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‘समय पर दें आम आदमी को सस्ता न्याय’
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 20 Mar 2016 12:22 AM IST
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न्यायमूर्ति सूर्यकांत को स्मृति चिह्न भेंट करते जिला उपायुक्त केएम पांडुरंग।
- फोटो : bureau
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आम आदमी को सस्ता और समय पर न्याय मिलना चाहिए। इसके लिए बेंच के साथ-साथ बार भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करे। क्योंकि दोनों एक सिक्के के ही दो पहलू हैं। शनिवार को गन्नौर के रेलवे रोड पर स्थित छह करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए सब डिवीजनल ज्यूडिशियल कांप्लेक्स का उद्घाटन करते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन सूर्यकांत ने कही। उनके साथ हाईकोर्ट के जज एजी मसीह, परमजीत सिंह ढालीवाल और हरीपाल वर्मा भी गन्नौर पहुंचे थे।
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि छह करोड़ की लागत से बने इस आधुनिक न्यायिक परिसर का मुख्य उद्देश्य यह है कि गरीब और अर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को सस्ता और शीघ्र न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने नई भर्तियां की हैं, जिससे न्यायिक परिसर छोटे पड़ने लगे हैं। ऐसे में नये न्यायिक परिसरों का निर्माण तथा पुराने परिसरों की मरम्मत की जरूरत महसूस होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की भूमिका बहुत प्रमुख होती है और उन्हें अपनी गरिमा को बनाकर रखना चाहिए। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस श्योराण, उपायुक्त केएम पांडुरंग, पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग, एसीजेएम हुकुम सिंह, सीजेएम हर्षाली चौधरी, सीजेएम सुरेंद्र कुमार, एसीजे नरेंद्र सिंह, जेएमआईसी विक्रांत सिंह तथा एसडीएम सुरेंद्र कुमार ने न्याय अधिकारियों का स्वागत किया। इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अनूप दहिया, गन्नौर बार एसोसिएशन के प्रधान बृजेंद्र राठी, सचिव सुमित त्यागी, बीडीपीओ पूनम चंदा, एसडीओ पंकज गौड़, डॉ. अतर सिंह, एडवोकेट मुकेश कौशिक, सुंदर सिंह रापड़िया, आलोक त्यागी, अंकुर त्यागी, पवन कौशिक, प्रवीण कौशिक और कमलेश पांचाल भी मौजूद रही।
न्यायिक परिसर में अतिक्रमण पर रोक लगाने की हिदायत
कार्यक्रम में मौजूद जस्टिस एजी मसीह ने कहा कि न्यायिक परिसर का सही प्रकार से प्रयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग तो बन जाती है, किंतु उसकी मरम्मत नहीं हो पाती। इससे एक अच्छी चीज जल्द खराब होने लगती है। इसके अलावा उन्होंने न्यायिक परिसर में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण पर रोक लगाने की हिदायत दी।
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65 लाख की लागत से बनेगा ज्यूडिशियल मालखाना
सोनीपत में आपदा प्रबंधन भवन के निकट करीब 65 लाख रुपये की लागत से ज्यूडिशियल मालखाने का निर्माण किया जाएगा। इसकी आधारशिला शनिवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायमूर्ति एजी मसीह की विशिष्ट उपस्थिति में रखी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इस दौरान कुछ दिशानिर्देश भी दिए
सिविल जज ने भेंट की स्वलिखित पुस्तक
कार्यक्रम के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस श्योराण ने स्वलिखित पुस्तक ‘अर्द्धांगिनी: अवर बेटर हॉफ’ की प्रतियां न्यायमूर्ति सूर्यकांत सहित जस्टिस एजी मसीह, जस्टिस परमजीत सिंह ढालीवाल और जस्टिस हरिपाल वर्मा को भेंट की। पुस्तक रचना के लिए न्यायमूर्तियों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को बधाई दी।
खरखौदा में भी जल्द बनेगा न्यायिक परिसर
इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस श्योराण ने न्यायमूर्तियों से मांग की कि गन्नौर की तर्ज पर ही खरखौदा में भी न्यायिक परिसर का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए खरखौदा में भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आश्वासन दिया कि यदि भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो खरखौदा में भी कुछ ही महीनों में न्यायिक परिसर बनाने का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही नए उपमंडलों में भी न्यायिक परिसरों का निर्माण कराया जाएगा।
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जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि छह करोड़ की लागत से बने इस आधुनिक न्यायिक परिसर का मुख्य उद्देश्य यह है कि गरीब और अर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को सस्ता और शीघ्र न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने नई भर्तियां की हैं, जिससे न्यायिक परिसर छोटे पड़ने लगे हैं। ऐसे में नये न्यायिक परिसरों का निर्माण तथा पुराने परिसरों की मरम्मत की जरूरत महसूस होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की भूमिका बहुत प्रमुख होती है और उन्हें अपनी गरिमा को बनाकर रखना चाहिए। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस श्योराण, उपायुक्त केएम पांडुरंग, पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग, एसीजेएम हुकुम सिंह, सीजेएम हर्षाली चौधरी, सीजेएम सुरेंद्र कुमार, एसीजे नरेंद्र सिंह, जेएमआईसी विक्रांत सिंह तथा एसडीएम सुरेंद्र कुमार ने न्याय अधिकारियों का स्वागत किया। इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अनूप दहिया, गन्नौर बार एसोसिएशन के प्रधान बृजेंद्र राठी, सचिव सुमित त्यागी, बीडीपीओ पूनम चंदा, एसडीओ पंकज गौड़, डॉ. अतर सिंह, एडवोकेट मुकेश कौशिक, सुंदर सिंह रापड़िया, आलोक त्यागी, अंकुर त्यागी, पवन कौशिक, प्रवीण कौशिक और कमलेश पांचाल भी मौजूद रही।
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न्यायिक परिसर में अतिक्रमण पर रोक लगाने की हिदायत
कार्यक्रम में मौजूद जस्टिस एजी मसीह ने कहा कि न्यायिक परिसर का सही प्रकार से प्रयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग तो बन जाती है, किंतु उसकी मरम्मत नहीं हो पाती। इससे एक अच्छी चीज जल्द खराब होने लगती है। इसके अलावा उन्होंने न्यायिक परिसर में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण पर रोक लगाने की हिदायत दी।
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65 लाख की लागत से बनेगा ज्यूडिशियल मालखाना
सोनीपत में आपदा प्रबंधन भवन के निकट करीब 65 लाख रुपये की लागत से ज्यूडिशियल मालखाने का निर्माण किया जाएगा। इसकी आधारशिला शनिवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायमूर्ति एजी मसीह की विशिष्ट उपस्थिति में रखी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इस दौरान कुछ दिशानिर्देश भी दिए
सिविल जज ने भेंट की स्वलिखित पुस्तक
कार्यक्रम के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस श्योराण ने स्वलिखित पुस्तक ‘अर्द्धांगिनी: अवर बेटर हॉफ’ की प्रतियां न्यायमूर्ति सूर्यकांत सहित जस्टिस एजी मसीह, जस्टिस परमजीत सिंह ढालीवाल और जस्टिस हरिपाल वर्मा को भेंट की। पुस्तक रचना के लिए न्यायमूर्तियों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को बधाई दी।
खरखौदा में भी जल्द बनेगा न्यायिक परिसर
इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस श्योराण ने न्यायमूर्तियों से मांग की कि गन्नौर की तर्ज पर ही खरखौदा में भी न्यायिक परिसर का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए खरखौदा में भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आश्वासन दिया कि यदि भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो खरखौदा में भी कुछ ही महीनों में न्यायिक परिसर बनाने का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही नए उपमंडलों में भी न्यायिक परिसरों का निर्माण कराया जाएगा।