शिक्षा विभाग, नगर निगम, पुलिस विभाग, खेल विभाग, सरकारी अस्पताल, बीडीपीओ ऑफिस, तहसील कार्यालय, रोडवेज के साथ-साथ गन्नौर की नगर पालिका तक के बिल बकाया हैं। इतना ही नहीं, पब्लिक हेल्थ, शिक्षा विभाग, एसडीएम सोनीपत, नगर निगम, पुलिस विभाग व नगर पालिका गन्नौर के अलावा हुडा संपदा अधिकारी कार्यालय सोनीपत सहित कई बकाएदार ऐसे हैं जिन पर लगभग 15 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बकाया है।
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आने वाले बजट से है आस
एसई एसएन शर्मा ने बताया है कि अब जल्द ही बजट आने वाला है। हमें आशा है कि बिजली के बिलों पर भी ध्यान दिया जाएगा। अगर बजट के बाद भी बिल ज्यादा बकाया रहते है तो फिर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।